DRC: इबोला के मामलों की संख्या 3,200 के पार, भूख से राहत अभियान बाधित
संयुक्त राष्ट्र की खाद्य सहायता एजेंसी ने चेतावनी दी है कि बढ़ती भूख, काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला प्रकोप पर क़ाबू पाने के प्रयासों में बाधा बन रही है. एजेंसी ने तत्काल वित्तीय सहायता की अपील की है. देश में अब तक 3,200 से अधिक लोग इबोला से संक्रमित हो चुके हैं.
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के कार्यवाहक कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काउ ने कहा, “देरी, भय और भूख से इबोला को फैलने का अवसर मिलता है. इस प्रकोप को रोकने के लिए सभी का सहयोग और समुदायों को प्रयासों के केन्द्र में रखना ज़रूरी है.”
पूर्वी डीआर काँगो में 15 मई को घोषित यह इबोला प्रकोप अब तक का सबसे तेज़ी से फैलने वाला प्रकोप है. यह बुंडिबुग्यो वायरस के कारण होता है और इसके गम्भीर मामलों में अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है. इबोला के इस प्रकार से संक्रमित लोगों में मृत्यु का जोखिम लगभग 40 प्रतिशत बताया गया है.
प्रमुख तथ्य
· विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के नवीनतम अपडेट के अनुसार, बुंडिबुग्यो वायरस से फैला यह अब तक का सबसे बड़ा इबोला प्रकोप है.
· पूर्वी डीआर काँगो के पाँच प्रान्तों - इतुरी, नॉर्थ कीवू, साउथ कीवू, हौत-ऊले और चोपो के 48 स्वास्थ्य क्षेत्र इसकी चपेट में हैं.
· प्रकोप का केन्द्र इतुरी, देश में भूख से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में है. वहाँ 19 लाख लोग संकट स्तर की खाद्य असुरक्षा या उससे भी बदतर परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं.
· संयुक्त राष्ट्र समर्थित एकीकृत खाद्य सुरक्षा चरण वर्गीकरण (IPC) के अनुसार, इबोला प्रभावित 48 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 26 लाख 50 हज़ार से अधिक लोग गम्भीर खाद्य असुरक्षा से जूझ रहे हैं. इनमें छह लाख 28 हज़ार से अधिक लोग आपात स्तर के हालात में हैं.
‘इबोला रोकने में खाद्य सहायता अहम’
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी दी है कि इबोला प्रकोप पर क़ाबू पाने के लिए खाद्य सहायता और साजोसामान सम्बन्धी मदद बेहद ज़रूरी हैं.
कार्ल स्काउ ने कहा, “इबोला की रोकथाम के ले खाद्य सहायता बेहद अहम है. इससे परिवार घर पर रह पाते हैं, संक्रमित लोगों को सुरक्षित रूप से अलग रखा जा सकता है और समुदायों का भरोसा बढ़ता है. साथ ही, स्वास्थ्यकर्मी अपना काम जारी रख पाते हैं. हम जानते हैं कि कौन-से उपाय कारगर हैं. अब ज़रूरत पर्याप्त सं
साधनों और तेज़ कार्रवाई की है, ताकि प्रकोप के क़ाबू से बाहर होने से पहले इन प्रयासों का विस्तार किया जा सके.”
एजेंसी के अनुसार, खाद्य सहायता मिलने से लोगों को भोजन की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की ज़रूरत कम होती है. इससे संक्रमित लोगों को सुरक्षित रूप से अलग रखने, जोखिमपूर्ण उपायों को रोकने और स्वास्थ्यकर्मियों को सुरक्षित व प्रभावी ढंग से काम करने में मदद मिलती है.
संयुक्त राष्ट्र के राहत प्रयास
संयुक्त राष्ट्र, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और बाल कोष (UNICEF) के ज़रिए, इबोला प्रकोप से निपटने में डीआर काँगो के अधिकारियों की सहायता कर रहा है.
डीआर काँगो में WFP के प्रमुख प्रयास -
- प्रकोप शुरू होने के बाद से यूएन मानवतावादी विमान सेवा (UNHAS) ने 495 उड़ानें संचालित की हैं. इनके ज़रिए 3,395 मानवीय सहायताकर्मियों और 56 मीट्रिक टन आवश्यक सामग्री को अग्रिम मोर्चों तक पहुँचाया गया है. इनमें हौत-ऊले और चोपो जैसे हाल में प्रभावित प्रान्त भी शामिल हैं.
- WFP ने 17 उपचार और पृथक्करण केन्द्रों में मरीज़ों, उनके सम्पर्क में आए लोगों और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को एक लाख 60 हज़ार से अधिक गर्म भोजन उपलब्ध कराए हैं.
- नॉर्थ कीवू, साउथ कीवू और इतुरी में 23 हज़ार लोगों को सूखा राशन दिया गया है. इनमें पृथकवास में रह रहे 14 हज़ार लोग भी शामिल हैं, जिन्हें हर महीने खाद्य सहायता दी जा रही है.
- इबोला प्रभावित क्षेत्रों में 36 हज़ार अन्य लोगों तक भी सामान्य खाद्य सहायता पहुँचाई गई है.
आगे की चुनौतियाँ
WFP के अनुसार, इबोला प्रकोप पर क़ाबू पाने के लिए तेज़ कार्रवाई और पर्याप्त संसाधन सबसे ज़रूरी हैं. हर देरी से वायरस को फैलने का अधिक अवसर मिलता है, जबकि साजोसामान, खाद्य सहायता और सामुदायिक सहयोग की कमी रोकथाम के प्रयासों को कमज़ोर कर सकती है.
असुरक्षा, प्रभावित इलाक़ों तक पहुँच में कठिनाई, सामुदायिक अशान्ति और नए प्रभावित क्षेत्रों में सीमित क्षमता के कारण निगरानी, राहत सामग्री की आवाजाही एवं सहायता अभियान का विस्तार भी मुश्किल बना हुआ है.
डीआर काँगो में अगले छह महीनों तक अपने सभी अभियान जारी रखने के लिए WFP को 29 करोड़ 36 लाख डॉलर की आवश्यकता है. इस धनराशि से इतुरी एवं अन्य प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन साजोसामान और खाद्य सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.