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दक्षिण-पूर्व एशिया में संगठित अपराध का बढ़ता ख़तरा: यूएन रिपोर्ट

एक अंधेरे मॉनिटर पर प्रदर्शित कंप्यूटर कोड का निकट दृश्य।
© Unsplash/Markus Spiske दक्षिण पूर्व एशिया में संगठित आपराधिक गुट अपना कारोबार और नैटवर्क बढ़ाने के लिए, प्रौद्योगिकी का बड़े पैमाने पर सहारा ले रहे हैं.

दक्षिण-पूर्व एशिया में संगठित अपराध का बढ़ता ख़तरा: यूएन रिपोर्ट

क़ानून और अपराध रोकथाम

नई प्रौद्योगिकियों और साझा वित्तीय नैटवर्कों ने दक्षिण-पूर्व एशिया में संगठित अपराध को पहले से कहीं अधिक व्यापक और जटिल बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यह बदलता आपराधिक ढाँचा अब क्षेत्र की सीमाओं से आगे फैलकर शासनअर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए गम्भीर चुनौती बन रहा है.

दक्षिण-पूर्व एशिया में संगठित अपराध का स्वरूप पिछले कुछ वर्षों में पूरी तरह बदल गया है.

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संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, पहले अलग-अलग काम करने वाले स्थानीय आपराधिक गिरोह अब आपस में जुड़कर एक बड़ा अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक तंत्र चला रहे हैं. 

यह नैटवर्क लगातार मज़बूत हो रहा है और क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इस पर क़ाबू पाना कठिन होता जा रहा है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि क्षेत्र में धन शोधन (money laundering), ऑनलाइन धोखाधड़ी, अवैध जुआ, बच्चों का ऑनलाइन यौन शोषण और मादक पदार्थों, हथियारों व मानव तस्करी जैसी संगठित आपराधिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं.

UNODC की क्षेत्रीय प्रतिनिधि डेल्फ़ीन शान्त्ज़ ने कहा, “पहले अपने क्षेत्र और किसी एक विशेष अपराध तक सीमित रहने वाले समूह अब साझा सेवाओं और नैटवर्क का इस्तेमाल कर एक साथ कई अवैध बाज़ारों में सक्रिय हो रहे हैं.”

मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सिंथेटिक मादक पदार्थों की तस्करी जैसे पारम्परिक अपराध अब भी फल-फूल रहे हैं. 

साथ ही, आपराधिक गिरोह निगरानी और क़ानून प्रवर्तन से बचने के लिए नई प्रौद्योगिकियों का तेज़ी से इस्तेमाल कर रहे हैं.

ऑनलाइन धोखाधड़ी भी बढ़ी

UNODC के अनुसार, क्षेत्र में संगठित अपराध अब केवल वस्तुओं की तस्करी तक सीमित नहीं है. आपराधिक गिरोह ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य अवैध सेवाओं से भी बड़े पैमाने पर कमाई कर रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पूर्वी एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में घोटालों से 88 अरब डॉलर से 114 अरब डॉलर तक का नुक़सान हुआ. यह राशि कई देशों के सकल घरेलू उत्पाद से भी अधिक है.

नई प्रौद्योगिकियों से इन अपराधों को अंजाम देना और आसान हो गया है. 

जेनेरेटिव AI के ज़रिए फ़िशिंग ईमेल और डीपफ़ेक वीडियो बनाए जा रहे हैं, क्रिप्टोकरेंसी से अवैध धन को छिपाया जा रहा है और सैटेलाइट इंटरनेट की मदद से घोटाला केन्द्र सरकारी संचार सेवाएँ बन्द किए जाने के बावजूद काम जारी रख सकते हैं.