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DRC में ‘आग की तरह फैल रहा है’ इबोला प्रकोप - WHO

उत्तरी किवू में पीपीई के व्यावहारिक सत्र के दौरान गुलाबी वर्दी पहने एक दाई अपनी सहकर्मी को फेस शील्ड को समायोजित करने में मदद कर रही है।
© UNFPA/Jonas Yunus पूर्वी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य के उत्तर कीवू प्रान्त में इबोला प्रकोप के दौरान मरीज़ों के उपचार की तैयारी करते स्वास्थ्यकर्मी.

DRC में ‘आग की तरह फैल रहा है’ इबोला प्रकोप - WHO

स्वास्थ्य

संयुक्त राष्ट्र विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में बुंडीबुग्यो प्रकार के इबोला संक्रमण के मामले रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गए हैं. अधिकाँश नए मामले संक्रमण की उन कड़ियों से जुड़े हैंजिनका स्रोत अब तक अज्ञात है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संक्रमण कहाँ से और कैसे फैला.

यह क्यों अहम है

  • यह अब तक दर्ज इबोला का तीसरा सबसे बड़ा प्रकोप है.
  • अधिकाँश नए मामलों में संक्रमण का स्रोत पता नहीं चल पाया है.
  • वायरस शुरुआती प्रकोप क्षेत्र से बाहर भी फैल चुका है.
  • समय पर पहचान और वैश्विक सहयोग बेहद ज़रूरी हैं.

पूर्वी DRC के इतुरी प्रान्त में प्रकोप के केन्द्र बुनिया से लौटने के बाद, WHO के स्वास्थ्य आपातकाल कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डॉक्टर चिकवे इहेक्वेआज़ु ने जिनीवा में पत्रकारों से बातचीत की.

उन्होंने बताया कि 11 जुलाई तक पाँच प्रान्तों में लगभग 2,000 मामलों की पुष्टि हो चुकी थी और 700 से अधिक लोगों की मौत हुई हैं. इसके साथ ही, मौजूदा प्रकोप अब तक दर्ज इबोला का तीसरा सबसे बड़ा प्रकोप बन गया है.

उन्होंने कहा, “प्रकोप शुरू होने के बाद से पिछले एक महीने में मामलों में सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की गई है. हमने जिन इबोला प्रकोपों से अब तक निपटा है, उनमें इतनी तेज़ मासिक वृद्धि कभी नहीं देखी गई.”

डॉक्टर चिकवे इहेक्वेआज़ु ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में एक ही दिन में नए संक्रमण के जितने मामले सामने आए, वे अब तक की सबसे बड़ी दैनिक संख्याओं में शामिल हैं.” इनमें 24 घंटे के भीतर पुष्टि हुए 80 से अधिक मामले भी शामिल हैं.

संक्रमण के अज्ञात स्रोत

हाल में दर्ज की गई मौतों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी अपने समुदायों में ही मृत्यु हो गई. वे न तो किसी स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुँच पाए और न ही उन्हें उपचार मिला. WHO के अधिकारी ने इसे “सबसे चिन्ताजनक निष्कर्ष” बताया.

जाँच में प्रगति और संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आए व्यक्तियों की व्यापक निगरानी के बावजूद, डॉक्टर चिकवे इहेक्वेआज़ु ने चेतावनी दी, “नए मामलों में 80 प्रतिशत लोग हमारी सम्पर्क सूचियों में नहीं हैं. इसका अर्थ है कि इनमें संक्रमण के स्रोत का पता नहीं चल पाया है.”

मौजूदा प्रकोप की घोषणा लगभग दो महीने पहले की गई थी. WHO के आकलन के अनुसार, मामलों की वास्तविक संख्या दर्ज मामलों से “कम से कम दो से चार गुना” अधिक हो सकती है.

डॉक्टर चिकवे इहेक्वेआज़ु ने कहा, “इसे आग की तरह समझिए. इसके केन्द्र में कुछ ऐसा है, जो इसे भड़का रहा है और यह लगातार फैलती जा रही है.”

इबोला के 95 प्रतिशत तक नए मामले इतुरी प्रान्त से सामने आ रहे हैं, जहाँ यह प्रकोप शुरू हुआ था. लेकिन अब वायरस दो अन्य प्रान्तों, हौत-ऊले और चोपो में भी फैल गया है.

WHO के अधिकारी ने बताया कि इससे निपटने के लिए दो स्तरों पर काम किया जा रहा है - इतुरी में प्रकोप के केन्द्र पर कार्रवाई जारी रखना और साथ ही ‘प्रसार के मार्गों का पता लगाकर’ यह समझना कि नए मामले किन इलाक़ों में सामने आ सकते हैं.

उन्होंने बीमारी के तेज़ी से फैलने के बावजूद अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से ‘हताश’ न होने का आग्रह किया और कहा कि जारी प्रयास असर दिखा रहे हैं.

उन्होंने चेतावनी दी, “यह ढिलाई बरतने का समय नहीं है.”

उपचार सम्बन्धी परीक्षण जारी

कई सम्भावित उपचारों के क्लीनिकल परीक्षण चल रहे हैं, लेकिन इबोला के बुंडीबुग्यो प्रकार के मरीज़ों के लिए अभी कोई स्वीकृत उपचार उपलब्ध नहीं है. फिर भी, समय पर सहायक देखभाल मिलने से उनके जीवित बचने की सम्भावना काफ़ी बढ़ जाती है.

डॉक्टर इहेक्वेआज़ु ने कहा कि समुदाय में संक्रमण का फैलाव कम करने के लिए “हमें मामलों की जल्द पहचान करनी होगी और मरीज़ों को यथाशीघ्र उपचार व देखभाल उपलब्ध करानी होगी.”

स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य केन्द्रों पर हाल में हुए हमलों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोगों को दी जा रही देखभाल के बारे में “खुलकर और पारदर्शी ढंग से” जानकारी देना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा, “किसी भी नए केन्द्र को खोलने से पहले हम समुदाय के नेताओं को वहाँ किए जा रहे काम को देखने के लिए आमंत्रित करते हैं.” उन्हें उन स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत का अवसर भी दिया जाता है, जो इस अभियान में सहयोग देने के लिए अपने घरों से दूर आए हैं.

स्वास्थ्यकर्मियों और स्वास्थ्य केन्द्रों पर हमले रोकने के लिए नए केन्द्रों के प्रति समुदाय का भरोसा बढ़ाना ज़रूरी है. लोगों को यह विश्वास दिलाना होगा कि “उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा. उन्हें उपचार के साथ भोजन भी मिलेगा और वे अपने परिवारों के सम्पर्क में रह सकेंगे.”

DRC में इबोला का फैलाव रोकने के प्रयासों के बीच, डॉक्टर इहेक्वेआज़ु ने कहा कि “हमारे सामने मौजूद ख़तरे की गम्भीरता और उससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच अभी काफ़ी अन्तर है.”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “दुनिया को एकजुट होना होगा, केवल परोपकार या DRC की सहायता के लिए नहीं, बल्कि अपने हित में भी. हम अभी जितने अधिक प्रयास करेंगे, भविष्य में उतनी ही बेहतर स्थिति में होंगे.”

WHO के अधिकारी ने बताया कि जिनीवा स्थित मुख्यालय में सदस्य देश, WHO महामारी समझौते के एक अहम हिस्से - रोगजनक तक पहुँच और लाभ-साझाकरण (PABS) परिशिष्ट पर बातचीत कर रहे हैं. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महामारी फैलाने की क्षमता वाले ख़तरनाक रोगजनकों की आनुवंशिक जानकारी तेज़ी से साझा हो और विकासशील देशों को टीके व उपचार उपलब्ध कराए जा सकें