कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में बच्चों की सुरक्षा के लिए नया गठबंधन
मंगलवार को जिनीवा में एक नया अन्तरराष्ट्रीय गठबंधन शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के दौर में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता मिले. गठबंधन का मानना है कि एआई बच्चों के सीखने, खेलने और बड़े होने के तरीक़ों को तेज़ी से बदल रहा है, इसलिए उनके अधिकारों को बाद के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानि एआई के युग में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए बनाया गया यह गठबंधन, सरकारों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, तकनीकी कम्पनियों, नागरिक समाज समूहों, शिक्षकों और बाल कल्याण विशेषज्ञों को एक साथ ला रहा है.
इन सभी का आधार बाल अधिकारों पर कन्वेंशन है, जिसे दुनिया की सबसे व्यापक रूप से अनुमोदित मानवाधिकार सन्धि माना जाता है.
इस गठबंधन की नींव एआई प्रशासन पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक संवाद के दौरान रखी गई. यह संवाद सोमवार से शुरू होकर दो दिनों तक चला.
संयुक्त राष्ट्र की ओर से इसके संस्थापक सदस्यों में वैश्विक संचार विभाग (DGC), संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR), अन्तरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU), डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों का कार्यालय, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष UNICEF और यूएन शैक्षणिक एवं साँस्कृतिक संस्था UNESCO शामिल हैं.
अब तक 17 देश इससे जुड़ चुके हैं - ऑस्ट्रिया, ब्राज़ील, बुल्गारिया, कैनेडा, चेक गणराज्य, ऐल सल्वाडोर, एस्तोनिया, फ्रांस, इंडोनेशिया, इटली, जापान, केन्या, लक्ज़मबर्ग, मोरक्को, नीदरलैंड्स, कोरिया गणराज्य और स्पेन.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ बड़ी हो रही पीढ़ी
बच्चे पहले से ही ऐसी दुनिया में जी रहे हैं, जिस पर AI का गहरा असर है - सीखने वाले ऐप्स से लेकर उन एल्गोरिदम तक, जो तय करते हैं कि वे क्या देखें और किससे बात करें.
गठबंधन की संस्थापक घोषणा के अनुसार, एआई से शिक्षा, रचनात्मकता और समावेशन के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं. लेकिन साथ ही बच्चे ऐसे जोखिमों के सम्पर्क में भी आ सकते हैं, जिनसे निपटने के लिए मौजूदा प्रणालियाँ पूरी तरह तैयार नहीं हैं.
गठबंधन का तर्क है कि एआई प्रणालियाँ तैयार करते समय बच्चों को केवल तकनीक के उपयोगकर्ता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, जिन्हें बाद में सुरक्षा दी जाए. इसे बच्चों का अधिकार माना जाना चाहिए. उनकी राय और अनुभवों को शुरू से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि AI प्रणालियाँ उनके हितों और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार हों.
सदस्यों ने संकल्प लिया है कि AI प्रणालियाँ तैयार करने, उनके इस्तेमाल और निगरानी में बच्चों की राय को शामिल किया जाएगा. यह केवल सलाह-मशविरे की बात नहीं है, बल्कि बच्चों को सुने जाने के अधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारी है.
सुरक्षा का संकल्प
यह गठबंधन सोमवार को AI पर वैश्विक संवाद में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के शुरुआती सम्बोधन के बाद शुरू किया गया. अपने सम्बोधन में उन्होंने बच्चों की AI सुरक्षा के लिए एक संकल्प का आहवान किया था.
गठबंधन के सदस्यों का कहना है कि वे साक्ष्य और उत्कृष्ट उदाहरण साझा करेंगे. वे यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि बच्चों के जीवन को प्रभावित करने वाली AI प्रणालियों पर निर्णय लेते समय, बच्चों के विचारों को वास्तविक महत्व दिया जाए - न कि प्रणालियाँ तैयार हो जाने के बाद उन्हें केवल एक छोटी-सी टिप्पणी की तरह देखा जाए.