वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

UNODC: मादक पदार्थों के सेवन में रिकॉर्ड उछाल, गिरोह अपना रहे हैं नए तरीक़े

एक अंधेरी सतह पर हरे रंग की एम्फ़ैटेमिन की गोलियों और पाउडर का ढेर लगा हुआ है, जिसके अग्रभाग में धुंधली भूरी गोलियां दिखाई दे रही हैं।
© UNODC/Ioulia Kondratovitch एम्फ़ेटामाइन.

UNODC: मादक पदार्थों के सेवन में रिकॉर्ड उछाल, गिरोह अपना रहे हैं नए तरीक़े

क़ानून और अपराध रोकथाम

मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह नई तकनीकों और वैश्विक अस्थिरता का लाभ उठाकर, नए प्रकार के नशीले पदार्थ विकसित कर रहे हैं, तस्करी के नए मार्ग और तरीके़ अपना रहे हैं तथा नए बाज़ारों में तेज़ी से विस्तार कर रहे हैं, जिससे नशीले पदार्थों के सेवन में रिकॉर्ड उछाल दर्ज किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) की इस वर्ष की रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2024 में दुनिया भर में अनुमानित 33.1 करोड़ लोगों, किसी न किसी मादक पदार्थ का सेवन किया, 

Tweet URL

2024 में सबसे अधिक 25.6 करोड़ लोगों ने भांग या गांजा (Cannabis) का सेवन किया. इसके बाद अफ़ीम का सेवन करने वालों की संख्या 6.3 करोड़, एम्फ़ेटामिन 3.2 करोड़, कोकीन 2.5 करोड़ और एक्स्टेसी 2.1 करोड़ रही.

UNODC की कार्यकारी निदेशक मोनिका जूमा ने कहा कि बाज़ार में नए प्रकार के नशीले पदार्थों की संख्या अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है और इनमें से कुछ पदार्थ, पहले की तुलना में अधिक शक्तिशाली तथा ख़तरनाक हैं.

उन्होंने चेतावनी दी कि इसके कारण समय से पहले होने वाली लाखों मौतें, संगठित अपराध, आर्थिक विकृतियाँ, हिंसा और असुरक्षा बढ़ रही है.

उन्होंने संगठित अपराध गिरोहों के विरुद्ध कार्रवाई तेज़ करने, ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने, संयुक्त अभियानों तथा नशा रोकथाम और उपचार में अधिक निवेश की अपील की है.

तस्करी के नए तरीक़े

रिपोर्ट के अनुसार, अवैध मादक पदार्थ बनाने वाले गिरोह, नियमों से बचने और पकड़ में नहीं आने के लिए लगातार नए सिंथेटिक नशीले पदार्थ विकसित कर रहे हैं.

वर्ष 2024 में ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों के प्रकारों की संख्या वर्ष 2000 से पहले की तुलना में 5 गुना अधिक रही. इसी वर्ष मादक पदार्थों के बाज़ार में प्रचलित नए मनो-सक्रिय पदार्थों (NPS) की संख्या बढ़कर 755 हो गई, जिनमें 118 पदार्थ पहली बार दर्ज किए गए.

अफ़ीम बाज़ार में बदलाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में 2022 में मादक पदार्थों पर प्रतिबन्ध लागू होने के बाद अफ़ीम और हेरोइन के अवैध उत्पादन में भारी गिरावट आई है.

वैसले तो म्याँमार में अफ़ीम उत्पादन 2021 के 420 टन से बढ़कर 2025 में 1 हज़ार टन से अधिक हो गया, लेकिन लाओस और मैक्सिको में अफ़ीम उत्पादन के साथ यह कुल वृद्धि, अफ़ग़ानिस्तान में आई कमी की भरपाई नहीं कर सकी, जहाँ 2022 में 6 हज़ार टन से अधिक अफ़ीम का उत्पादन हुआ था.

रिपोर्ट के अनुसार, फ़ेंटानिल, निटाज़ीन और ऑर्फ़ीन जैसे नए सिंथेटिक अफ़ीम उत्पादों की तरफ़ रुझान बढ़ रहा है जो इस बात का संकेत है कि तस्कर, हेरोइन के अप्राकृतिक विकल्प तलाश रहे हैं.

इससे पौधों पर आधारित अफ़ीम उत्पादों की जगह सिंथेटिक नशीले पदार्थों का इस्तेमाल बढ़ सकता है, जो वैश्विक अफ़ीम बाज़ार में स्थाई बदलाव और स्वास्थ्य जोखिमों में वृद्धि का कारण बन सकता है.

मेथाम्फ़ेटामाइन का बाज़ार हुआ वैश्विक

रिपोर्ट के अनुसार, तस्करी के नए मार्गों और मेथाम्फ़ेटामाइन का उत्पादन बढ़ने के कारण इसका बाज़ार अब वैश्विक स्तर पर फैल चुका है.

विशेष रूप से निकट एवं मध्य पूर्व, अफ़्रीका और योरोप के कुछ हिस्सों में इसके नए बाज़ार उभरे हैं.

इसकी बरामदगी में औसतन 13 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में बड़ी मात्रा में ज़ब्ती रही.

दस्ताने पहने एक हाथ में अवैध पदार्थों के नमूने हैं, जिनमें गोलियां, एक थैली में सफेद पाउडर और एक थैली में हरा हर्बल पदार्थ शामिल हैं।
© Adobe Stock/Busliq वर्ष 2024 में ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों के प्रकारों की संख्या वर्ष 2000 से पहले की तुलना में 5 गुना अधिक रही.

हालाँकि म्याँमार अब भी मेथाम्फ़ेटामाइन का प्रमुख स्रोत बना हुआ है, लेकिन बढ़ती माँग के कारण उत्तरी अमेरिका, पश्चिमी और दक्षिणी अफ़्रीका व दक्षिण-पश्चिम एशिया से भी इसकी आपूर्ति बढ़ रही है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये पदार्थ, उत्तरी अमेरिका से तस्करी होकर, अब प्रशान्त क्षेत्र के देशों तक पहुँच रहा है, जिससे वहाँ इसके प्रयोग और तस्करी में वृद्धि हुई है.

गांजा के प्रति बदलती सोच से बढ़ा इस्तेमाल

रिपोर्ट के अनुसार, गांजा के उत्पादन, तस्करी और उपयोग के स्वरूप में तेज़ी से बदलाव आ रहा है. इसका एक कारण यह भी है कि विशेषकर उत्तरी अमेरिका के कई क्षेत्रों में गांजा को वैध या अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने के बाद इसके प्रति लोगों की धारणा बदली है.

पिछले एक दशक में कैनाबिस का सेवन करने वालों की संख्या 40 प्रतिशत बढ़ी है.15 से 64 वर्ष आयु वर्ग में इसके प्रयोग का प्रसार 2014 के 3.8 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 4.8 प्रतिशत हो गया.

वहीं, 2024 में कैनाबिस की ज़ब्ती भी अब तक के सबसे ऊँचे स्तर पर दर्ज की गई.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले भांग या गांजा (Cannabis) की तस्करी मुख्यतः एक ही क्षेत्र के भीतर होती थी, क्योंकि इसकी खेती लगभग कहीं भी की जा सकती है.

लेकिन अब उत्तरी अमेरिका से अन्य क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति बढ़ रही है. वर्ष 2015 से 2024 के बीच उत्तरी अमेरिका के बाहर 57 देशों और क्षेत्रों ने भांग ज़ब्त किए जाने के मामलों में उत्तरी अमेरिका को स्रोत क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया, जबकि इससे पहले के दशक में यह संख्या केवल 11 थी.

कोकीन का बढ़ता उत्पादन

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में कोकीन का उत्पादन लगातार बढ़ता रहा और पिछले दस वर्षों में यह चार गुना से अधिक बढ़कर 4 हज़ार टन (शुद्ध रूप में) से अधिक होने का अनुमान है. इसका प्रमुख कारण खेती के क्षेत्र और उत्पादन क्षमता में वृद्धि है.

संगठित अपराध गिरोह अधिक मुनाफ़े और नए उपभोक्ता बनाने के लिए पश्चिमी एवं मध्य योरोप, उत्तरी अमेरिका और ओशिनिया जैसे पारम्परिक बाज़ारों के अलावा, अफ़्रीका और एशिया के उभरते बाज़ारों तक भी बड़ी मात्रा में कोकीन पहुँचा रहे हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से 2024 के बीच अफ़्रीका और एशिया के कई देशों में कोकीन को ज़ब्त किए जाने की दर दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ी है.

UNODC की सिंथेटिक ड्रग रणनीति के लिए एक प्रचार छवि, जिसमें एक बोतल से गोलियां गिरती हुई और क्रिस्टल मेथम्फेटामाइन से भरा एक बैग दिखाया गया है।
UNODC Opiod के अत्यधिक या ग़लत सेवन से, पिछले 10 वर्षों में मौतों की संख्या में 71% का उछाल दर्ज किया गया है. WHO और UNODC इन मौतों को कम करने के लिए सलाह और सहायता मुहैया कराते हैं.

सुरक्षा और समाज पर प्रभाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि मादक पदार्थों का सेवन चोरी, पारिवारिक और सामाजिक हिंसा तथा अपराध जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है.

हालांकि इन घटनाओं पर ग़रीबी, बेघर होने, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ और नशा मुक्ति व सामाजिक सेवाओं की उपलब्धता जैसे सामाजिक और आर्थिक कारकों का भी गहरा प्रभाव पड़ता है.

रिपोर्ट के अनुसार, इन्हीं क्षेत्रों में प्रभावी हस्तक्षेप किए जाने और रोकथाम के अवसर मौजूद हैं.