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UNEP - मीथेन रिसाव पर तेज़ कार्रवाई के लिए नई मुहिम

एक कचरा भंडार में कामगार बड़े कचरे के ढेर को छनकर जा रहे हैं, जबकि पृष्ठभूमि में एक डंप ट्रक कचरा उतार रहा है और दूर की आग से धुआं उठ रहा है।
World Bank कूड़े-कचरे व अपशिष्ट के भण्डार, मीथेन गैस के प्रमुक उत्सर्जक हैं. उचित प्रबन्धन से मीथेन गैस उत्सर्जन कम करने के साथ-साथ स्वास्थ्य जोखिम भी कम किये जा सकते हैं.

UNEP - मीथेन रिसाव पर तेज़ कार्रवाई के लिए नई मुहिम

जलवायु और पर्यावरण

मीथेन के बड़े रिसावों की पहचान और रोकथाम की कार्रवाई तेज़ करने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है. इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को, संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश, वैश्विक तापमान वृद्धि पर जल्द असर डालने के लिए मीथेन उत्सर्जन में तत्काल और व्यापक कटौती का आहवान कर चुके हैं.

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संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और ब्लूमबर्ग समाज कल्याण द्वारा शुरू की गई इस पहल का लक्ष्य, वर्ष 2030 तक देशों को मीथेन से जुड़ी कम से कम 80 प्रतिशत बड़ी चेतावनियों (alerts) पर कार्रवाई करने में सक्षम बनाना है.

फ़िलहाल, दुनिया भर में केवल लगभग 13 प्रतिशत चेतावनियों (alerts) पर कार्रवाई होती है. अब तक केवल 10 देशों ने ही 80 प्रतिशत कार्रवाई दर हासिल की है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को ‘लन्दन जलवायु कार्रवाई सप्ताह’ के दौरान कहा था, “लम्बी अवधि में, वैश्विक तापमान वृद्धि का मुख्य कारण अब भी कार्बन डाइऑक्साइड है. लेकिन अब मीथेन उत्सर्जन में कटौती को भी प्राथमिकता देनी होगी.”

उन्होंने कहा, “मीथेन में तेज़ कटौती से एक पीढ़ी के भीतर तापमान में स्पष्ट राहत मिल सकती है.”

महासचिव ने बताया कि UNEP की मीथेन चेतावनी और प्रतिक्रिया प्रणाली, MARS, अब तक 33 देशों में 5 हज़ार से अधिक चेतावनियाँ जारी कर चुकी है.

उपग्रह डेटा से ज़मीनी कार्रवाई तक

UNEP, ब्लूमबर्ग फ़िलैंथ्रॉपीज़ के सहयोग से अपनी अन्तरराष्ट्रीय मीथेन उत्सर्जन वेधशाला (IMEO) और प्रमुख मीथेन चेतावनी एवं प्रतिक्रिया प्रणाली (MARS) को मज़बूत और विस्तारित करेगा. 

MARS स्वतंत्र उपग्रह डेटा की मदद से मीथेन के बड़े उत्सर्जनों का लगभग वास्तविक समय में पता लगाती है.

इसके बाद सरकारों और सम्बन्धित कम्पनियों को चेतावनियाँ (alerts) भेजी जाती हैं, ताकि वे स्रोत की जाँच कर सकें और रिसाव रोकने के लिए कार्रवाई करें.

UNEP की कार्यकारी निदेशक इन्गेर ऐंडरसन का कहना है, “अब हम अन्तरिक्ष से लगभग वास्तविक समय में मीथेन प्रदूषण को देख सकते हैं.”

“ऐसे में कार्रवाई नहीं करना कोई त्रुटि नहीं, बल्कि कार्रवाई करने या नहीं करने के बारे में हमारा पसन्द या नापसन्द है. देशों और संचालकों को अब क़दम उठाने होंगे.”

इस कार्यक्रम के तहत सरकारों को चेतावनी समझने और उन पर कार्रवाई करने की तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद दी जाएगी. तेल और गैस कम्पनियों, विशेष रूप से राष्ट्रीय तेल कम्पनियों के साथ सहयोग भी बढ़ाया जाएगा.

UNEP अपने ‘Eye on Methane’ डेटा मंच के ज़रिए जानकारी को अधिक सुलभ बनाएगा और तेल व गैस मीथेन साझेदारी 2.0 के ज़रिए MARS डेटा के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा.

जलवायु के लिए त्वरित लाभ

मीथेन एक ऐसी गैस जो वैश्विक तापमान वृद्धि के लगभग एक तिहाई हिस्से के लिए ज़िम्मेदार है. यह एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जो वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड जितने लम्बे समय तक मौजूद तो नहीं रहती, लेकिन उसकी तुलना में 80 गुना ज़्यादा गर्मी उत्पन्न करने में सक्षम होती है.

विशेषज्ञों के अनुसार, ‘विशाल उत्सर्जक (super emitters) कहे जाने वाले बड़े रिसावों को रोकना, जलवायु परिवर्तन को धीमा करने के सबसे किफ़ायती तरीक़ों में से एक है. कई मामलों में साधारण और कम लागत वाली मरम्मत से ही उत्सर्जन में बड़ी कमी लाई जा सकती है.

जलवायु महत्वाकाँक्षा और समाधान पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत माइकल आर ब्लूमबर्ग का कहना है, “मीथेन उत्सर्जन में कटौती जलवायु परिवर्तन से निपटने के सबसे महत्वपूर्ण, सरल और किफ़ायती उपायों में से एक है.”

“मीथेन रिसाव रोकने के लिए हमारे पास ज़रूरी डेटा मौजूद है. अब हम देशों को इस डेटा को तेज़ और ठोस कार्रवाई में बदलने में मदद कर रहे हैं.”

सफेद टी-शर्ट पहने एक बुजुर्ग व्यक्ति एयर कंडीशनिंग यूनिट और रस्सी पर लटके कपड़ों के बगल में एक बालकनी पर खड़ा है।
© Unsplash/Michu Đăng Quang एयर कंडीशनर चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली या पेट्रोल से होने वाला उत्सर्जन वैश्विक तापमान बढ़ाता है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने लंदन जलवायु कार्रवाई सप्ताह में कहा कि अब इस पर्यावरणीय असर को खुलकर स्वीकार करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अधिक प्रयास करने का समय है.

चेतावनी से शुरू हुई कार्रवाई

दरअसल, यूनेप ने तेल और गैस क्षेत्रों से अनजाने में होने वाले मीथेन रिसाव का पता लगाने के लिए, वर्ष 2023 में एक उपग्रह निगरानी प्रणाली शुरू की थी.

MARS (Methane Alert and Response system) के नाम से जानी जाने वाली यह प्रणाली, कार्बन उत्सर्जन के बारे में मुफ़्त और सटीक जानकारी प्रदान करती है ताकि कम्पनियाँ और राष्ट्रीय प्राधिकरण इन उत्सर्जनों पर कार्रवाई कर सकें.

तब से अब तक MARS ने 10 देशों में मीथेन उत्सर्जन रोकने की 40 से अधिक कार्रवाइयों की पुष्टि की है.

इससे पता चलता है कि उपग्रह से मिली जानकारी ज़मीनी स्तर पर वास्तविक समाधान शुरू कर सकती है.

अल्जीरिया में MARS की एक चेतावनी के बाद दशकों से जारी एक रिसाव की मरम्मत की गई. निकट अवधि में उस रिसाव का जलवायु प्रभाव एक वर्ष के लिए लगभग पाँच लाख कारों को सड़कों से हटाने के बराबर था.

हालाँकि, UNEP का कहना है कि उत्सर्जन का पता लगाने की क्षमता तेज़ी से बढ़ी है, लेकिन देशों और कम्पनियों की प्रतिक्रिया अब भी धीमी है.

फ़िलहाल, केवल 13 प्रतिशत चेतावनियों की जाँच की जाती है और उनकी जानकारी UNEP के साथ साझा की जाती है. यह उत्सर्जन की पहचान और उसे रोकने की कार्रवाई के बीच बड़ा अन्तराल दर्शाता है.

इन्गेर ऐंडरसन ने कहा, “उपग्रह हमें स्पष्ट तस्वीर देते हैं. अब इस जानकारी को कार्रवाई में तब्दील करना होगा.”

बढ़ता अन्तरराष्ट्रीय समर्थन

यह पहल MARS प्रणाली के हाल के विस्तार पर आधारित है, जिसके तहत अब कोयला और अपशिष्ट क्षेत्रों से होने वाले मीथेन उत्सर्जन पर भी एलर्ट जारी किए जाते हैं.

UNEP ने अन्तरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के साथ मिलकर चेतावनियों पर कार्रवाई की रूपरेखा भी तैयार की है. 

साथ ही, कार्बन मैपर सहित अन्य उपग्रह मिशनों का डेटा भी प्रणाली में जोड़ने की योजना है.

कई देशों और अन्तरराष्ट्रीय साझीदारों ने इस पहल का स्वागत किया है. उनका कहना है कि विश्वसनीय और पारदर्शी डेटा से जवाबदेही बढ़ेगी तथा मीथेन उत्सर्जन में तेज़ कटौती सम्भव होगी.

फ्राँस की पारिस्थितिक बदलाव मंत्री मोनिक बारबुट ने कहा है कि दुनिया अब मीथेन के बड़े उत्सर्जनों की पहचान “अभूतपूर्व पारदर्शिता” के साथ कर सकती है.

“इससे सरकारों और संचालकों को उत्सर्जन के स्रोतों की जाँच करने, जवाबदेही बढ़ाने और कटौती की कार्रवाई तेज़ करने का नया अवसर मिला है.”

कैनेडा की पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और प्रकृति मंत्री जूली डैब्रुसिन कहती हैं कि बेहतर डेटा से, सरकारों और उद्योगों को तेज़ कार्रवाई के अवसर पहचानने में मदद मिल रही है.

“कैनेडा, मीथेन डेटा को वास्तविक उत्सर्जन कटौती में बदलने के लिए अन्तरराष्ट्रीय सहयोग का समर्थन करता है, साथ ही उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने पर भी ज़ोर देता है.”

एक औद्योगिक चिमनी से साफ नीले आकाश के बीच सफेद धुएं का एक बड़ा गुबार निकल रहा है।
© Unsplash/Anne Nygård हानिकारक मीथेन गैसों का, जलवायु परिवर्तन में बड़ा हिस्सा है.

नाइजीरिया की राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन परिषद की महानिदेशक तेनियोये माजेकोदुनमी ने कहा कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए विश्वसनीय डेटा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहाँ तकनीकी क्षमता और निवेश की कमी अब भी बड़ी चुनौती है.

“तकनीकी क्षमता बढ़ाने, पारदर्शिता सुधारने और क्रियान्वयन में मदद देने वाली अन्तरराष्ट्रीय साझेदारियाँ, देशों को सतत विकास के साथ-साथ मीथेन उत्सर्जन में तेज़ कटौती करने में सक्षम बना सकती हैं.”

UNEP के अनुसार बेहतर निगरानी को वास्तविक उत्सर्जन कटौती में बदलने के लिए सरकारों, उद्योगों व परोपकारी साझीदारों से मज़बूत राजनैतिक इच्छाशक्ति, तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय समर्थन की आवश्यकता होगी.