हेती में यूएन समर्थित ‘गिरोह दमन बल’ से सुरक्षा बहाली की नई उम्मीद
गिरोह हिंसा और गहराते सुरक्षा संकट से जूझ रहे हेती में यूएन समर्थित ‘गिरोह दमन बल’ की तैनाती से हालात सुधरने की नई उम्मीद जागी है. यह मिशन देश में सुरक्षा बहाल करने के लिए हेती के अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगा.
हेती की राजधानी पोर्त-ओ-प्रिंस के पूर्वी हिस्से के एक प्रमुख मार्ग (Boulevard du 15 Octobre) से गुज़रती चमकीले रंग की साझा पिक-अप टैक्सी ‘टैप टैप’ में बैठे यात्रियों की नज़रें बाहर टिकी हैं.
इस व्यस्त मुख्य सड़क पर लोगों की आवाजाही जारी है, जबकि सड़क किनारे बने छोटे खोखों में, दुकानदार फल और घरेलू सामान बेच रहे हैं.
यह शहरी दृश्य सामान्य लग सकता है, लेकिन हेती में गिरोहों की हिंसा के डर से लोग अक्सर राजधानी की सड़कों पर निकलने से बचते रहे हैं.
अनुमान है कि कम से कम 26 गिरोह पोर्त-ओ-प्रिन्स और उसके आसपास के लगभग 90 प्रतिशत इलाक़े पर नियंत्रण रखते हैं.
इनमें से कुछ गिरोहों के पास भारी हथियार हैं. वे हिंसा, हत्याओं, जबरन वसूली और फ़िरौती के लिए अपहरण के ज़रिए हेती के लोगों में आतंक फैलाते हैं. ये गिरोह, सामान की आवाजाही रोककर वे व्यापार को भी प्रभावित करते हैं.
इस वर्ष की शुरुआत से अब तक गिरोह हिंसा में 2 हज़ार 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 1 हज़ार 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं.
अब हालात बदलने की कुछ उम्मीद दिखाई दे रही है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के समर्थन से गठित 'गिरोह दमन बल', यानि GSF ने गश्त शुरू कर दी है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मंगलवार को राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स की यात्रा के दौरान इस बल के शिविर का दौरा किया.
दौरे के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “इस बल की तैनाती हिंसा पर अंकुश लगाने और सरकारी नियंत्रण बहाल करने का एक वास्तविक अवसर है. हमें इस अवसर को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए.”
उन्होंने कहा, “गिरोहों को निरस्त्र और भंग किया जाना होगा और उनके सदस्यों को हेती के नेतृत्व वाली प्रक्रिया के तहत फिर से समाज से जोड़ा जाना चाहिए.”
उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि केवल सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, “इसके साथ राजनैतिक प्रगति भी ज़रूरी है.”
GSF को हाल ही में स्थापित हेती में संयुक्त राष्ट्र सहायता कार्यालय (UNSOH) से रसद, संचालन और तकनीकी सहयोग मिल रहा है. इसमें राशन, चिकित्सा सुविधा और परिवहन व्यवस्था शामिल है.
यह सहायता बल को प्रभावी ढंग से काम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसके मुख्य दायित्वों में गिरोहों को कमज़ोर करना, असुरक्षित लोगों की रक्षा करना और मानवीय सहायता की पहुँच सुनिश्चित करना शामिल है.
GSF के प्रमुख जैक क्रिस्टोफ़ाइड्स ने अप्रैल में सुरक्षा परिषद से कहा था, “मक़सद साफ़ है: गिरोहों को इतना कमज़ोर करना कि हेती की संस्थाएँ, स्थिति को लम्बे समय तक अपने दम पर सम्भाल सकें.”
कैम्प वर्टिएरेस नामक इस शिविर को सुरक्षा परिषद द्वारा स्वीकृत 5 हज़ार 550 कर्मियों में से कुछ के ठहरने और काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है. कई देशों से आए सैनिक फ़िलहाल यहीं रह रहे हैं और मालवाहक कंटेनरों को कार्यालयों में बदला जा रहा है.
वर्षों से जारी अस्थिरता
हेती कई वर्षों से अस्थिरता और हिंसा का सामना कर रहा है. गिरोह हिंसा के कारण लगभग 15 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं.
गहराती ग़रीबी के बीच लाखों लोगों को मानवीय सहायता की ज़रूरत है. जुलाई 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति जोवेनल मोइज़ की हत्या के बाद से देश में कोई निर्वाचित राष्ट्रपति भी नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने हेती की यात्रा के दौरान, उन लोगों से भी मुलाक़ात की, जिन्हें गिरोह हिंसा के कारण अपने घर छोड़ने पड़े हैं.
उन्होंने कहा, “मैंने ऐसे परिवारों से मुलाक़ात की है, जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया है. इसके बावजूद, वे जिस साहस और गरिमा के साथ एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं, यह सहयोग प्रशंसनीय है. ये परिवार सहानुभूति नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं.”
नई उम्मीद
हेती के सामने कई चुनौतियाँ दरपेश हैं, लेकिन GSF से अब नई उम्मीद जागी है. यह बल, जैसे-जैसे अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू करेगा, वह हेती के सुरक्षा बलों के साथ मिलकर लोगों के रोज़मर्रा के जीवन में सुधार ला सकेगा.
इस 'गिरोह दमन बल' की पैदल गश्त शुरू होने और राजधानी पोर्त-ओ-प्रिंस समेत उसके के बाहर भी सुरक्षा शिविर स्थापित होने से लोगों में, सुरक्षा का अहसास बढ़ेगा तथा धीरे-धीरे उनका जीवन सामान्य हो सकेगा.
GSF से केवल तात्कालिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि लम्बे समय तक असर डालने की भी उम्मीद है.
क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर सीमा चौकियों और समुद्री तस्करी के रास्तों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति रोकी जा सके. सशस्त्र गिरोहों तक पहुँचने वाले धन के प्रवाह को रोकने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे दोबारा हिंसा फैलाने की स्थिति में न रहें.
हेती की दुर्दशा के प्रति दुनिया की उदासीनता
महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने अपनी यात्रा के अन्त में कहा, “कई वर्षों बाद पहली बार उम्मीद की किरण नज़र आ रही है. हेती के पास हालात बदलने का अवसर है, लेकिन इसके लिए अन्तरराष्ट्रीय समुदाय को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी होगी. यह स्पष्ट है कि गिरोहों ने देश में आतंक फैला रखा है और सरकारी संस्थाएँ कमज़ोर हो चुकी हैं.”
उन्होंने कहा, “लेकिन सबसे शर्मनाक बात दुनिया की उदासीनता है. विश्व ने हेती की दुर्दशा से मुँह मोड़ लिया है.”
हेती के अधिकारियों, GSF और संयुक्त राष्ट्र की यह साझेदारी सफल होती है, तो लोगों का भरोसा लौट सकता है और वे राजधानी के इलाक़ों में बिना डर के फिर से आवाजाही कर सकेंगे.