एशिया में सिंथेटिक नशीले पदार्थों का बाज़ार रिकॉर्ड उच्च स्तर पर
वर्ष 2025 में पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में सिंथेटिक मादक पदार्थों का बाज़ार वर्ष तेज़ी से बढ़ा. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि मेथामफ़ेटामाइन और केटामाइन की रिकॉर्ड मात्रा की बरामदगी के साथ-साथ, मादक पदार्थों के उत्पादन, अन्तरराष्ट्रीय तस्करी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य संगठित अपराधों के बीच सम्बन्ध भी और गहरे हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) ने ‘पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में सिंथेटिक मादक पदार्थ: नवीनतम घटनाक्रम और चुनौतियाँ 2026’ शीर्षक से यह रिपोर्ट जारी की है.
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में मेथामफ़ेटामाइन की बरामदगी बढ़कर 349 टन हो गई. यह पिछले वर्ष के रिकॉर्ड से 48 प्रतिशत अधिक और एक दशक पहले बरामद मात्रा के पाँच गुना से भी ज़्यादा है.
केटामाइन की बरामदगी भी रिकॉर्ड साढ़े 52 टन तक पहुँच गई, जो वर्ष 2024 की तुलना में 185 प्रतिशत अधिक है.
दक्षिण-पूर्वी एशिया और प्रशान्त क्षेत्र के लिए UNODC की क्षेत्रीय प्रतिनिधि डेल्फ़ीन शान्ट्ज़ ने कहा है, “एक ही वर्ष में मेथामफ़ेटामाइन और केटामाइन, दोनों की रिकॉर्ड मात्रा की बरामदगी दर्शाती है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा देने वाले बुनियादी कारक अब भी मज़बूती से जमे हुए हैं.”
उन्होंने कहा, “उत्पादन क्षमता, तस्करी नैटवर्क और माँग के विस्तार से स्पष्ट है कि यह बाज़ार सिकुड़ नहीं रहा है, बल्कि अधिक संगठित हो रहा है और नए क्षेत्रों में फैल रहा है.”
मादक पदार्थ उत्पादन और ऑनलाइन धोखाधड़ी का बढ़ता गठजोड़
रिपोर्ट के अनुसार, मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के बीच सम्बन्ध तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
म्याँमार में क़ानून प्रवर्तन कार्रवाई से पता चला कि कुछ स्थानों पर मादक पदार्थ बनाने वाली गुप्त प्रयोगशालाएँ और ऑनलाइन धोखाधड़ी केन्द्र साथ-साथ चल रहे थे. वे सुरक्षा, परिवहन और धन के लेन-देन के लिए एक ही नैटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे.
डेल्फ़ीन शान्ट्ज़ ने कहा, “मादक पदार्थ प्रयोगशालाओं और धोखाधड़ी केन्द्रों का एक ही स्थान पर होना संयोग नहीं है. इससे पता चलता है कि दोनों के पीछे एक ही वित्तीय मदद और आपूर्ति व परिवहन व्यवस्था हो सकती है. ये समूह उन क्षेत्रों का फ़ायदा उठाते हैं, जहाँ क़ानून प्रवर्तन और सरकारी निगरानी सीमित है.”
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध कारोबार अब अधिक संगठित हो रहा है और कई रूप ले रहा है. मादक पदार्थों का व्यापार इस विस्तार को बढ़ा भी रहा है और इससे फ़ायदा भी उठा रहा है.
योरोप और एशिया के बीच बढ़ती मादक पदार्थ तस्करी
क्षेत्र में मिलने वाला अधिकतर केटामाइन स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाता है, लेकिन योरोप से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में इसकी तस्करी भी तेज़ी से बढ़ी है.
क्षेत्र के कई देशों में योरोपीय देशों से आया केटामाइन बरामद हुआ है. वहीं, दक्षिण-पूर्वी एशिया से योरोप की ओर कैनेबिस (गाँजा या भाँग) की बढ़ती तस्करी से पता चलता है कि दोनों क्षेत्रों के आपराधिक नैटवर्क आपस में अधिक जुड़ रहे हैं.
दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशान्त क्षेत्र के लिए UNODC के प्रमुख विश्लेषक इनशिक सिम ने कहा, “योरोप और दक्षिण-पूर्वी एशिया अब मादक पदार्थ तस्करी के अलग-अलग क्षेत्र नहीं रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “दोनों क्षेत्र तेज़ी से आपस में जुड़ रहे हैं. इससे निपटने के लिए ख़ुफ़िया जानकारी साझा करने और समन्वित क़ानून प्रवर्तन कार्रवाई की ज़रूरत है.”
जापान और कोरिया गणराज्य में केटामाइन की बरामदगी बढ़ी
रिपोर्ट में जापान और कोरिया गणराज्य में केटामाइन की बढ़ती बरामदगी पर भी चिन्ता जताई गई है. दोनों देशों में पहले इसकी बरामदगी बहुत कम थी, लेकिन वर्ष 2025 में इसमें तेज़ उछाल आया.
कोरिया गणराज्य में वर्ष 2015 से 2021 के बीच हर साल औसतन एक किलोग्राम से थोड़ा अधिक केटामाइन बरामद होता था. वर्ष 2025 में यह मात्रा बढ़कर 140 किलोग्राम हो गई.
जापान के शुरुआती आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में केटामाइन की बरामदगी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग छह गुना बढ़ी.
रिपोर्ट के अनुसार, इससे संकेत मिलता है कि संगठित अपराध समूह दोनों देशों में केटामाइन का बाज़ार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. ऊँची क़ीमतों के कारण जापान और कोरिया गणराज्य उनके लिए आकर्षक बाज़ार हैं.
एटोमिडेट का बढ़ता दुरुपयोग
UNODC ने एटोमिडेट के तेज़ी से बढ़ते दुरुपयोग पर भी चिन्ता जताई है. यह बेहोशी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा है, जिसका नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल बढ़ रहा है.
एटोमिडेट को पहली बार वर्ष 2021 में दुरुपयोग किए जा रहे पदार्थ के रूप में पहचाना गया था. इसके बाद से यह पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया के कई देशों में पाया गया है.
यह मुख्य रूप से वेपिंग उत्पादों में पाया जाता है, लेकिन टैबलेट, पाउडर और क्रिस्टल के रूप में भी बरामद हुआ है. वर्ष 2025 में एटोमिडेट वाले नमूनों की संख्या तेज़ी से बढ़ी.
तस्कर और उत्पादक इसे बनाने के लिए ज़रूरी रसायन जुटा रहे हैं. इनमें से कई रसायन अभी अन्तरराष्ट्रीय नियंत्रण के दायरे में नहीं आते, जिसका फ़ायदा आपराधिक समूह उठा रहे हैं.
एटोमिडेट का अवैध उत्पादन अब क्षेत्र के कई देशों में फैल चुका है. अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक नैटवर्क अलग-अलग देशों में इसकी आपूर्ति का संचालन कर रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, इसका तेज़ प्रसार दिखाता है कि पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में मादक पदार्थों से जुड़े नए ख़तरे कितनी जल्दी फैल सकते हैं.