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डीआर काँगो: इबोला संक्रमण से उबरे चार स्वास्थ्यकर्मी, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल अहम

28 मई 2026 को डीआरसी के इतूरी प्रांत में रवांपारा जनरल रेफरल अस्पताल में, इबोला प्रकोप के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की प्रतिक्रिया के दौरान, जनस्वास्थ्य टीम ने निवारक उपायों को मजबूत किया।
© WHO/Joël Lumbala डीआर काँगो के इतूरी प्रान्त में एक अस्पताल का दृश्य.

डीआर काँगो: इबोला संक्रमण से उबरे चार स्वास्थ्यकर्मी, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल अहम

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया है कि काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में घातक इबोला बीमारी की चपेट में आई चार नर्स, इस संक्रमण से ठीक हो गई हैं और उन्हें अब अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. यूएन एजेंसी के अनुसार, पर्याप्त चिकित्सा देखभाल के ज़रिए इस संक्रमण से उबरा जा सकता और इसलिए आशाहीन होने की कोई वजह नहीं है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने कहा कि और अधिक संख्या में लोगों के संक्रमण से उबरने की सम्भावना है, विशेष रूप से जब बीमारी का जल्द पता चल जाए, उन्हें जल्द देखभाल सेवाएँ मुहैया कराई जाएं और इबोला के फैलाव से निपटने के लिए तेज़ी से प्रयास किए जाएं. 

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WHO के अनुसार, अब तक पाँच लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं, जिनमें एक लैब कर्मचारी भी है, जिन्हें पिछले गुरूवार को छुट्टी दे दी गई थी. 

देश के पूर्वी हिस्से में स्थित अनेक प्रान्त इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो नामक प्रकार की चपेट में हैं, जिसके बाद इसे अन्तरराष्ट्रीय चिन्ता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति घोषित कर दिया गया था.

यूएन के साझीदार संगठन बुंडिबुग्यो पर नियंत्रण पाने के लिए अपने प्रयासों में तेज़ी ला रहे हैं, और इन परिस्थितियों में मरीज़ों का संक्रमण से उबरना एक आशा बंधाने वाली ख़बर है. 

इबोला की रोकथाम या उपचार के लिए फ़िलहाल कोई वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है, और यूएन एजेंसी के अनुसार यह एक ऐसी बीमारी है जोकि किसी बीमार की देखभाल करते समय होती है.

रविवार तक, पूर्वी डीआरसी में 210 संक्रमण मामलों की पुष्टि हुई है और 17 लोगों की जान जा चुकी है. लगभग 350 संदिग्ध मामलों की जाँच की जा रही है, और 16 स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने की ख़बर है. 

15 मई को इबोला के प्रकोप की घोषणा होने के बाद से अब तक, अनेक मोर्चों पर स्वास्थ्य प्रयासों में तेज़ी लाई गई है, जिनमें लैब में परीक्षण, बीमारी की निगरानी, संक्रमण रोकथाम व नियंत्रण, सामुदायिक सम्पर्क व संसाधनों की लामबन्दी है.

इतूरी प्रान्त इस बीमारी के फैलाव से सर्वाधिक प्रभावित है, जहाँ यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने राजधानी बुनिया में एक इबोला उपचार केन्द्रों को फिर से विकसित करके स्थानीय स्वास्थ्य प्रशासन को सौंपा है. इस केन्द्र में फ़िलहाल 24 बिस्तर है और कुल क्षमता 60 बिस्तरों की है. इसके अलावा 24 बिस्तरों की एक अन्य व्यवस्था पर कार्य चल रहा है.

डीआर काँगो का पूर्वी हिस्सा प्राकृतिक संसाधनो से समृद्ध है, लेकिन पिछले अनेक दशकों से हिंसक टकराव का शिकार है, जहाँ गम्भीर मानवीय स्थिति है और 12 लाख लोगों को केवल इतूरी प्रान्त में सहायता की आवश्यकता है. इतूरी के अलावा उत्तर किवू और दक्षिण किवू प्रान्तों में भी फैलाव हो रहा है.

उपचार के लिए प्रयास

बुंडिबुग्यो वायरस के लिए फ़िलहाल कोई लाइसेंस प्राप्त वैक्सीन या उपचार उपलब्ध नहीं है, मगर WHO द्वारा कारगर वैक्सीन को चिन्हित करने के लिए प्रयास हो रहे हैं. 

कुछ वैक्सीन से उम्मीदें भी जगी हैं, जिसके बाद क्लीनिक परीक्षण में उन्हें प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है. यूएन स्वास्थ्य एजेंसी, डीआरसी में स्थानीय प्रशासन और युगांडा के साथ मिलकर इन कोशिशों को आगे बढ़ा रही है. 

इबोला संक्रमण के पुष्ट मामलों में उपचार के लिए तीन थेरेपी को क्लीनिक ट्रायल में प्राथमिकता दी गई है: मोनोक्लोनल ऐंटीबॉडीज़ ऐमबीपी 134, माफ़्टिविमाब, और एंटीवायरल दवा रेमडेसिवियर.

रोकथाम के लिए मौखिक एंटीवायरल ओबेलडेसिवियर को एक अध्ययन में प्राथमिकता दी गई है, जोकि किसी पुष्ट मामले के सम्पर्क में आने के बाद दी जाएगी. यूएन एजेंसी विशेषज्ञ के अनुसार, दो वैक्सीन को भी समीक्षा के लिए चिन्हित किया गया है, और उनकी ख़ुराक के उपलब्ध होने की प्रतीक्षा है.

नाउम्मीद न होने की अपील

इस बीच, यूएन एजेंसी ने इबोला वायरस के फैलाव पर क़ाबू पाने के लिए सामुदायिक जागरुकता व प्रयासों की भूमिका पर बल दिया है. इस बीमारी के संक्रमण मामलों में मृत्यु दर 30 से 50 प्रतिशत तक आंकी गई है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने हाल ही में डीआर काँगो में स्थिति का जायज़ा लेने के लिए वहाँ की यात्रा की. उन्होंने बीते सप्ताहांत बुनिया में कहा कि बुंडिबुग्यो वायरस की वजह से होने वाले संक्रमण को अच्छी मेडिकल देखभाल के ज़रिए ठीक किया जा सकता है और इतूरी में लोग पहले ही इससे उबर चुके हैं. 

“ऐसा नहीं है कि यह बिलकुल नाउम्मीद होने वाली स्थिति है.”

इससे पहले, WHO ने शुक्रवार को अपने एक अपडेट में कहा था कि डीआर काँगो और पड़ोसी देश युगांडा में इबोला तेज़ी से फैल रहा है. संक्रमण मामले व भौगोलिक दायरा बढ़ रहा है, और सीमा पार भी वायरस पहुँच रहा है. 

इसके अलावा, डीआरसी में संक्रमितों की देखभाल में जुटे एक अमेरिकी व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उनका जर्मनी में उपचार चल रहा है.