सेवा, साहस व बलिदान के लिए, भारतीय मेजर सहित 4 यूएन शान्तिरक्षकों को सम्मान
संयुक्त राष्ट्र ने 29 मई को 'अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस' के अवसर पर, यूएन मिशनों में तैनात उन सैन्य और पुलिस शान्तिरक्षकों को सम्मानित करने की घोषणा की है, जिन्होंने संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में असाधारण साहस, नेतृत्व, मानवता की रक्षा और लैंगिक अधिकारों के लिए विशेष योगदान दिया है. इनमें लेबनान में यूएन मिशन में सेवारत भारतीय शान्तिरक्षक मेजर अभिलाषा बराक भी शामिल हैं, जिन्हें 'सैन्य लैंगिक पैरोकार' पुरस्कार के लिए चुना गया है.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश विजेताओं को, 5 जून को यूएन शान्तिरक्षा के सर्वोच्च सम्मान ‘कैप्टन म्बाये डियान पदक’ (Captain Mbaye Diagne Medal) समेत अन्य पुरस्कार से सम्मानित करेंगे.
यूक्रेन के सर्गेई प्रिखोदको और उरूग्वे के सार्जेंट मातियास रेयेस को ‘अभूतपूर्व साहस के लिए कैप्टन म्बाये डियाने पदक' के लिए चुना गया है.
यह मेडल, सेनेगल के शान्तिरक्षक कैप्टन म्बाये डियाने की स्मृति में दिया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1994 में रवांडा में एक शान्तिरक्षक के तौर पर सैकड़ों ज़िन्दगियों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान किया था.
सर्गेई प्रिखोदको, यूक्रेन - कैप्टन म्बाये डियान पदक (मरणोपरान्त)
यूक्रेन के सर्गेई प्रिखोदको, दक्षिण सूडान में यूएन मिशन (UNMISS) में हेलीकॉप्टर चालक दल के साथ एक निजी ठेकेदार के रूप में कार्यरत थे.
उन्होंने मार्च 2025 में, अपर नाइल प्रान्त में घिरे हुए सैनिकों को निकालने के लिए चलाए गए एक अत्यधिक जोखिमपूर्ण हवाई अभियान के दौरान, अपने कम अनुभवी सहयोगी की जगह स्वयं जाने के लिए स्वेच्छा से आगे आने का निर्णय लिया.
इस अभियान के दौरान सुरक्षित मार्ग का आश्वासन दिए जाने के बावजूद, उनके हेलीकॉप्टर पर गोलीबारी हुई, जिसमें सर्गेई प्रिखोदको की मृत्यु हो गई और चालक दल के दो अन्य सदस्य घायल हो गए.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मिशन को पूरा करने के लिए स्वयं को ख़तरे में डालने की उनकी तत्परता और साहसिक कार्रवाई ने हिंसा के बीच अनेक लोगों की जान बचाने में मदद की.
सार्जेंट मातियास रेयेस, उरूग्वे - कैप्टन म्बाये डियान पदक
उरूग्वे के सार्जेंट मातियास रेयेस, जनवरी 2025 में काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यूएन मिशन (MONUSCO) के तहत गोमा में तैनात थे. इस दौरान, डीआर काँगो की सशस्त्र सेनाओं और विद्रोही एम23 सशस्त्र समूह के बीच भीषण लड़ाई छिड़ी हुई थी.
MONUSCO शिविर के प्रवेश द्वार की सुरक्षा में सहायता करते हुए, सार्जेंट रेयेस ने भारी गोलीबारी के बीच कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर काँगो के उन घायल सैनिकों को बचाया, जो यूएन मिशन में शरण लेने की कोशिश कर रहे थे.
उन्होंने जोखिमों के बावजूद, गम्भीर रूप से घायल 12 सैनिकों को उठाकर यूएन सैनिकों द्वारा स्थापित अस्थाई चिकित्सा शिविर तक पहुँचाने में मदद की. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सार्जेंट मातियास रेयेस ने अपने कर्तव्य से आगे बढ़कर अनेक लोगों की जान बचाई.
उनकी ओर से यह पदक संयुक्त राष्ट्र में उरूग्वे के स्थाई मिशन का एक प्रतिनिधि ग्रहण करेगा. ग़ौरतलब है कि सार्जेंट रेयेस वर्तमान में भी काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यूएन के नीले ध्वज तले अपनी सेवाएँ दे रहे हैं.
मेजर अभिलाषा बराक, भारत - सैन्य लैंगिक पैरोकार
मेजर अभिलाषा बराक, दक्षिणी लेबनान में यूएन मिशन (UNIFIL) में तैनात भारतीय बटालियन में सामुदायिक सम्पर्क टीम की कमांडर और लैंगिक समन्वय अधिकारी के रूप में सेवारत हैं. वह सैन्य अभियानों, गश्त और नागरिक-सैन्य गतिविधियों में लैंगिक दृष्टिकोण को शामिल करने में अहम भूमिका निभा रही हैं.
उन्होंने व्यापक जनसम्पर्क अभियानों का नेतृत्व करते हुए 5 हज़ार से अधिक महिलाओं और लड़कियों तक पहुँच बनाई है. साथ ही, व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और संघर्ष के बाद पुनर्वास को समर्थन दिया.
मेजर बराक ने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए नवाचार आधारित उपाय भी शुरू किए हैं. इनमें ‘लेबनान लैंगिक पहल’ नामक एआई-संचालित फ़ोरम भी है, जिसके ज़रिए महिलाएँ और बच्चे गोपनीय रूप से लैंगिक हिंसा की शिकायत दर्ज करा सकते हैं.
यह मंच शिकायतों की निगरानी, हेल्पलाइन सेवाओं तक पहुँच, आत्मरक्षा के लिए समर्थन और शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराता है.
निरीक्षक स्टेफ़नी कोनिग्स, जर्मनी - सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस अधिकारी
जर्मनी की इंस्पैक्टर स्टेफ़नी कोनिग्स को संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान मिशन (UNMISS) के शासनादेश के क्रियान्वयन में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए सम्मानित किया गया है.
वह सितम्बर 2024 से मार्च 2026 तक मिशन में गश्ती दल की प्रमुख के रूप में तैनात रहीं.
उन्होंने गश्त लगाने के लिए संगठित व्यवस्था शुरू की और मिशन के सैन्य शान्तिरक्षकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करके ज़मीनी अभियानों को मज़बूत बनाया.
उनके नेतृत्व ने संकट की परिस्थितियों में प्रारम्भिक चेतावनी तंत्र को सुदृढ़ करने और मिशन स्तर पर निर्णय-निर्धारण में भी अहम योगदान दिया.
इंस्पेक्टर कोनिग्स ने, उच्च जोखिम और राजनैतिक रूप से संवेदनशील माहौल में कार्य करते हुए यह दिखाया कि महिलाएँ आत्मविश्वास और अधिकार के साथ अग्रिम मोर्चे पर पुलिस अभियानों का नेतृत्व कर सकती हैं.
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, उनके प्रयासों से मिशन की प्रभावशीलता और स्थानीय समुदायों के साथ भरोसा दोनों मज़बूत हुए हैं.
पुरस्कार वितरण समारोह , 5 जून को न्यूयॉर्क समयानुसार सुबह 10 से 12 बजे तक यूएन मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा, जिसका प्रसारण यूएन वैब टीवी पर देखा जा सकता है.