वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

अन्तरराष्ट्रीय शान्तिरक्षक दिवस: 'शान्ति में निवेश, एक सुरक्षित भविष्य में निवेश'

यूनीफिल के शांति सैनिक छलावरण वर्दी और नीले हेलमेट पहने हुए, लेबनान के मेइस एल जेबेल में नीली रेखा के साथ गश्त करते हुए, राइफल पकड़े हुए और संयुक्त राष्ट्र ध्वज के साथ।
© UNIFIL/Pasqual Gorriz लेबनान में ब्लू लाइन के इर्दगिर्द यूएन मिशन, UNIFIL में तैनात शान्तिरक्षक गश्त लगा रहे हैं.

अन्तरराष्ट्रीय शान्तिरक्षक दिवस: 'शान्ति में निवेश, एक सुरक्षित भविष्य में निवेश'

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार, 29 मई, को 'अन्तरराष्ट्रीय यूएन शान्तिरक्षक दिवस' के अवसर पर अपने सन्देश में, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्व निभा रहे शान्तिरक्षकों के साहस, सेवा और बलिदान को श्रृद्धांजलि अर्पित की है. साथ ही, उन्होंने आगाह किया है कि बढ़ते वैश्विक तनाव और संघर्षों के दौर में शान्तिरक्षा, स्थिरता और उम्मीद बहाल करने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है. 

विश्व भर में, इस समय 50 हज़ार से अधिक शान्तिरक्षक, यूएन मिशन के ध्वज तले तैनात हैं जो आम लोगों के जीवन की रक्षा कर रहे हैं.

यूएन प्रमुख ने अपने सन्देश में कहा कि ये शान्तिरक्षक अपने घरों से दूर, “दुनिया की कुछ बेहद ख़तरनाक परिस्थितियों में काम करते हुए” युद्धरत पक्षों के बीच तनाव कम करते हैं, सहायता आपूर्ति सम्भालते हैं, चुनावों को समर्थन देते हैं और राजनैतिक समाधानों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं.

महासचिव ने कहा कि इस अन्तरराष्ट्रीय दिवस पर हम अतीत में सेवारत रहे और वर्तमान में तैनात शान्तिरक्षकों का सम्मान करते हैं, और उनके कार्य को मज़बूती देने की साझा ज़िम्मेदारी की फिर से पुष्टि करते हैं.

उन्होंने, वर्ष 1948 से अब तक अपने प्राण न्यौछावर करने वाले लगभग 4,500 शान्तिरक्षकों को भी श्रृद्धांजलि दी, जिनमें पिछले वर्ष जान गँवाने वाले 59 शान्तिरक्षक भी शामिल हैं. 

यूएन प्रमुख ने कहा, “शान्ति के लिए सेवा करते हुए किसी को भी अपने जीवन के बलिदान करने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए.”

उन्होंने शान्तिरक्षकों पर होने वाले हमलों को “अन्तरराष्ट्रीय मानवीय क़ानून का उल्लंघन” बताते हुए सदस्य देशों से कहा कि वे “यूएन कर्मचारियों की हर समय सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाएँ.”

महासचिव ने सचेत किया कि “बढ़ते तनाव के इस दौर में, स्थिरता व उम्मीद बहाल करने के लिए, शान्तिरक्षा एक सिद्धहस्त और किफ़ायती रास्ता है,” मगर इसके लिए “राजनैतिक समर्थन और विश्वसनीय वित्तीय समर्थन” आवश्यक है.

इस वर्ष, अन्तरराष्ट्रीय दिवस की थीम “शान्ति में निवेश कीजिए” है, जोकि उनके अनुसार एक “ऐसी निर्णायक कार्रवाई की पुकार लगाती है जिससे शान्तिरक्षकों को अपने तयशुदा दायित्वों को निभाने के लिए ज़रूरी संसाधन मुहैया कराने पर केन्द्रित है.

महासचिव ने कहा, “शान्तिरक्षा में निवेश, एक सुरक्षित भविष्य में निवेश है.” उन्होंने सदैव उन लोगों को समर्थन देने का आहवान किया जो शान्ति को साकार करने में सहायता करते हैं.