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NPT समीक्षा सम्मेलन, बिना किसी आम सहमति के समाप्त, परमाणु हथियारों की होड़ पर चिन्ता

जेनेवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो वक्ता, पृष्ठभूमि में संयुक्त राष्ट्र के लोगो के साथ।
United Nations इस सम्मेलन के अध्यक्ष राजदूत डो हूंग वियत और संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामित्सू ने शुक्रवार को प्रैस वार्ता को सम्बोधित किया.

NPT समीक्षा सम्मेलन, बिना किसी आम सहमति के समाप्त, परमाणु हथियारों की होड़ पर चिन्ता

शान्ति और सुरक्षा

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में चार सप्ताह तक चली वार्ताओं के बाद, परमाणु अप्रसार सन्धि (NPT) का 11वाँ समीक्षा सम्मेलन, किसी घोषणापत्र पर सहमति के बग़ैर ही समाप्त हो गया है.

NPT समीक्षा सम्मेलन के अध्यक्ष राजदूत डू हुंग वियत और निरस्त्रीकरण मामलों के लिए यूएन प्रमुख इज़ूमी नाकामित्सू ने शुक्रवार देर शाम को एक प्रैस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि इस सन्धि को आधुनिक बनाने के उपायों पर सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई.

अन्तरराष्ट्रीय परमाणु निरस्त्रीकरण प्रयासों की आधारशिला मानी जाने वाली यह सन्धि 50 वर्ष से अधिक पुरानी है.

राजदूत वियत ने, सम्मेलन में प्रतिनिधियों की “ईमानदार और सार्थक भागेदारी” की सराहना की, लेकिन निराशा भी जताई कि वे किसी सहमति तक पहुँचने और दुनिया को अधिक सुरक्षित बनाने के अवसर का लाभ उठाने में विफल रहे.

विफलता के 16 वर्ष

1970 में सन्धि को पारित करते समय किए गए संकल्पों की, समीक्षा सम्मेलन में दोबारा पुष्टि या उन्हें मज़बूत किए हुए 16 वर्ष बीत चुके हैं, और अगला समीक्षा सम्मेलन अब साल 2031 में आयोजित होगा.

इस बीच, परमाणु हथियारों की होड़ को लेकर चिन्ताएँ लगातार बढ़ रही हैं, क्योंकि परमाणु शस्त्रागारों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और हथियारों की कुल संख्या में भी वृद्धि हो रही है.

राजदूत वियत ने चेतावनी दी कि गहरे तनावों और परमाणु हथियारों से बढ़ते ख़तरे वाले अन्तरराष्ट्रीय माहौल में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है. “यदि कोई ठोस परिणाम सामने आता, तो इससे सन्धि मज़बूत होती और उसके उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती, लेकिन ऐसे परिणाम नहीं आने की स्थिति में मुझे सन्धि के भविष्य को लेकर चिन्ता है.”

संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण प्रमुख इज़ूमी नाकामित्सू ने कहा कि यदि सदस्य देश इस व्यवस्था को बनाए रखना चाहते हैं, तो उन्हें लगातार तीन बार सहमति नहीं बन पाने की स्थिति को बेहद गम्भीरता से लेना होगा.

उन्होंने परमाणु हथियार सम्पन्न देशों से अपील करते हुए ध्यान दिलाया कि, “अप्रसार और निरस्त्रीकरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं...यह मान लेना पूरी तरह ग़लत है कि केवल अप्रसार से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभाई जाएँगी, जबकि वे स्वयं निरस्त्रीकरण से जुड़ी अपनी प्रतिबद्धताओं और उनके क्रियान्वयन से दूर रहें.

यूएन प्रमुख ने जताई चिन्ता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को जारी अपने एक वक्तव्य में, इस समीक्षा सम्मेलन में आम सहमति नहीं बन पाने पर निराशा व्यक्त की है.

उन्होंने सदस्य देशों की ओर से दिखाई गई ईमानदार और सार्थक भागेदारी का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सम्मेलन अपने उद्देश्य में सफल नहीं हो सका, विशेषकर ऐसे समय में जब अन्तरराष्ट्रीय सुरक्षा को गम्भीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

यूएन प्रमुख ने सभी देशों से अपील की है कि सम्वाद, कूटनीति और बातचीत के सभी उपलब्ध माध्यमों का पूरा उपयोग किया जाना होगा, ताकि तनाव को कम किया जा सके, परमाणु जोखिम घटाए जा सकें और अन्ततः परमाणु ख़तरे को समाप्त किया जा सके.