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यात्री जहाज़ पर ‘हंटावायरस’ का प्रकोप, बचाव उपायों व ऐहतियात के लिए WHO सतर्क

अंधेरे में एक क्रूज जहाज के डेक से एक यात्री का दृश्य, जो शांत समुद्र में जागता है क्योंकि यह रंगीन सूर्यास्त के आकाश के नीचे दूर के अलास्का तट की ओर यात्रा करता है।
© Unsplash/Sheila Jellison समुद्र तट के नज़दीक एक यात्री क्रूज़ जहाज़ रवाना होने के लिए तैयार हो रहा है.

यात्री जहाज़ पर ‘हंटावायरस’ का प्रकोप, बचाव उपायों व ऐहतियात के लिए WHO सतर्क

स्वास्थ्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अटलांटिक महासागर में एक यात्री क्रूज़ जहाज़ पर घातक ‘हंटावायरस’ के प्रकोप से, अन्तरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उपजी चिन्ताओं के बीच सचेत किया है कि यह एक गम्भीर, मगर सीमित दायरे में हुई घटना है. यूएन एजेंसी के अनुसार, फ़िलहाल किसी अफ़रातफ़री या फिर यात्रा पाबन्दियों की कोई आवश्यकता नहीं है. 

अब तक, इस वायरस के कारण तीन लोगों की मौत होने की ख़बर है और अनेक अन्य के संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की गई है. एक संक्रमित मरीज़ को दक्षिण अफ़्रीका में गहन चिकित्सा देखभाल कक्ष में भर्ती कराया गया है.

प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद एक मामले की पुष्टि की गई है, लेकिन फ़िलहाल यात्री क्रूज़ जहाज़ पर 5 अतिरिक्त संदिग्ध मामले होने की आशंका है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम, इस जहाज़ से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और जोखिम की समीक्षा करने में जुटी है. 

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हंटावायरस संक्रमण, चीज़ों को कुतरने वाले जानवरों (कृंतकों) जैसेकि संक्रमित छोटे या बड़े चूहों (rodents) के मल-मूत्र के सम्पर्क में आने की वजह से फैलता है. 

विश्व भर में, हर वर्ष इसके कम से कम 10 हज़ार या 1 लाख से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं, जिनमें अधिकाँश एशिया व योरोप क्षेत्र में होते हैं.

किसी संक्रमित के सम्पर्क में आने के बाद, मनुष्यों में इसके लक्षण 1 से 6 सप्ताह के भीतर दिखाई देते हैं, जिनमें बुखार, सिरदर्द, माँसपेशियों में दर्द, और पाचन तंत्र से जुड़ी मुश्किलें जैसेकि पेट दर्द, मितली या उल्टी हैं. 

पाबन्दियों की आवश्यकता नहीं

अफ़्रीका के लिए यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद याकूब जनाबी ने बताया कि यह एक गम्भीर, मगर सीमित दायरे में हुई घटना है और फ़िलहाल किसी अफ़रातफ़री या फिर यात्रा पाबन्दियों की कोई आवश्यकता नहीं है. 

उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान स्पष्ट रूप से निम्न क़दमों पर केन्द्रित है: ज़िन्दगियों की रक्षा करना, जोखिमों में कमी लाना और यह सुनिश्चित करना कि देशों को विज्ञान-आधारित कार्रवाई के लिए समर्थन मिले.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की भानू भटनागर ने यूएन न्यूज़ को बताया है कि आम तौर पर हंटावायरस के मामले कम ही देखे जाते हैं लेकिन कभी-कभार यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है और श्वसन तंत्र की गम्भीर बीमारी की वजह बन सकता है.

इसके संक्रमितों की निरन्तर निगरानी करने और उन्हें ज़रूरी समर्थन मुहैया कराए जाने की आवश्यकता होती है.

उन्होंने कहा कि व्यापक दायरे में जनता के लिए फ़िलहाल जोखिम कम है, और किसी चिन्ता या यात्रा पाबन्दियों की कोई वजह नहीं है.

निगरानी व जागरुकता प्रयास

विश्व स्वास्थ्य संगठन, इस सिलसिले में सम्बद्ध देशों और क्रूज़ जहाज़ के संचालकों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि ज़रूरत होने पर मेडिकल देखभाल, इलाज या बचाव के लिए बाहर निकालने और जोखिम के पूर्ण आकलन की व्यवस्था की जा सके.

दो यात्रियों में इस संक्रमण के लक्षण नज़र आने के बाद उन्हें इलाज के लिए बाहर लाया गया है, जबकि जहाज़ पर उपस्थित यात्रियों व चालक दल के सदस्यों की निगरानी की जा रही है.

हंटावायरस के प्रकोप की वजह को समझने के लिए जाँच शुरू कर दी गई है, जिसके तहत लैब में परीक्षण, शुरुआती संक्रमितों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान और वायरस की आनुवांशिक सीक्वेंसिंग की जा रही है. 

इसके साथ-साथ, WHO ने अन्तरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियामन व्यवस्था के तहत प्रभावित देशों में स्वास्थ्य प्रशासन को भी सूचित किया है और सार्वजनिक रोग से जुड़ी जानकारी साझा करने की तैयारी की जा रही है.