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हरित ऊर्जा को अपनाकर तस्वीर बदल रहे हैं ये 4 देश

आइसलैंड में हेल्िसहेदी भूतापीय विद्युत संयंत्र का एक व्यापक दृश्य, जिसमें सुविधा से उठती भाप और हरे, पहाड़ी परिदृश्य में फैले बड़े पाइप दिखाई दे रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र फोटो/एस्किंडर देबेबे हेलीशीडी जियोथर्मल विद्युत संयंत्र, आइसलैंड.

हरित ऊर्जा को अपनाकर तस्वीर बदल रहे हैं ये 4 देश

जलवायु और पर्यावरण

दुनिया के लिए तेल और गैस के एक बड़े हिस्से के परिवहन के लिए ज़िम्मेदार मध्य पूर्व क्षेत्र अस्थिरता और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है, और ये हालात देशों को यह सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि वे सस्ती और भरोसेमन्द ऊर्जा आपूर्ति कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं. इन हालात में, नवीकरणीय या हरित ऊर्जा स्रोतों की भूमिका और अहमियत तेज़ी से बढ़ रही है.

दुनिया में इस्तेमाल होने वाले लगभग 20 प्रतिशत गैस और तेल की आपूर्ति, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते से होकर गुज़रती है, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा और घुमावदार समुद्री मार्ग है.

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह मार्ग बड़े पैमाने पर बाधित हो गया है.

आपूर्ति में इस व्यवधान ने देशों को अस्थिर क़ीमतों, भू-राजनैतिक झटकों और आपूर्ति संकटों के प्रति अधिक संवेदनशील बना दिया है.

सौर, पवन और जलविद्युत जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के स्रोत, अब केवल जलवायु कारणों से ही नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहनक्षमता बढ़ाने के लिए भी आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों की रीढ़ के रूप में तेज़ी से जीवाश्म ईंधनों की जगह ले रहे हैं.

काठमांडू, नेपाल में एक व्यस्त और भीड़भाड़ वाली सड़क का उच्च कोण से लिया गया दृश्य, जिसमें कारें, बसें, मोटरसाइकिलें और पैदल यात्री मिले हुए हैं।
UN News/Vibhu Mishra नेपाल ने जलविद्युत क्षमता का तेज़ी से विस्तार किया है.

नेपाल: जलविद्युत से बदलती ज़िन्दगियाँ

नेपाल ने जलविद्युत क्षमता का तेज़ी से विस्तार किया है और अब उसकी ग्रिड-आधारित बिजली उत्पादन लगभग पूरी तरह नवीकरणीय स्रोतों पर आधारित है, हालाँकि परिवहन क्षेत्र अब भी जीवाश्म ईंधनों पर निर्भर है.

ऊर्जा मिश्रण:

  • जलविद्युत का वर्चस्व
  • सौर और माइक्रो-हाइड्रो प्रणालियों का सीमित, लेकिन बढ़ता उपयोग.
  • बिजली के लिए आयात होने वाले जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता में कमी.

संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, नेपाल की कुल विद्युत क्षमता का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आता है.

जलविद्युत के विस्तार से देश के आयात होने वाले ईंधनों पर निर्भरता कम हो रही है और एक पर्वतीय तथा ढाँचागत-चुनौतीपूर्ण देश में ऊर्जा आपूर्ति अधिक स्थिर हो रही है.

भूमिबद्ध देश नेपाल, अब ग्रामीण विद्युतीकरण के विस्तार, विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय प्रणालियों के विकास और पारम्परिक लकड़ी-आधारित भोजन पकाने से स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण पर कार्य कर रहा है.

इससे घरेलू प्रदूषण में कमी आ रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है.

नॉर्वे: पनबिजली (Hydropower) आधारित प्रणाली, तेल पर घटती निर्भरता

नॉर्वे अब भी तेल और गैस का एक प्रमुख निर्यातक देश है, लेकिन घरेलू स्तर पर उसकी बिजली प्रणाली पहले से ही लगभग पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित है.

इससे देश को एक स्थिर और घरेलू नियंत्रण वाली ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलती है.

नॉर्वे के ओस्लो का पैनोरमिक दृश्य, जिसमें बादलों से ढके नीले आकाश के नीचे आधुनिक गगनचुंबी इमारतें, बंदरगाह और आसपास की पहाड़ियाँ दिखाई दे रही हैं।
© Unsplash/Oscar Daniel Rangel नॉर्वे अब भी एक प्रमुख तेल और गैस निर्यातक देश है.

ऊर्जा मिश्रण:

  • पनबिजली का वर्चस्व, जो कुल बिजली उत्पादन का लगभग 90 - 95 प्रतिशत है.
  • पवन ऊर्जा क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है.
  • बिजली उत्पादन में जीवाश्म ईंधनों का प्रयोग न्यूनतम है.

नॉर्वे पूर्ण ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. इसमें परिवहन का विद्युतीकरण, अपतटीय पवन ऊर्जा (offshore wind) परियोजनाओं का विस्तार और घरेलू क्षेत्रों में जीवाश्म ईंधनों के उपयोग से धीरे-धीरे दूरी बनाना शामिल है.

पराग्वे: नवीकरणीय बिजली का प्रमुख केन्द्र

पराग्वे, दुनिया के स्वच्छ ऊर्जा देशों में शामिल है, जहाँ ग्रिड की लगभग पूरी बिजली नवीकरणीय स्रोतों, ख़ासतौर पर जलविद्युत से उत्पन्न होती है.

पराग्वे नदी पर स्थित इटाइपु बांध से पानी का एक विशाल प्रवाह, जिससे नीले आकाश के सामने सफेद पानी का एक विशाल गुबार और छिड़काव उठ रहा है। यह बांध ब्राजील और पैराग्वे द्वारा संयुक्त रूप से संचालित है।
संयुक्त राष्ट्र समाचार/डैनियल डिकिन्सन पराना नदी पर स्थित जलविद्युत इटाइपु बांध.

ऊर्जा मिश्रण:

  • जलविद्युत से लगभग 100 प्रतिशत बिजली का उत्पादन.
  • बिजली क्षेत्र में जीवाश्म ईंधनों का उपयोग लगभग न के बराबर, हालाँकि परिवहन क्षेत्र अब भी इन पर निर्भर है.

प्रचुर जलविद्युत संसाधनों के कारण पराग्वे को बेहद सस्ती बिजली, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त बिजली के निर्यात से राजस्व प्राप्त होता है.

इथियोपिया: नवीकरणीय ऊर्जा से बढ़ती पहुँच और अवसर

इथियोपिया, अफ़्रीका में नवीकरणीय ऊर्जा के एक उभरते देश के रूप में सामने आ रहा है, जहाँ ऊर्जा प्रणाली मुख्य तौर पर जलविद्युत पर आधारित है और सौर ऊर्जा का भी विस्तार हो रहा है.

एक महिला और बच्चा इथियोपिया के धंगिस्ता में एक खेत में सौर पैनल और पानी पंप प्रणाली के बगल में बैठे हैं।
© IWMI/Petra Schmitter इथियोपिया के किसान, सौर ऊर्जा के ज़रिए अपनी फ़सलों की अधिक कुशलता से सिंचाई करने में सक्षम हो रहे हैं.

ऊर्जा मिश्रण:

  • बड़े बाँधों से जलविद्युत उत्पादन.
  • सौर और पवन ऊर्जा क्षमता में वृद्धि.
  • बिजली उत्पादन में जीवाश्म ईंधनों का न्यूनतम उपयोग.

संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, इथियोपिया की कुल बिजली क्षमता का 98 प्रतिशत से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आता है.

नवीकरणीय ऊर्जा, इथियोपिया की उस रणनीति का केन्द्र है, जिसके तहत सभी को बिजली उपलब्ध कराना, ख़ासकर दूरदराज़ के इलाक़ों में रहने वाले समुदायों तक पहुँच बनाना, आयात होने वाले ईंधनों पर निर्भरता कम करना और आर्थिक विकास को गति देना शामिल है.