कोलम्बिया: लड़ाई-झगड़े की राह से हटकर, फ़ैशन मार्ग की ओर क़दम
कोलम्बिया में दशकों तक चले गृहयुद्ध में सशस्त्र गतिविधियों में रह चुकीं यानि लड़ाका रह चुकी कैटरीन एवेला उन सामुदायिक नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने, शान्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. उन्होंने हिंसा की समाप्ति के बाद अपने लिए सुन्दरता के मार्ग पर चलने का रास्ता चुना और इक्सोरा (Ixora) नामक एक फै़शन ब्रैंड शुरू किया. मगर कैटरीन को, क्षेत्र में फिर से बढ़ती हिंसा के बीच, इस पहल को संभालने में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
शान्ति को धीरे-धीरे, छोटे-छोटे प्रयासों से बनाना पड़ता है, बिल्कुल किसी कपड़े पर सुन्दर कढ़ाई करने के लिए टाँका दर टाँका लगाने की तरह.
कैटरीन ने भी इसी सोच के साथ, कोलम्बिया के कैटाटुम्बो (Catatumbo) में एक सिलाई कार्यशाला में काम शुरू किया.
यह पहल 2016 के कोलम्बियाई सरकार और FARC विद्रोहियों के बीच हुए शान्ति समझौते का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पूर्व लड़ाकों को समाज में फिर से शामिल करना और संघर्ष के घावों को भरना था.
कैटरीन एवेला भी अनेक अन्य पूर्व लड़ाकों की तरह, युद्ध के बाद अपनी ज़िन्दगी को फिर से सँवारने का रास्ता तलाश कर रही थीं.
यह कार्यशाला उनके लिए प्रशिक्षण, देखभाल और महिलाओं के सशक्तिकरण का एक ऐसा मंच बनी, जो लैंगिक आधारित हिंसा को रोकने में भी मदद करती है: एक ऐसी जगह, जहाँ महिलाएँ कोई हुनर सीख सकें, एक-दूसरे का सहारा बन सकें और हिंसा से प्रभावित माहौल के बीच फिर से आत्मविश्वास हासिल कर सकें.
एक मुलाक़ात...
कैटरीन एवेला ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर ‘Stitches for Peace’ की शुरुआत की, जहाँ स्वैटशर्ट, टी-शर्ट और यूनीफ़ॉर्म तैयार किए जाने लगे, लेकिन 2021 में इस पहल ने एक नया मोड़ लिया और यह उच्च फै़शन की ओर बढ़ने लगी.
संयुक्त राष्ट्र सत्यापन मिशन द्वारा शुरू की गई एक पहल के दौरान, कैटरीन की मुलाक़ात लीना गार्सेस से हुई.
लीना, एक्सटर्नाडो यूनिवर्सिटी (Externado University) से प्रशिक्षित अर्थशास्त्री हैं और कुकूटा में, प्रयोग किए गए कपड़ों की, ‘Lina's Closet’ नामक एक बुटीक चलाती हैं.
लीना गार्सेस अक्सर कहती थीं कि उनकी दुकान “दूसरा अवसर पाने वाले कपड़े” बेचती है…एक ऐसा वाक्य, जिसका अर्थ अब एक नया रूप लेने वाला था.
उन्होंने इस पहल में शामिल होने के लिए सहमति तो दी, लेकिन कुछ हिचकिचाहट के साथ.
उनका निजी जीवन भी सशस्त्र संघर्ष से प्रभावित रहा था, और उनके परिवार ने अपहरण जैसी दर्दनाक घटना झेली थी, जिसकी यादें अब भी उनके साथ थीं.
जब अदभुत हुनर से हुईं भेंट...
इसके बावजूद, वह कैटाटुम्बो के जंगलों के बीच स्थित Caño Indio पहुँचीं, जहाँ उन्हें फै़शन की दुनिया से बिल्कुल अलग माहौल मिला …अस्थाई ढाँचे, टीन की छतें, कच्ची सड़कें और साझा शौचालय.
लेकिन वहीं उन्हें एक ऐसी चीज़ भी मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी…प्रतिभा.
लीना कहती हैं, “इन महिलाओं में अदभुत हुनर था. जो सिलाई करती थीं, वे बेहद सटीकता के साथ काम करती थीं, जो महिलाएँ, कपड़ा काटती थीं, उनके हाथों में पेशेवर जैसी पकड़ थी.”
युद्ध के दौरान कई महिलाओं ने सुई-धागा सम्भालना सीखा था, कभी वर्दी तो कभी जूते ठीक करते हुए…अब वही हुनर एक नई कहानी बुन रहा था.
उन्होंने 15 दिनों तक डिज़ाइन, माप और सुन्दरता के लिए बारीकियों पर गहन काम किया. इन्हीं दिनों के दौरान Ixora फूल से प्रेरित प्रिंट वाली स्कर्ट बनाने का विचार सामने आया.
Ixora, एक ऐसा पौधा है जो सालभर खिलता है और कैटाटुम्बो में दृढ़ता व संघर्षशीलता का प्रतीक माना जाता है.
Ixora का जन्म
इन कार्यशालाओं के परिणामस्वरूप, ‘इक्सोरा, समावेशी और स्वायत्त’ (Ixora, inclusive and autonomous) नामक ब्रैंड की शुरुआत हुई.
2021 के अन्त तक, उनके परिधानों की पहली खेप तैयार हो चुकी था, जिसे कुकूटा की जूलियो पेरेज़ लाइब्रेरी में प्रस्तुत किया गया.
इस फै़शन शो की ख़ास बात यह थी कि हिंसक टकराव के भुक्तभोगी और शान्ति समझौते के हस्ताक्षरकर्ता, एक ही रैम्प पर साथ नज़र आए.
लीना गार्सेस ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि “मेरे लिए, आज ये संवेदनशील महिलाएँ हैं, जो आगे बढ़ना चाहती हैं…. मैं उनका साथ देना चाहती हूँ और उनके काम को अधिक लोगों तक पहुँचाना चाहती हूँ, ताकि हम शान्ति से जी सकें.”
इसके बाद, गार्सेस की दुकान के ज़रिए स्कर्ट्स की बिक्री शुरू हुई और जल्द ही अन्य डिज़ाइनर की भी इस पहल में रुचि बढ़ाने लगी.
इक्सोरा ने तिबू, ओकाना और बोगोटा के फै़शन शो में जगह बनानी शुरू की.
हिंसा की वापसी और...
हालाँकि, जनवरी 2025 में इस क्षेत्र में हिंसा फिर तेज़ होने के साथ इस पहल को झटका लगा है.
इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ, सामाजिक नेताओं और पूर्व लड़ाकों की हत्याएँ हुईं, और हज़ारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.
सिलाई कार्यशाला को बन्द करना पड़ा. कैटरीन एवेला बताती हैं, “डर के कारण महिलाएँ वापस आने को तैयार नहीं थीं.” उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता जीवन की रक्षा करना थी.
इसी संकट के बीच, इक्सोरा को कोलम्बिया में आधिकारिक रूप से ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत कर लिया गया, लेकिन उन्होंने इसका जश्न नहीं मनाया.
एवेला ने कहा “वह समय नहीं था… बहुत ज़्यादा अनिश्चितता थी.”
आज यह परियोजना एक मजबूर विराम के दौर से गुज़र रही है. सिलाई मशीनें अब भी Caño Indio में हैं, जबकि महिलाएँ एक अधिक सुरक्षित स्थान पर काम फिर से शुरू करने के लिए ज़रूरी भरोसे और सुरक्षा की प्रतीक्षा कर रही हैं.
इसके बावजूद, इक्सोरा की कहानी ख़त्म नहीं हुई है. इस ब्रैंड ने हाल ही में पुनर्वास और सामान्यीकरण एजेंसी (ARN) के साथ एक परियोजना हासिल की है, जिसके तहत अन्य महिलाओं को आत्म-देखभाल और मानसिक सहयोग की प्रक्रियाओं में साथ दिया जाएगा.
यह इक्सोरा के लिए एक नया चरण है, जो अब केवल आय सृजन तक सीमित नहीं, बल्कि संघर्ष से गुज़री महिलाओं के लिए एक सहारा और सुकून का स्थान बनाने की कोशिश भी है.
कैटरीन कहती हैं, “यह परियोजना एक सपना है. आर्थिक पहलू से आगे बढ़कर, यह हमारी संस्था को जीवित रखने और यह दिखाने का माध्यम है कि हम कुछ अलग बना सकते हैं.”