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मध्य पूर्व: 'भड़काऊ बयानों की बौछार' की निन्दा, विध्वंस के बजाय सम्वाद का आग्रह

दूर में बारिश के साथ नाटकीय तूफान बादल के नीचे तेहरान की छतों का एक मनोरम दृश्य, क्षितिज पर पहाड़ों के साथ।
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ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमलों के बाद एक इलाक़े से धुँआ उठ रहा है.

मध्य पूर्व: 'भड़काऊ बयानों की बौछार' की निन्दा, विध्वंस के बजाय सम्वाद का आग्रह

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) वोल्कर टर्क ने मध्य पूर्व में युद्धरत पक्षों द्वारा की जा रही भड़काऊ बयानबाज़ी की निन्दा की है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा ईरानी सभ्यता को तबाह कर देने की धमकी को वीभत्स क़रार दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने ज़ोर देकर कहा है कि विध्वंस के रास्ते पर आगे बढ़ने के बजाय, मौजूदा संकट का कूटनैतिक समाधान ढूंढा जाना होगा.

ईरान में इसराइल और अमेरिका के हमलों से जान-माल की हानि हुई है, बुनियादी ढाँचो को बड़े पैमाने पर क्षति पहुँची है और मानवीय आवश्यकताएँ बढ़ रही हैं. ईरानी सैन्य बलों ने भी मिसाइल व ड्रोन हमलों के ज़रिए इसराइल और खाड़ी क्षेत्रों में स्थित देशों को निशाना बनाया है.

मध्य पूर्व में व्याप्त संकट के बीच, तेल व गैस की आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए जहाज़ों की आवाजाही थमी है, जिससे अनेक देशों में ईंधन की क़िल्लत महसूस की जा रही है. 

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने मंगलवार को जारी अपने एक वक्तव्य में कहा कि मध्य पूर्व युद्ध के दौरान, पिछले दो हफ़्तों में सभी युद्धरत पक्षों ने जिस तरह से भड़काऊ बयानों की बौछार की है, वह निन्दनीय है. 

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इन बयानों में संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प का सोशल मीडिया पर वह सन्देश भी है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर धमकी दी है कि यदि ईरान ने इस समुद्री जलमार्ग को मंगलवार रात तक नहीं खोला तो फिर आज एक पूरी सभ्यता की मौत हो जाएगी और यह फिर कभी वापिस नहीं लौट पाएगी.

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति ने, ईरान से मंगलवार तक इस जलमार्ग को खोलने की मांग की थी, और उसके नहीं खोले जाने की स्थिति में बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य बुनियादी ढाँचों को ध्वस्त कर देने की धमकी दी थी.

गम्भीर अन्तरराष्ट्रीय अपराध

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा है कि महासचिव, सोशल मीडिया में ऐसी बयानबाज़ी से चिन्तित हैं, जिसमें "ईरान द्वारा समझौते के लिए सहमत नहीं होने की स्थिति में," ऊर्जा संयंत्रों, पुलों और अन्य प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमलों की धमकी दी गई है

“यह घिनौनी बात है. ऐसी धमकियों पर यदि कार्रवाई की जाती है तो इसे सबसे गम्भीर अन्तरराष्ट्रीय अपराधों की श्रेणी में रखा जा सकता है.” 

OHCHR प्रमुख के अनुसार, आम नागरिकों में भय और आतंक को फैलाना अस्वीकार्य है और इसे तुरन्त रोका जाना होगा.

वोल्कर टर्क ने ध्यान दिलाया कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अन्तर्गत, आम नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर जानबूझकर हमले करना एक युद्ध अपराध है. अन्तरराष्ट्रीय अपराधों के लिए ज़िम्मेदार किसी भी व्यक्ति की जवाबदेही, एक सक्षम अदालत द्वारा तय की जानी होगी.

“मैं अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से तनाव में कमी लाने और सभी आम नागरिकों की जीवन रक्षा के लिए तत्काल क़दम उठाने का आग्रह करता हूँ.”

किसी भी तरह से जायज़ नहीं

इस बीच, यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने मध्य पूर्व संकट का अन्त करने और आम नागरिकों व बुनियादी ढाँचों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कूटनैतिक प्रयासों पर बल दिया है.

उन्होंने न्यूयॉर्क में एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि सोमवार और फिर मंगलवार को जिस तरह से बयान जारी किए गए, उससे महासचिव बहुत चिन्तित हैं. ऐसे वक्तव्य जिसमें यह कहा गया है कि सम्पूर्ण आबादी या एक पूरी सभ्यता को राजनैतिक एवं सैन्य निर्णयों के नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा कि,“ऐसा कोई सैन्य उद्देश्य नहीं है, जिसके लिए किसी समाज के सम्पूर्ण विध्वंस या नागरिक आबादी को जानबूझकर कष्ट पहुँचाने को न्यायसंगत ठहराया जा सके.”

उन्होंने महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की अपील को दोहराते हुए कहा कि जब नेता विध्वंस के बजाय सम्वाद का रास्ता चुनते हैं तो हिंसक टकरावों का अन्त हो जाता है. उनके अनुसार, ये निर्णय अब भी लिए जा सकते हैं और शान्तिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीति मार्ग पर आगे बढ़ना होगा.

इस क्रम में, उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में हिंसक टकराव के मुद्दे पर यूएन प्रमुख के निजी दूत ज्याँ अरनॉ, संकट का राजनयिक समाधान तलाश करने के इरादे से, क्षेत्र के लिए रवाना हो रहे हैं. 

परमाणु स्वास्थ्य संकट टालने का आग्रह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान के बुशहेर परमाणु ऊर्जा प्लांट के नज़दीक सैन्य गतिविधियाँ जारी रहने और उससे उपजे जोखिमों पर गम्भीर चेतावनी जारी की है.

यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ने ज़ोर देकर कहा कि स्थिति बिगड़ने की वजह से रेडियोधर्मी दुर्घटना हो सकती है, जिसके आम नागरिकों के लिए गम्भीर व दीर्घकालिक स्वास्थ्य दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं. 

वहीं, ईरान से इतर अन्य देशों व क्षेत्रों में भी उसके असर महसूस किए जा सकते हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने सभी पक्षों से हिंसक टकराव के बजाय शान्ति का मार्ग तेज़ी से चुनने की अपील की है ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा हो सके और मानवीय व पर्यावरणीय विनाश को टाला जा सके.

ईरान में बिगड़ती स्थिति

ईरान में तेहरान शहर की क्षितिज पर उठते घने औद्योगिक धुएं के पीछे सूर्यास्त।
Public Domain
ईरान की राजधानी तेहरान के एक इलाक़े में उठता धुँआ.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) के अनुसार, ईरान में हुए हमलों में अब तक 2,100 से अधिक लोगों की जान गई है और 28 हज़ार घायल हुए हैं. 28 फ़रवरी को इसराइल व अमेरिकी बमबारी शुरू होने के बाद से अब तक 38 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं. 

देश भर में स्कूलों, घरों, स्वास्थ्य केन्द्रों समेत 1.15 लाख नागरिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुँची है. राजधानी तेहरान, इसफ़हान, बुशहेर समेत अन्य इलाक़ों में जान-माल की हानि हुई है और अति-आवश्यक सेवाओं पर गहरा असर हुआ है.

अहम प्रतिष्ठानों और औद्योगिक स्थलों पर हुए हमलों से बिजली व जल आपूर्ति और दूरसंचार सेवाओं में व्यवधान आया है और पर्यावरण व स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़े हैं.

हिंसक टकराव से प्रभावित कुछ इलाक़ों में मौसमी बाढ़ की वजह से स्थिति और जटिल हो गई है और यह विस्थापन व मानवीय सहायता आवश्यकताओं में उछाल की वजह बना है. 

ईरान में स्थानीय प्रशासन, रैड क्रेसेंट सोसाइटी के समर्थन से आपात राहत प्रयासों में जुटी हैं, वहीं संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ अपने साझीदार संगठनों के साथ मिलकर, प्रभावित आबादी को सहायता मुहैया करा रही हैं.