WHO: Opioid उपचार और 'ओवरडोज़' के बारे में कुछ नए नुस्ख़े
आज भी, वैश्विक स्तर पर अफ़ीम आधारित दर्द-निवारक ड्रग्स या औषधियों (Opioid) पर निर्भरता, बीमारी और मृत्यु का एक बड़ा कारण बनी हुई है. इसके मद्देनज़र, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने Opioid निर्भरता के उपचार और इन दवाओं के अत्यधिक प्रयोग के प्रबन्धन के लिए दिशा-निर्देशों में कुछ नई सिफ़ारिशें शामिल की हैं.
WHO के अनुसार, साल 2023 में, दुनियाभर में अनुमातः 31 करोड़ 60 लाख लोगों ने ड्रग्स का प्रयोग किया, जिनमें क़रीब 6 करोड़ 10 लाख लोग गै़र-चिकित्सीय रूप से अफ़ीम आधारित औषधियों या ड्रग्स यानि Opioid का सेवन कर रहे थे.
ड्रग्स से जुड़े स्वास्थ्य बोझ में Opioid का हिस्सा सबसे अधिक है, जिसमें घातक स्तर तक अत्यधिक मात्रा का सेवन यानि Overdose भी शामिल है.
वैश्विक स्तर पर नशीले पदार्थों (Drugs) के उपयोग से होने वाली, लगभग 6 लाख लोगों की मौतों में से क़रीब 4.5 लाख मौतें, केवल Opioid के सेवन कारण होती हैं. यह इस संकट की गम्भीरता को दर्शाता है.
Opioid क्या है?
आसान शब्दों में कहें तो, Opioid ऐसे पदार्थ या दवाएँ हैं जो अफ़ीम के पौधे से निकाले जाते हैं या प्रयोगशाला में बनाए जाते हैं. ये दिमाग़ के ख़ास संवेदक हिस्सों यानि Receptors को प्रभावित करते हैं और दर्द कम करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं.
इनकी श्रेणी में मॉर्फ़ीन, कोडीन और फ़ेंटानिल जैसी दवाएँ शामिल हैं, जो दर्द को कम करने के लिए प्रयोग की जाती हैं, जबकि मेथाडोन और बुप्रेनॉर्फ़िन का इस्तेमाल नशे की लत छुड़ाने के लिए इलाज में होता है.
Opioid के सेवन के बाद व्यक्ति को खु़शी या हल्का नशा महसूस होता है, इसी वजह से अनेक लोग इन्हें बिना डॉक्टर की सलाह के भी लेते हैं.
लेकिन, ये दवाएँ ख़तरनाक भी हो सकती हैं, और अधिक मात्रा में सेवन से, साँस लेने में कठिनाई हो सकती है, जबकि ओवरडोज़ से जान भी जा सकती है.
इलाज तक सीमित पहुँच
Opioid पर निर्भरता से जूझ रहे लोगों और ओवरडोज़ के ख़तरे में रहने वाले लोगों के लिए सस्ते, नैतिक, उच्च गुणवत्ता और प्रमाण-आधारित इलाज व देखभाल तक पहुँच सुनिश्चित करना बेहद ज़रूरी है.
दुनियाभर में, अनुमानित 6 करोड़ 40 लाख लोग नशीले पदार्थों के उपयोग सम्बन्धी विकारों से जूझ रहे हैं, लेकिन इनमें से 10 प्रतिशत से भी कम लोगों को ही उपचार मिल पा रहा है.
WHO के नुस्ख़े
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने, इस समस्या से निपटने के लिए, ओपिऑयड निर्भरता के उपचार और इसके ओवरडोज़ के सामुदायिक प्रबन्धन से जुड़े दिशा-निर्देश बनाए हैं.
इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य, ज़रूरतमन्द लोगों की, प्रभावी उपचार तक पहुँच बढ़ाना और प्रमाण-आधारित सिफ़ारिशों के जरिए, ओपिऑयड ओवरडोज़ से होने वाली मौतों को कम करना है.
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के दिशा-निर्देश विकसित करने के तरीक़े के तहत, शामिल की गईं नई सिफ़ारिशें, एक कठोर और व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत तैयार की गई हैं.
इस प्रक्रिया में लाभ और हानि के सन्तुलन, लोगों के मूल्यों और प्राथमिकताओं, लागत-प्रभावशीलता, समानता, स्वीकार्यता और व्यवहार्यता जैसे पहलुओं पर विचार किया गया है.
WHO ने, नए दिशा-निर्देशों में Opioid agonist maintenance treatment (OAMT) उपचार को लेकर अपनी सिफ़ारिशों को दोहराया है.
यह उपचार पद्धति, ओपिऑयड निर्भरता से जूझ रहे लोगों को, निर्धारित चिकित्सकीय लक्ष्यों के तहत, मान्यता प्राप्त पेशेवरों द्वारा प्रमाणित दवाओं के ज़रिए, इलाज मुहैया कराने पर आधारित है.
इस बारे में विस्तृत और गहन जानकारी यहाँ देखी जा सकती है.
विस्तृत सिफ़ारिशें
यूएन स्वास्थ्य संगठन का दिशा-निर्देश विकास समूह (GDG), विशेषज्ञों के परामर्श साथ, इन दिशा-निर्देशों को अन्तिम रूप देने और प्रकाशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है. इनके इस वर्ष के अन्त तक या 2027 की शुरुआत में जारी होने की उम्मीद है.
इन दिशा-निर्देशों में, विस्तृत सिफ़ारिशें, उनके पीछे का तर्क, साक्ष्य-आधारित प्रोफ़ाइल, क्रियान्वयन से जुड़े पहलू, पहचाने गए शोध अन्तराल (research gaps) और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शामिल होगी.