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मध्य पूर्व युद्ध: मध्यस्थता और जीवनरक्षक उर्वरकों के परिवहन के लिए यूएन पहलें

होर्मुज जलडमरूमध्य का उपग्रह दृश्य, जो अरब प्रायद्वीप और ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के बीच संकीर्ण जलमार्ग दिखाता है।
© NASA/GSFC/Jacques Descloitres होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की एक सैटेलाइट तस्वीर. यह समुद्री संकरा मार्ग, मध्य पूर्व युद्ध में एक अहम बिन्दु बन गया है.

मध्य पूर्व युद्ध: मध्यस्थता और जीवनरक्षक उर्वरकों के परिवहन के लिए यूएन पहलें

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने, फ़रवरी के अन्तिम दिन मध्य पूर्व में युद्ध भड़कने के कुछ ही घंटों बाद, सुरक्षा परिषद को आगाह किया था कि इस लड़ाई से "ऐसी घटनाओं की श्रृंखला शुरू होने का ख़तरा है जिसे, दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में, कोई भी नियंत्रित कर सकेगा."

युद्ध के एक महीने बाद, मानवीय प्रभाव गहराता जा रहा है और हताहतों की बढ़ती संख्या और नागरिक बुनियादी ढाँचे को होने वाले नुक़सान के कारण यह संकट और भी ख़राब हो गया है.

साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके गम्भीर प्रभाव बढ़ रहे हैं जबकि प्रभावित नागरिकों की सहायता और टकराव को कम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयास जारी हैं. यूएन महासचिव ने घातक परिणामों को कम करने के लिए तत्काल कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया है.

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यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि समुद्री व्यापार के लिए होर्मुज़ संकरे समुद्री मार्ग (Strait of Hormuz) के लम्बे समय तक बन्द रहने से "दुनिया भर में बुवाई के मौसम के महत्वपूर्ण समय पर तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही बाधित हो रही है."

संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, टैंकरों की आवाजाही में 90 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, और यह स्थिति कृषि उत्पादन और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा कर रही है.

संयुक्त राष्ट्र के सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने कहा है, "यह संकट कोविड-19 और यूक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद से वैश्विक मानवीय आपूर्ति श्रृंखला सबसे महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा कर रहा है"

"मध्य पूर्व में मानवीय आपूर्ति पंक्तियाँ गम्भीर रूप से बाधित हो रही हैं, जिससे लाखों लोगों तक जीवनरक्षक भोजन, चिकित्सा सामग्री और आपातकालीन राहत की समय पर पहुँच को ख़तरा है."

यूएन महासचिव ने, युद्ध के रुकने के कोई संकेत नहीं नज़र आने के कारण, इस सप्ताह दो महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की: संयुक्त राष्ट्र के शान्ति प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए एक दूत की नियुक्ति और होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर, एक समर्पित कार्य बल (Task Force) की स्थापना.

मिनाब स्कूल पर हमले की त्वरित जाँच की पुकार

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने, ईरान के मिनाब में 28 फ़रवरी को एक स्कूल पर किए गए जानलेवा हवाई हमले की त्वरित जाँच कराए जाने की पुकार लगाई है और साथ ही, उन छात्राओं की हत्याओं की निन्दा भी की है.

वोल्कर टर्क, मानवाधिकार परिषद की त्वरित बैठक को सम्बोधित करते हुए न्याय स्थापित किए जाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य अधिकारियों से, मिनाब स्कूल पर हुए हमले की जाँच के नतीजे यथाशीघ्र प्रकाशित करने का भी आहवान कर चुके हैं.

उन्होंने साथ ही, तमाम पक्षों से, टकराव को तत्काल रोकने और बातचीत की तरफ़ लौटने का भी आग्रह किया क्योंकि वार्ता ही, स्थाई शान्ति के लिए एक मात्र रास्ता है.

सामान आवाजाही को आसान बनाना

यह टास्क फ़ोर्स, इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे के माध्यम से, मानवीय उद्देश्यों के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी. इसका नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र परियोजना सेवा कार्यालय (UNOPS) के कार्यकारी निदेशकहोर्गे मोरीरा दा सिल्वाकरेंगे. यह एजेंसी, दुनिया भर में बुनियादी ढाँचे, ख़रीद और परियोजना प्रबन्धन सेवाएँ प्रदान करती है.

संयुक्त राष्ट्र व्यापार निकाय (UNCTAD), अन्तर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) और अन्तरराष्ट्रीय कॉमर्स चैम्बर के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल होंगे.

इस टास्क फ़ोर्स के लिए, अतीत की अन्य संयुक्त राष्ट्र पहलों से प्रेरणा ली गई है, जिसमें यमन में सत्यापन और निरीक्षण तंत्र, यूक्रेन से निर्यात पर पूर्व काला सागर अनाज पहल और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2720 (2023) में उल्लिखित ग़ाज़ा सहायता वितरण के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेष तंत्र शामिल हैं

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा है, "इस तंत्र को, सम्बन्धित सदस्य देशों के साथ निकट परामर्श में, राष्ट्रीय सम्प्रभुता और स्थापित अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनी ढाँचे के पूर्ण सम्मान के साथ संचालित किया जाएगा. यदि यह सफल होता है, तो इससे यद्ध के कूटनैतिक दृष्टिकोण पर, सदस्य देशों के बीच विश्वास पैदा होगा और व्यापक राजनैतिक समाधान की ओर एक मूल्यवान क़दम होगा."

विशेष दूत

फ़्रांसीसी राजनयिक ज्याँ अरनॉ को, मध्य पूर्व में यूएन प्रयासों की अगुवाई करने के लिए, महासचिव का विशेष दूत नियुक्त किया गया है.
UN Photo/Eskinder Debebe

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने मध्य पूर्व युद्ध और इसके परिणामों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए, अनुभवी फ़्रांसीसी राजनयिक ज्याँ अरनॉ को अपना व्यक्तिगत दूत नियुक्त किया है.

यूएन महासचिव ने चेतावनी दी कि युद्ध "नियंत्रण से बाहर" है. 

उन्होंने अमेरिका और इसराइल से युद्ध रोकने और ईरान से अपने पड़ोसियों पर हमला बन्द करने की अपनी पुकार को दोहराते हुए कहा, "अब समय आ गया है कि तनाव की सीढ़ी चढ़ना बन्द करें और कूटनीति की सीढ़ी चढ़ना शुरू करें, और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के पूर्ण सम्मान की ओर लौटें."

ज्याँ अरनॉ, मध्यस्थता और शान्ति के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए "हर सम्भव प्रयास करेंगे" और सभी पक्षों के सम्पर्क में रहेंगे. वह यह जाँच करेंगे कि युद्ध का, मध्य पूर्व क्षेत्र में और नागरिकों के साथ-साथ, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है.

ज्याँ अरनॉ को, अन्तरराष्ट्रीय राजनय (Diplomacy) में लगभग 40 वर्षों का अनुभव है, विशेष रूप से शान्तिपूर्ण समाधान और मध्यस्थता के क्षेत्र में.

उन्होंने अफ़्रीका, एशिया, योरोप और लातीनी अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र मिशनों का नेतृत्व किया है. ज्याँ अरनॉ, हाल ही में, अफ़ग़ानिस्तान और क्षेत्रीय मुद्दों पर महासचिव के व्यक्तिगत दूत के रूप में कार्य कर चुके हैं.