वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

संक्षेप में: क्यूबा में ईंधन क़िल्लत से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर, हेती में भयावह हिंसा

क्यूबा के एक अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज़ का उपचार किया जा रहा है.
Proyecto Naturaleza Secreta क्यूबा के एक अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित एक मरीज़ का उपचार किया जा रहा है.

संक्षेप में: क्यूबा में ईंधन क़िल्लत से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर, हेती में भयावह हिंसा

शान्ति और सुरक्षा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपने एक ऐलर्ट में चेतावनी दी है कि क्यूबा में तेल आपूर्ति की नाकेबन्दी और ईंधन की बढ़ती क़िल्लत की वजह से स्थानीय अस्पतालों में आपात और गहन देखभाल सेवाओं को जारी रख पाना चुनौती बनता जा रहा है.

कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित देश, क्यूबा में तेल की आपूर्ति को पूरी तरह रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका ने लगभग एक महीने पहले सख़्त क़दम उठाए थे, जिससे अब स्थानीय अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भीषण असर नज़र आ रहा है.

यूएन एजेंसी के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने चिन्ता जताई है कि पिछले कुछ हफ़्तों में ज़रूरी सर्जरी के हज़ारों मामलों और अन्य देखभाल को स्थगित करना पड़ा है. मेडिकल उपकरणों के संचालन के लिए आवश्यक बिजली की क़िल्लत है और इससे लोगों के लिए जोखिम बढ़ा है.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की हर क़ीमत पर रक्षा की जानी होगी और उन्हें कभी भूराजनीति, ऊर्जा नाकेबन्दी या बिजली कटौती के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है.

पिछले वर्ष अक्टूबर में चक्रवाती तूफ़ान ‘मेलिसा’ से हुई बर्बादी के बाद यह क्यूबा के लिए एक नया संकट है.

जनवरी 2026 के बाद से अब तक, ईंधन के आयात में गिरावट आई है और उससे अति-आवश्यक सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

आपात राहत मामलों के लिए यूएन समन्वय कार्यालय (OCHA) ने ईंधन की गम्भीर क़िल्लत और उसकी वजह से बिगड़ती मानवीय परिस्थितियों से निपटने के लिए 9.4 करोड़ डॉलर की एक संशोधित अपील जारी की है.

इस योजना के ज़रिए 20 लाख लोगों, यानि हर 5 में से 1 क्यूबाई नागरिक तक राहत पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है. फ़िलहाल 2.6 करोड़ डॉलर को जुटाने में सफलता मिली है, लेकिन 6.8 करोड़ डॉलर की अब भी कमी है.

इस सहायता योजना के तहत, स्वास्थ्य, जल, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा समेत अति-आवश्यक सेवाओं व सप्लाई चेन को सुचारू रूप से जारी रखने और वैकल्पिक ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देने पर बल दिया जाएगा. 

हेती: भयावह स्तर पर हिंसा से चिन्ता

हैती राष्ट्रीय पुलिस के अधिकारी सामरिक उपकरण पहने हुए हैती के पोर्ट-ऑ-प्रिंस के सोलिनो के पास हवाई अड्डे की सड़क पर एक चेकपॉइंट पर दस्तावेजों की जांच करते हैं।
Giles Clarke हेती में गिरोहों ने हिंसा का सहारा लेकर अनेक क्षेत्रों में क़ब्ज़ा किया हुआ है, जिससे लाखों लोग विस्थापित हुए हैं.

हेती में बद से बदतर होते जा रहे संकट पर गुरूवार को मानवाधिकार परिषद में चर्चा हुई, जहाँ आपराधिक गुटों की हिंसा व दबदबे से आम नागरिकों के लिए जीवन दूभर होता जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) के अनुसार, 1 मार्च 2025 से 15 जनवरी 2026 की अवधि में हुई हिंसा में कम से कम 5,500 लोगों की जान जा चुकी है और 2,600 घायल हुए हैं.

एक अपडेट में मानवाधिकार परिषद को बताया गया है कि आपराधिक गुटों के सदस्यों के विरुद्ध सुरक्षा बलों द्वारा छेड़े गए अभियान के दौरान इनमें से 65 प्रतिशत लोग हताहत हुए हैं, जिनमें 20 फ़ीसदी से अधिक बच्चे हैं. उन्हें अपने घरों में या सड़कों पर गोलियाँ आकर लगी थी.

नवीनतम जानकारी के अनुसार, आपराधिक गुटों का राजधानी पोर्त-ओ-प्रिन्स के अधिकाँश हिस्से पर नियंत्रण है और अब वे बाहरी इलाक़ों में अपना नियंत्रण बढ़ा रहे हैं.  

Tweet URL

उप उच्चायुक्त नादा अल-नशीफ़ के अनुसार, हथियारों की वजह से इस आपात स्थिति को बढ़ावा मिल रहा है. 

आपराधिक गुट, अपने रास्ते में आने वाले व्यक्तियों की हत्या करते हैं, उनका अपहरण कर लेते हैं, मारते-पीटते हैं या फिर उन्हें जला देते हैं.  इनमें वे लोग भी हैं, जिन पर पुलिस के साथ कथित मिलीभगत होने का सन्देह जताया जाता है. 

इसके मद्देनज़र, उप उच्चायुक्त ने सभी देशों की सरकारों से आग्रह किया कि हथियारों की ख़रीद-फ़रोख़्त को रोकने और उस पर पाबन्दी लगाने के लिए सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव को लागू किया जाना होगा.  

हिंसा में 10  लाख से अधिक लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हो चुके हैं और हज़ारों अन्य पिछले कुछ दिनों में विस्थापित हुए हैं.

जिबूती: नौका हादसे के बाद अनेक लापता

अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, जिबूती के तट के पास एक नौका हादसे में कम से कम 9 प्रवासी मारे गए हैं, जबकि 45 अन्य लापता बताए गए है.

24 मार्च को यमन की ओर जाते समय दुर्घटना का शिकार हुई इस नौका पर 300 से अधिक लोग सवार थे. जीवित बचे व्यक्तियों ने बताया कि इस नौका पर अनेक लोग इथियोपिया से थे, जो बेहतर रोज़गार अवसरों की तलाश में खाड़ी देश जाने की कोशिश कर रहे थे. 

IOM ने आगाह किया है कि कठोर मौसमी हवाओं और समुद्री लहरों की उथलपुथल में इस वर्ष ऐसी और दुर्घटनाएँ होने की आशंका है.

अब तक, 6 पुरुषों और तीन महिलाओं के शवों को बरामद किया गया है जबकि 120 से अधिक जीवितों को एक प्रवासन केन्द्र पर भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य देखभाल समेत अन्य आवश्यक सहायता मुहैया कराई जा रही हैं.