ईरान के साथ, 'Strait of Hormuz' पर समुद्री एजेंसी (IMO) की बातचीत
संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने बुधवार को बताया है कि उसने ईरान के साथ यह जानकारी हासिल करने के लिए बातचीत की है कि रणनैतिक रूप से महत्वपूर्णहोर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाज़ों को गुज़रने देने के लिए किन मानदंडों का उपयोग किया जा रहा है.
ईरान सरकार ने मंगलवार को IMO को लिखे एक पत्र में कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और सभी "ग़ैर-शत्रुतापूर्ण" जहाज़ों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जाएगा.
ईरान के पत्र में कहा गया है कि "आक्रामक पक्षों, यानि संयुक्त राज्य अमेरिका और इसराइली शासन, साथ ही आक्रमण में शामिल अन्य पक्षों से सम्बन्धित जहाज़, उपकरण और कोई भी सम्पत्ति, इस निर्दोष या ग़ैर-शत्रुतापूर्ण मार्ग के लिए पात्र नहीं हैं."
IMO ने इस पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि "हमें प्राप्त संचार (पत्र) से यह स्पष्ट है कि कुछ जहाज़ों को गुज़रने देने की अनुमति नहीं दी जाएगी. हमें बातचीत जारी रखने की आवश्यकता है."
समुद्री नाविक 'केवल अपना काम कर रहे हैं'
यूएन समुद्री एजेंसी (IMO) ने कहा है कि उसका मुख्य ध्यान अब भी भी होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में फँसे20 हज़ार समुद्री नाविकोंको बाहर निकालने पर है.
"हमें यह पहचानने की ज़रूरत है कि समुद्री नाविक विभिन्न देशों के हैं और युद्ध से उनका कोई सम्बन्ध नहीं हैं. नाविक केवल अपना काम कर रहे हैं.”
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षा ‘महत्वपूर्ण’, भारत
उधर, मानवाधिकार परिषद में मध्य पूर्व युद्ध पर "तात्कालिक चर्चा" (Urgent Debate), में भारत भी उन प्रतिनिधिमंडलों में शामिल है जिन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण ऊर्जा जलमार्ग क़रार दिया है.
भारत ने, समुद्री परिवहन के इस संकट के कारण, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न होने के बारे में आगाह किया है.
जिनीवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अन्तरराष्ट्रीय संगठनों में भारत के स्थाई प्रतिनिधि अरिन्दम बागची ने कहा है, "नौवहन की स्वतंत्रता और ऊर्जा एवं वस्तुओं का निर्बाध प्रवाह, वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है."
भारतीय राजदूत ने मध्य पूर्व क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की स्थिति के बारे में भी जानकारी मुहैया कराई, जिनकी सुरक्षा और कल्याण देश की "प्राथमिकता बनी हुई है."
अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के अनुसार, लगभग 2 हज़ार जहाज़ और 20 हज़ार नाविक खाड़ी में फँसे हुए हैं.
IMO के होर्मुज़ जलडमरूमध्य आपात डैशबोर्ड के अनुसार, 1 से 24 मार्च के बीच, जहाज़ों पर 18 हमले हुए हैं.