संक्षेप में: इसराइली कार्रवाई में फ़लस्तीनी परिवारों के मारे जाने की निन्दा, सूडान में ड्रोन हमले
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) ने ग़ाज़ा और पश्चिमी तट में, इसराइली सैन्य बलों की कार्रवाई में दो फ़लस्तीनी परिवारों के मारे जाने की निन्दा की है. उधर, सूडान के कोर्दोफ़ान और दारफ़ूर क्षेत्रों में लगातार हो रहे ड्रोन हमलों के कारण आम नागरिकों की मौत हो रही हैं, और मानवीय सहायता पहुँचाने के लिए रास्ते तक पहुँच और भी सीमित हो गई है.
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने बताया कि ग़ाज़ा और पश्चिमी तट में रविवार को इसराइली बलों की कार्रवाई में दो फ़लस्तीनी परिवारों के मारे जाने की ख़बर है. यूएन कार्यालय ने इस घटना की कड़ी निन्दा की है.
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य ग़ाज़ा के अज़-ज़ुवैदा में अब भी बचे हुए कुछ घरों में से एक पर हुए हवाई हमले में एक व्यक्ति, उसकी गर्भवती पत्नी, छोटे बेटे और एक किशोर की मौत हो गई.
वहीं, क़ाबिज़ पश्चिमी तट के तम्मून में इसराइली बलों ने, एक दम्पति और उनके 5 और 6 वर्ष के दो बच्चों को गोली मार दी. रिपोर्ट के अनुसार, चारों के सिर में गोली लगी थी.
इस परिवार के दो बड़े बेटे इस हमले में बच गए हैं. उनका कहना है कि इसराइली सैनिकों ने उनके माता-पिता और भाइयों को जान से मारने के बाद उनके साथ मारपीट की और उन्हें अपशब्द भी कहे.
यूएन कार्यालय ने कहा कि ऐसी घटनाएँ, फ़लस्तीनियों की अवैध हत्याओं के रुझान के प्रति गम्भीर चिन्ता उत्पन्न करती हैं, जिनमें अक्सर जवाबदेही तय नहीं होती है.
फ़लस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में ग़ाज़ा में युद्धविराम समझौते की घोषणा के बाद से इसराइली सैन्य हमलों में 663 लोगों की मौत हो चुकी है. यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने बताया है कि 28 फ़रवरी को, मध्य पूर्व क्षेत्र में व्यापक हिंसक टकराव भड़कने के बाद फ़लस्तीनियों के विरुद्ध हिंसा और तेज़ हो गई है.
कार्यालय के अनुसार, आवाजाही पर कड़े प्रतिबन्धों के कारण फ़लस्तीनी लोग “बन्द घेरे जैसी परिस्थितियों” में रहने को मजबूर हैं. साथ ही, इसराइली बस्तियों के हथियारबन्द निवासी और सुरक्षा बल, क़ाबिज़ पश्चिमी तट में फ़लस्तीनी समुदायों पर हमले करते हुए बिना रोक-टोक घूम रहे हैं.
सूडान में ड्रोन हमलों में आम नागरिक हताहत
सूडान के उत्तर कोर्दोफ़ान प्रान्त में अल-ओबेद शहर के पास अल-रहद क़स्बे पर हुए एक ड्रोन हमले में 2 लोगों की मौत हो गई. इस हमले में एक अस्पताल भी ध्वस्त हो गया.
इससे दो दिन पहले, पश्चिम कोर्दोफ़ान की राजधानी अल-फु़ला पर ड्रोन हमले किए गए थे, जिसमें अनेक लोगों के हताहत होने की ख़बर है. वहीं, दारफ़ूर क्षेत्र में गुरुवार से शनिवार के बीच हुए हमलों में कई आम लोग हताहत हुए हैं, और नागरिक ढाँचे को व्यापक नुक़सान पहुँचा है.
इन हमलों से अल-फ़शर के पश्चिम में स्थित वादी सिरा क्षेत्र और दक्षिण दारफ़ूर की राजधानी न्याला के अनेक मोहल्ले प्रभावित हुए हैं. 12 मार्च को, पश्चिम दारफ़ूर के अकिदोंग में एक बाज़ार पर हुए हमले के बाद एक बड़ा विस्फोट हुआ.
ग़ैर-सरकारी संगठन - Médecins Sans Frontières (MSF) के डॉक्टरों के अनुसार, इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 23 आम नागरिक घायल हुए हैं, जिनका इलाज सीमा-पार स्थित देश, चाड में एक अस्पताल में किया जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, “स्थिति वास्तव में भयावह है.” यूएन मानवीय राहत एजेंसियाँ, असुरक्षा की स्थिति के बावजूद सहायता पहुँचाने का काम जारी रखे हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र ने एक बार फिर सभी पक्षों से आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता के लिए “त्वरित, सुरक्षित और बिना किसी बाधा के” पहुँच की अपील की है.
यूक्रेन: भीषण हमलों में हताहतों का बढ़ता आँकड़ा
यूक्रेन में यूएन मानवाधिकार निगरानी मिशन की एक नवीन रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष फ़रवरी में रूसी सैन्य हमलों में कम से कम 188 आम नागरिकों की मौत हुई और 757 लोग घायल हुए.
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये संख्या जनवरी महीने के आँकड़ों के समान ही है, लेकिन पिछले वर्षों में इस अवधि की तुलना में अब भी काफ़ी अधिक बनी हुई है.
इस साल फ़रवरी में हताहत नागरिकों की संख्या, फ़रवरी 2025 की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत अधिक और फ़रवरी 2024 की तुलना में 83 प्रतिशत अधिक रही. यह लड़ाई के और भीषण होने और आबादी वाले क्षेत्रों में विस्फोटक हथियारों के लगातार इस्तेमाल को दर्शाती है.
इनमें से अधिकांश हताहत यूक्रेनी सरकार के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में दर्ज किए गए, जिसके लिए मिसाइल व ड्रोन हमलों, गोलाबारी और शहरी एवं आवासीय क्षेत्रों में इस्तेमाल किए गए अन्य विस्फोटक हथियारोंको ज़िम्मेदार माना गया है.
रूसी सैन्य बलों द्वारा फ़रवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर यूक्रेन में आक्रमण शुरू होने के बाद से, संयुक्त राष्ट्र ने यूक्रेन में 15 हज़ार से अधिक नागरिक मौतें और 41 हज़ार से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की है.
मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का कहना है कि वास्तविक लोगों के हताहत होने की संख्या इससे काफ़ी अधिक होने की सम्भावना है, क्योंकि सक्रिय युद्ध वाले क्षेत्रों में पुष्टि करना मुश्किल है.