मध्य पूर्व: 'लेबनान को फिर से हिंसा और उथल-पुथल की ओर घसीटा गया'
लेबनान में यूएन की विशेष समन्वयक ने शनिवार को आगाह किया कि मध्य पूर्व में उपजे संकट के बीच देश को फिर से उथल‑पुथल और हिंसा के दौर में धकेल दिया गया है. ईरान पर इसराइली-अमेरिकी हवाई हमलों और फिर ईरान की जवाबी बमबारी शुरू होने के बाद, दक्षिणी लेबनान में भी हिज़बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच टकराव भड़का है, जिससे 'ब्लू लाइन' के आसपास स्थिति तेज़ी से बिगड़ती जा रही है.
120 किलोमीटर लम्बी ‘ब्लू लाइन’, दक्षिणी लेबनान और इसराइल को अलग करने वाली एक रेखा है. यह कोई सीमा नहीं है, बल्कि लेबनान से इसराइली सैन्य बलों की वापसी को निर्धारित करने वाली रेखा है, जिसे संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2000 में स्थापित किया था.
विशेष समन्वयक जिनीन हेनिस-प्लाशर्ट ने अपने वक्तव्य में कहा कि लेबनान में जो थोड़ी बहुत, लेकिन वास्तविक प्रगति दिखाई दे रही थी, वह अब कुछ ही दिनों में ध्वस्त हो गई है.
उनके अनुसार, केवल एक सप्ताह पहले, लेबनान में तुलनात्मक रूप से अच्छे हालात थे. उस दौरान, सशस्त्र बलों ने राज्यसत्ता का दायरा बढ़ाना शुरू किया था, लम्बे समय के बाद सुधार के वादे गति पकड़ते दिख रहे थे, और विधायी चुनावों की तैयारियाँ चल रही थीं.
वहीं, पुनर्निर्माण को गति देने के लिए, विश्व बैंक द्वारा एक बड़े ऋण के जारी होने की योजना थी, और सीरिया के साथ कूटनैतिक सम्बन्धों में सुधार, एक नए द्विपक्षीय सहयोग की सम्भावनाओं को जन्म दे रहा था.
यूएन अधिकारी ने कहा कि “निसन्देह, परिस्थितियाँ पूर्ण रूप से सही नहीं थीं…हवाई हमले, राजनैतिक कलह और संस्थागत गतिरोध अब भी वास्तविक बाधाएँ बने हुए हैं. लेकिन प्रगति हुई थी, जो अब रुक गई है.”
हिज़बुल्लाह के हमले
ईरान, इसराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका में हिंसक टकराव शुरू होने के बाद, हिज़बुल्लाह ने गत सोमवार को इसराइल पर मिसाइल दागी, उसके बाद लेबनान भी मध्य पूर्व में टकराव की चपेट में आ गया.
इसराइल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद वहाँ हालात फिर से अस्थिर हो गए हैं.
ऐसे में, हाल ही अपने घरों में वापिस लौटने वाले परिवारों के सिर से एक बार फिर छत छिन गई.
यूएन समन्वयक ने बताया कि जनता की भावना अब अविश्वास से गुस्से में बदल गई है, क्योंकि जगह छोड़कर जाने के आदेश बढ़ रहे हैं और “सीधे तौर पर होने वाले हमलों में तेज़ी आ रही है.”
यूएन अधिकारी ने कहा कि सैन्य कार्रवाई “किसी के लिए भी स्थाई जीत नहीं लाएगी,” बल्कि इससे अस्थिरता और भी गहरी होगी.
उन्होंने सभी पक्षों से यूएन सुरक्षा परिषद के 'प्रस्ताव 1701' की ओर वापिस लौटने का आग्रह किया है, जिसे वर्ष 2006 के बाद से, लेबनानी और इसराइली नागरिकों को हिंसा से बचाने के लिए एकमात्र अन्तरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त आधार माना जाता है.
UNIFIL शान्तिरक्षक घायल
उधर, लेबनान में यूएन मिशन, अन्तरिम शान्ति बल (UNIFIL) के लिए तैनात, घाना के 3 शान्तिरक्षक, शुक्रवार को अल क़वज़ाह में अपने ठिकाने पर भीषण गोलीबारी के दौरान घायल हो गए.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस घटना की निन्दा की है और घायल शान्तिरक्षकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.
उन्होंने कहा कि यूएनकर्मियों और प्रतिष्ठानों का “सदैव सम्मान किया जाना चाहिए” और सभी पक्षों से आग्रह किया कि वे तनाव कम करें और 'प्रस्ताव 1701' के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह पालन करें.