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मध्य पूर्व संकट: 3 मार्च के घटनाक्रम पर एक नज़र

ईरान की राजधानी तेहरान के एक इलाक़े का दृश्य. ईरान अनेक वर्षों से, संयुक्त राज्य अमेरिका की, आतंकवाद समर्थक देशों की सूची में रहा है.
© Unsplash/Arman Taherian
ईरान की राजधानी तेहरान के एक इलाक़े का दृश्य. (फ़ाइल)

मध्य पूर्व संकट: 3 मार्च के घटनाक्रम पर एक नज़र

शान्ति और सुरक्षा

ईरान पर इसराइल व संयुक्त राज्य अमेरिका के हवाई हमलों और फिर ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में उथलपुथल मची है, और वायु क्षेत्र व परिवहन मार्गों में बड़ा व्यवधान दर्ज किया गया है. परिस्थितियाँ तेज़ी से बिगड़ रही है, हताहत आम नागरिकों की संख्या बढ़ रही है और खाड़ी देशों समेत व्यापक क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता फैलने की आशंका है. मंगलवार को मध्य पूर्व की स्थिति पर कुछ अहम अपडेट...

संक्षेप में

  • संयुक्त राष्ट्र ने ईरान और इसराइल-अमेरिका में भीषण हिंसक टकराव से हताहत होने वाले आम नागरिकों की बढ़ती संख्या और मानवीय सहायता से जुड़ी चुनौतियों पर चिन्ता जताई है और लड़ाई व तनाव को रोकने का आग्रह किया है.
     
  • यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने आगाह किया है कि यह संकट बिगड़ता जा रहा है और बीत रहे हर घंटे के साथ, बदतरीन आशंकाएँ सच होती नज़र आ रही हैं.
     
  • अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने नतान्ज़ ईंधन संवर्धन प्लांट की एक इमारत को क्षति पहुँचने की पुष्टि की है, मगर फ़िलहाल विकिरण रिसाव की आशंका नहीं है.
     
  • लेबनान में यूएन शान्तिरक्षा मिशन (UNIFIL) के अनुसार, दक्षिणी लेबनान में ‘ब्लू लाइन’ के इर्दगिर्द क्षेत्र में हवाई हमलों, गोलाबारी और सीमा रेखा के उल्लंघन की घटनाएँ हुई हैं. 
     
  • सहायता एजेंसियों ने हिंसक टकराव का दायरा फैलने और उसके व्यापक प्रभावों के प्रति चेतावनी जारी की है, जिससे विस्थापन मामले बढ़ने और मानवीय सहायता के लिए आपूर्ति मार्गों पर असर होगा.

अनेक मोर्चों पर टकराव भड़कने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने मध्य पूर्व में अनेक मोर्चों पर टकराव के फैलने और हताहत होने वाले आम नागरिकों की संख्या बढ़ने की चेतावनी दी है.

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने न्यूयॉर्क में मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि महासचिव, मध्य पूर्व में घटनाक्रम और वृहद क्षेत्र में इसके प्रभावों पर चिन्तित हैं.

खाड़ी क्षेत्र में स्थित देशों में तेल व ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भी बढ़ रहे हैं. 

ईरान में, शनिवार से अब तक हुए हवाई हमलों में 1 हज़ार स्थानों के प्रभावित होने की ख़बर है, जिनमें लगभग 790 लोगों की जान गई है और 750 से अधिक घायल हुए हैं.

वहीं, ईरान के जवाबी मिसाइल व ड्रोन हमलों में इसराइल में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने और अनेक अन्य के घायल होने का समाचार है. साथ ही, नागरिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुँची है.

IAEA: नतान्ज़ परमाणु प्लांट को क्षति पहुँचने की पुष्टि 

अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने पुष्टि की है कि हाल के दिनों में हुए सैन्य हमलों में ईरान के नतान्ज़ ईंधन संवर्धन प्लांट के प्रवेश द्वार पर स्थित इमारतों को कुछ क्षति पहुँची है.

यह भूमिगत परमाणु केन्द्र, राजधानी तेहरान से लगभग 240 किलोमीटर दूर स्थित है. सैटेलाइट से प्राप्त नवीनतम तस्वीरों के आधार पर यह जानकारी दी गई है. 

परमाणु एजेंसी के अनुसार, फ़िलहाल विकिरण फैलने की कोई आशंका नहीं है और न ही ईंधन संवर्धन प्लांट पर कोई अतिरिक्त असर दिखाई दिया है. पिछले वर्ष जून में, इसराइली और अमेरिकी सैन्य हमलों में यह प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. 

WFP: सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका

ईरान, इसराइल, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, ओमान समेत कई अन्य देश बमबारी, मिसाइल व ड्रोन हमलों की चपेट में हैं और हिंसक टकराव से प्रभावित देशों का दायरा बढ़ता जा रहा है.

इन परिस्थितियों में आवश्यक सामान के परिवहन और मानवीय सहायता के आपूर्ति मार्गों पर भी गहरा असर हुआ है. यह उन आबादियों के लिए विशेष रूप से चिन्ताजनक है, जो अपने भोजन व दैनिक गुज़र-बसर के लिए मानवीय सहायता पर निर्भर हैं. 

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) में मध्य पूर्व व उत्तर अफ़्रीका क्षेत्र के लिए निदेशक समेर अब्देल जाबेर ने बताया कि ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ और लाल सागर जलक्षेत्र में समुद्री यातायात में व्यवधान आने से जटिलताएँ बढ़ेंगी, देरी होगी और सहायता अभियान संचालन की क़ीमतों में वृद्धि होगी. 

उन्होंने कहा कि मानवीय राहत के लिए सामान की आपूर्ति इन्हीं मार्गों के ज़रिए होती है. 

WFP अधिकारी के अनुसार, समुद्रों पर टकराव हो रहा है और वायु क्षेत्र बन्द हो रहे हैं. इस स्थिति में हम हालात के अनुरूप ढल रहे हैं और तुर्कीये, मिस्र, जॉर्डन और पाकिस्तान जैसे अन्य देशों में आपूर्ति नैटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि सड़क मार्ग के ज़रिए सहायता प्रयास किए जा सकें. 

समेर अब्देल जाबेर ने बताया कि मिस्र के बन्दरगाह और स्वेज़ नहर, ग़ाज़ा पट्टी के साथ-साथ सूडान में राहत प्रयासों के लिए एक अहम केन्द्र है.

UNOPS: आम नागरिकों पर भीषण असर की चेतावनी

इस बीच, परियोजना सेवाओं के लिए यूएन कार्यालय (UNOPS) ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में बढ़ती हिंसा का आम नागरिकों और बुनियादी प्रतिष्ठानों पर भयावह असर हो रहा है. 

यूएन कार्यालय के कार्यकारी निदेशक योर्गे मोरेरा दा सिल्वा ने बताया कि बच्चे, वृद्धजन और आम परिवार इस टकराव की सबसे भारी क़ीमत चुका रहे हैं. 

पिछले 72 घंटों के दौरान, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य मूलभूत सेवाओं को गहरी क्षति पहुँची है या फिर वे बर्बाद हो गई हैं. उन्होंने सभी पक्षों से अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून का सम्मान करने और नागरिक प्रतिष्ठानों को हमलों में निशाना ना बनाए जाने का आग्रह किया है.

UNOPS कार्यकारी निदेशक ने लड़ाई को तुरन्त रोके जाने और कूटनीति की दिशा में वापिस लौटने की अपील की है, जोकि स्थाई शान्ति की ओर ले जाने वाला एकमात्र मार्ग है.