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दक्षिण सूडान में धूल भरे मैदान पर बैठे किसी व्यक्ति के पैरों को धातु के हैंडल और जंजीरों से जकड़े हुए, जो हिरासत और एक मोबाइल अदालत के माध्यम से न्याय की खोज का प्रतीक है।

दक्षिण सूडान: मोबाइल अदालतें, स्थानीय समुदायों के लिए न्याय की एक ठोस उम्मीद

© UNMISS
संदिग्धों को दक्षिण सूडान में एक मोबाइल अदालत में हिरासत में रखा गया है.

दक्षिण सूडान: मोबाइल अदालतें, स्थानीय समुदायों के लिए न्याय की एक ठोस उम्मीद

शान्ति और सुरक्षा

दक्षिण सूडान में न्याय विशेषज्ञों की एक टीम, 200 किलोमीटर से अधिक दूरी की एक कठिन और थकाऊ यात्रा तय करने के बाद, दूरदराज़ के इलाक़ों में रह रहे उन उपेक्षित समुदायों तक पहुँची है, जो पिछले कई वर्षों से अपने मामलों की सुनवाई और न्याय मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र मिशन के शान्तिरक्षकों (UNMISS) की सुरक्षा में, उबड़-खाबड़ और धूलभरी सड़कों से होकर गुज़रने वाली यह टीम जल्द ही सचल अदालत (mobile court) के लिए तैयारियों में जुट जाएगी, जोकि कुछ हफ़्तों में शुरू होने वाली हैं.

यह पहल, अपराध के उन पीड़ितों के लिए बहुत अहम है, जो लम्बे समय से यह मानते आए हैं कि उनके लिए न्याय और जवाबदेही प्राप्त कर पाना अब पहुँच से बाहर है.

वर्ष 2018 से अब तक, दुनिया के सबसे युवा देश दक्षिण सूडान में हालात अब भी बेहद अस्थिर बने हुए हैं. कई वर्षों तक चले गृहयुद्ध को समाप्त करने के लिए किए गए शान्ति समझौते के बावजूद, देश में हिंसा और असुरक्षा का दौर थम नहीं पाया है.

सरकारी बलों, विपक्षी गुटों और स्थानीय सशस्त्र समूहों के बीच जारी झड़पों के कारण हज़ारों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है, जिससे पहले से ही गम्भीर मानवीय संकट और अधिक गहराता जा रहा है.

दक्षिण सूडान में एक धूल भरी सड़क पर दक्षिण सूडान में एक नीले हेलमेट में UNMISS शांति सैनिक खड़ा है, पृष्ठभूमि में एक सैन्य बख्तरबंद वाहन है। दृश्य दूरदराज के क्षेत्रों में न्याय प्रदान करने के लिए एक मोबाइल अदालत की तैनाती का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र मिशन को दर्शाता है।
© UNMISS
संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक, दक्षिण सूडान के पश्चिमी इक्वाटोरिया के एक दूरदराज के हिस्से में स्थित मुन्दरी में न्याय विशेषज्ञों के साथ हैं.

यौन हिंसा के मामले

यौन हिंसा का शिकार हुई एक बच्ची की माँ ग्रेस हादिया बताती हैं, “मेरी 8 साल की बेटी के साथ बलात्कार हुआ है. अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूँ, क्योंकि उसका भविष्य पहले ही बर्बाद हो चुका है.” 

उन्होंने कहा, “मैं इस घटना के बाद से सो भी नहीं पा रही हूँ. मुझे उम्मीद है कि मोबाइल अदालत की तैनाती से हमें न्याय मिलेगा.” इस इलाक़े में हुई घटनाओं के आकलन के दौरान ऐसे अनेक, दर्दनाक मामले सामने आए हैं.

अधिकारियों ने, कुल 35 लम्बित मामलों को दर्ज किया है, जिनमें 9 हत्याओं, 15 यौन व लैंगिक हिंसा से जुड़े मामले और चोरी समेत अन्य गम्भीर अपराध शामिल हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यौन और लैंगिक हिंसा की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं. 

मुन्दरी काउंटी की आयुक्त ज़िल्फ़ा दावा ने बताया, “हाल ही में एक अन्तिम संस्कार के दौरान, एक महिला के साथ 7 लोगों ने बलात्कार किया. आरोपितों की तलाश अब भी जारी है, ताकि उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जा सके.”

उन्होंने कहा कि इस इलाके़ में पुलिस थाने में यौन और लैंगिक हिंसा से जुड़े मामलों के लिए अलग डेस्क की सुविधा नहीं है.

आयुक्त ज़िल्फ़ा दावा ने बताया कि “अक्सर ऐसे मामलों को साधारण अपराधों की तरह दर्ज कर लिया जाता है. हमें तुरन्त ऐसे प्रशिक्षित कर्मियों की ज़रूरत है, जो इन शिकायतों को सही ढंग से दर्ज कर सकें और उनका सटीक रिकॉर्ड रख सकें.”

दक्षिण सूडान में पृष्ठभूमि में एक मोबाइल कोर्ट के साथ, एक व्यक्ति के पैरों को जंजीरों में जकड़े हुए एक व्यक्ति का एक क्लोज़-अप, गंभीर आपराधिक मामलों को संबोधित करने के लिए न्याय प्रणाली के प्रयासों को उजागर करता है।
© UNMISS
मोबाइल अदालतें दक्षिण सूडान में न्याय का समर्थन करने में मदद कर रही हैं.

पहली वास्तविक उम्मीद

दक्षिण सूडान में सक्रिय अदालतों की कमी के कारण, अनेक संदिग्धों को बिना मुक़दमे के वर्षों तक हिरासत में रहना पड़ता है, जिससे जेलों में भीड़ की समस्या बेहद गम्भीर हो गई है.

एक बन्दी ने बताया कि,“मैं ढाई साल से बिना किसी सुनवाई के जेल में हूँ. अब उम्मीद है कि मोबाइल अदालत आएगी और आख़िरकार मुझे भी न्याय मिल पाएगा.”

दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन - UNMISS, इस आकलन अभियान और मोबाइल अदालत की तैनाती में सहयोग कर रहा है, ताकि न्याय व्यवस्था की पूरी श्रृंखला को मज़बूत किया जा सके और क़ानून के शासन पर लोगों का भरोसा दोबारा क़ायम हो सके.

अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल अदालतें केवल क़ानूनी कार्यवाही भर नहीं हैं, बल्कि वे जवाबदेही तय करने और पीड़ितों को मानसिक व सामाजिक रूप से राहत दिलाने का माध्यम भी बनेंगी.

मोबाइल अदालतें, अनेक लोगों के लिए यह पहली वास्तविक उम्मीद है कि वर्षों से टला हुआ न्याय अब असल में भी मिल सकेगा.