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ईरान संकट: ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ जलमार्ग में व्यापारिक जहाज़ों पर हमलों पर चिन्ता

होर्मुज जलडमरूमध्य का उपग्रह दृश्य, जो अरब प्रायद्वीप और ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के बीच संकीर्ण जलमार्ग दिखाता है।
© NASA/GSFC/Jacques Descloitres
'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' की सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीर.

ईरान संकट: ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ जलमार्ग में व्यापारिक जहाज़ों पर हमलों पर चिन्ता

शान्ति और सुरक्षा

अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते हिंसक टकराव के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ जलमार्ग में व्यापारिक जहाज़ों पर हुए हमलों पर गहरी चिन्ता जताई है. इन हमलों में कम से कम एक नाविक के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने का समाचार है.

ईरान पर इसराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका के सैन्य हमलों से भड़का टकराव सोमवार को भी जारी है, जिससे पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जान-माल की हानि हुई है. ईरान ने भी इसराइल और बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए हैं, जिससे तनाव चरम पर पहुँच गया है. 

‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’, ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा जलमार्ग है, जो फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को अरब सागर से जोड़ता है. 

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यह विश्व में उन समुद्री जलमार्गों में से है, जोकि रणनैतिक रूप से बहुत अहम हैं. हर दिन वैश्विक तेल व गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा, इसी जल क्षेत्र से होकर गुज़रता है. 

इस रास्ते के ज़रिए जहाज़ों की आवाजाही में किसी भी प्रकार के व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और अन्तरराष्ट्रीय व्यापार पर तत्काल असर पड़ सकता है. 

अन्तरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव आरसेनियो डोमिन्ग्वेज़ ने सोमवार को जारी अपने वक्तव्य में कहा कि समुद्री नाविकों और नागरिक जहाज़ों पर हमले को कभी भी न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता है. 

“ये कर्मचारी केवल अपना काम कर रहे थे और उनकी व्यापक भूराजनैतिक तनाव के प्रभावों से रक्षा की जानी होगी.”

IMO प्रमुख ने घायल नाविकों व उनके परिजन के प्रति अपनी गहरी सम्वेदना व्यक्त की है और उनकी सुरक्षा व कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है. 

सुरक्षित आवाजाही पर बल

उन्होंने भरोसा दिलाया है कि जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने और नागरिक जहाज़ों को किसी भी नुक़सान से बचाने के लिए उनके प्रयास जारी रहेंगे.

IMO प्रमुख ने कहा कि आवाजाही की स्वतंत्रता, अन्तरराष्ट्रीय समुद्री क़ानून का एक बुनियादी सिद्धान्त है और इसका, बिना किसी अपवाद के, हर पक्ष द्वारा सम्मान किया जाना होगा.

महासचिव डोमिन्ग्वेज़ ने बताया कि वह स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और सभी जहाज़रानी कम्पनियों से अधिकतम सतर्कता बरतने का आग्रह करते हैं. “जहाँ तक सम्भव हो, जहाज़ों को प्रभावित क्षेत्र से तब तक नहीं गुज़रने की कोशिश करनी चाहिए, जब तक स्थिति में सुधार न हो जाए.”

उन्होंने सभी हितधारकों से जानबूझकर फैलाई जाने वाली भ्रामक जानकारी (disinformation) के प्रति भी सचेत रहने का आग्रह किया, और आवाजाही सम्बन्धी निर्णयों के लिए केवल सत्यापित, ठोस स्रोतों से प्राप्त जानकारी के उपयोग पर बल दिया.

विस्थापन की आशंका

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने मध्य पूर्व में बढ़ते हिंसक टकराव, उसकी चपेट में आम नागरिकों और बड़े पैमाने पर विस्थापन की आशंका पर चिन्ता जताई है.

यूएन एजेंसी ने ध्यान दिलाया कि लड़ाई की आंच झेल रहे अनेक देशों में लाखों शरणार्थियों व आन्तरिक रूप से विस्थापितों ने शरण ली हुई है. हिंसा और भड़कने से मानवीय सहायता मुहैया कराने की क्षमता पर भीषण दबाव होगा और मेज़बान समुदायों पर भी अतिरिक्त बोझ उपजेगा.

UNHCR ने तनाव में कमी लाने और सम्वाद के लिए यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश की अपील दोहराते हुए कहा कि मानवाधिकारों के प्रति सम्मान, आम नागरिकों की रक्षा व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना होगा.