2025 में औसतन हर दिन 21 प्रवासियों की मौत, IOM
अपने घरों और देशों से, बेहतर जीवन की तलाश में निकलने वाले लोगों को अक्सर इस यात्रा की भारी क़ीमत चुकानी पड़ती है, इतनी भारी क़ीमत की कभी-कभी तो उनकी जान ही जोखिम में पड़ जाती है. वर्ष 2025 के दौरान, ऐसे ही सफ़र पर निकले प्रवासियों में से कम से कम 7 हज़ार 667 प्रवासी या तो मौत के शिकार हो गया या लापता.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन एजेंसी – IOM ने प्रवासियों के कमज़ोर हालात का फ़ायदा उठाने वाले तस्करी नैटवर्कों को ध्वस्त करने के लिए, कहीं अधिक वैश्विक कार्र वाई किए जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है.
IOM द्वारा प्रकाशित नवीन आँकड़ों में बताया गया है कि वर्ष 2025 के दौरान, औसतन हर दिन 21 प्रवासियों को मौत के मुँह में धकेल दिया गया.
संगठन की महानिदेशक एमी पोप ने कहा है, “प्रवासियों के मार्ग पर लगातार जीवन हानि होना, एक वैश्विक विफलता है, जिसे सामान्य स्थिति के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है.”
मौत के शिकार या लापता होने वाले प्रवासियों की संख्या में हर साल वैसे तो कमी देखी जा रही है, मगर वास्तविक संख्या कहीं अधिक होने की आशंका है.
समुद्र में भी अतिरिक्त 1,500 लोगों के लापता होने की ख़बरें आईं मगर, तलाश व राहत सूचना तक सीमित पहुँच होने के कारण, इस संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकी.
अलबत्ता, वर्ष 2025 के दौरान भूमध्य सागर में 270 लोगों के शवों को किनारों पर तैरते पाया गया, हालाँकि उन्हें किसी नौका दुर्घटना से नहीं जोड़ा जा सका.
अधिक वैश्विक कार्रवाई की ज़रूरत
IOM ने अन्य क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी मुहैया कराई है. मसलन अमेरिका क्षेत्र में वर्ष 2025 के दौरान 409 प्रवासियों की मृत्यु हो गई.
हालाँकि एक सुखद पहलू ये है कि स बारे में 2014 में डेटा एकत्रीकरण शुरू होने के बाद से, यह सबसे कम संख्या है.
इस संख्या में कमी शायद इन कारणों से सम्भव हो सकी कि कोलम्बिया व पनामा के दरम्यान, संयुक्त राज्य अमेरिका-मैक्सिको सीमा और अन्य अनियमित मार्गों पर, शायद कम लोगों ने यात्राएँ कीं.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन ने देशों की सरकारों और साझीदारों से, प्रवासी मार्गों पर दीगर जीवन हानि रोकने, अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक नैटवर्कों को ध्वस्त करने, और प्रवासन के सुरक्षित व नियमित मार्गों का विस्तार करने के लिए, तलाश और राहत अभियानों में समन्वय बढ़ाने का आग्रह किया है.