WEIF: आर्थिक बदलाव में महिलाओं की अहम भूमिका
महिला उद्यमियों को, आर्थिक बदलाव की शिल्पकार के रूप में मान्यता दिया जाना ज़रूरी है, ना कि उन्हें आर्थिक बदलाव की केवल लाभार्थी समझा जाए. मनामा घोषणापत्र में यह दृष्टिकोण केन्द्रीय सन्देश के रूप में उभारा है जिसे बीते सप्ताह बहरीन में, विश्व उद्यमी और निवेश मंच (WEIF) में अपनाया गया है.
मनामा घोषणापत्र में महिलाओं को, आर्थिक परिवर्तन के केन्द्र में जगह दी गई है और इसमें ज़ोर दिया गया है कि कारोबार और नवाचार के स्थानों पर महिलाओं को सशक्त बनाया जाना, दरअसल समावेशी और सतत प्रगति के लिए अनिवार्य है.
इस घोषणापत्र में साथ ही, तमाम उभरते क्षेत्रों में महिलाओं की मौजूदगी को मज़बूत किए जाने की भी पुकार लगाई गई है, जिनमें हरित, नील और नारंगी अर्थव्यवस्थाएँ शामिल हैं.
ग़ौरतलब है कि हरित (Green) अर्थव्यवस्था पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी, नील (Blue) अर्थव्यवस्था समुद्री संसाधनों के सतत प्रयोग और नारंगी (Orange) अर्थव्यवस्था रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं.
विश्व उद्यमी और निवेश मंच (WEIF) का आयोजन संयुक्त राष्ट्र के औद्योगिक विकास संगठन – (UNIDO) के बहरीन स्थित, निवेश और प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन कार्यालय ने किया था. इसमें दुनिया भर से नेतृत्वकर्ताओं, निवेशकों और उद्यमियों ने शिरकत की.
इस मंच के दौरान चर्चाएँ, एक अधिक सहनशील वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार देने और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए नए अवसर बनाए जाने के मुद्दों पर केन्द्रित रहीं.
साझा चुनौतियाँ, साझा समाधान
इस मंच में शिरकत करने वालों को, अलग-अलग परिणाम नज़र आए, और इस मंच का प्रभाव, अरब क्षेत्र से परे भी नज़र आया.
इस मंच में, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका से आए प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की.
श्रीलंका में सीलोन महिला उद्यमी चैम्बर की अध्यक्ष और दक्षिण एशियाई महिला विकास मंच की प्रतिनिधि अयन्थी गुरूसिंघे का कहना था कि प्रतिभागियों ने पूरे क्षेत्र में महिला उद्यमियों के सामने दरपेश चुनौतियों और वित्त के इर्दगिर्द मुद्दों पर अपने अनुभव और विचार साझा किए.
“यह मंच सम्पर्क बढ़ाने, एक मंच पर आने, विचारों के आदान-प्रदान, और एक दूसरे के अनुभवों से सीखने के लिए एक अच्छा अवसर था.”
अयन्थी गुरूसिंघे ने एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराने के लिए UNIDO की सराहना की जहाँ वैश्विक सम्पर्कों के लिए उपजाऊ माहौल बढ़ सके.
समावेशन पर विशेष ज़ोर
इस फ़ोरम में, पैनल चर्चाओं और सम्पर्क बढ़ाने के सत्रों से परे, समावेशी उद्यमिता पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत तीन प्रदर्शनियाँ लगाई गईं.
इन प्रदर्शनियों में बहरीन के माइक्रो आर्ट सैंटर की निसरीन समूर ने भी शिरकत की. यह केन्द्र विशेष रूप में विकलांगता वाले कलाकारों के लिए कला प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रशिक्षण मुहैया कराता है.
निसरीन समूर का कहना था, “आज नौ छात्रों ने शिरकत की, जो सभी अपनी रुचियों और क्षमताओं वाले क्षेत्रों में महारत रखते हैं.”
उन्होंने यूएन न्यूज़ को बताया, “मैं उन्हें निजी तौर पर प्रशिक्षण देती हूँ, और इस समय हम उनके कौशलों को विकसित करने और उन्हें पेशेवेर कलाकृतियाँ सृजित करने में सशक्त बनाने पर काम कर रहे हैं, ताकि उनकी कलाकृतियाँ व्यावसायिक बाज़ार में पहुँचकर उनके लिए कुछ रोज़गार और आय सृजित कर सकें...”
यह केन्द्र अनाथ बच्चों को भी, उनके कला कौशल विकसित करने और उनके काम को पहचान दिलाने के लिए काम करता है. इसमें रचनात्मकता के ज़रिए आत्मनिर्भरता विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाता है.
बार-बार प्रमुखता पाने वाला एक विषय – युवा महिलाओं को विश्व स्तर पर उद्यमिता में जगह पाने के लिए तैयार करने में, उच्च शिक्षा की भूमिका – भी था.
बहरीन में महिलाओं के लिए शाही विश्वविद्यालय (Royal University for Women) में एक प्रौफ़ेसर डॉक्टर निहाल अल-नज्जर ने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में, उद्यमिता को शैक्षणिक व्यवस्थाओं में बहुत गहराई से गूँथे जाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.
उनका कहना था कि उद्यमिता को केवल एक विषय के रूप में नहीं बल्कि एक प्रक्रिया के रूप में निहित किए जाने की ज़रूरत है. करके सीखना और सीखे गए अनुभव को अमल में लाना, बहुत अहम है. “हम छात्रों को चिन्तन व नवाचार करने और समाज में अन्तरालों यानि खाइयों की पहचान करने व समाधानों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.”
उनका कहना था कि विश्वविद्यालयों को कक्षाओं तक सीमित शिक्षण व्यवस्था के बजाय, छात्रों को एक व्यापक उद्यमी माहौल से जोड़ने के लिए काम करना होगा.
सतत विकास के लिए एक प्रेरक शक्ति
WEIF मंच के आयोजन से पहले, अन्तरराष्ट्रीय महिला उद्यमी चुनौती (IWEC) का वार्षिक सम्मेलन भी आयोजित किया गया. यह न्यूयॉर्क स्थित एक ग़ैर-सरकारी संगठन है जो महिलाओं के स्वामित्व वाले व्यवसाओं को आगे बढ़ाने में मदद करता है.
UNIDO के महानिदेशक गर्ड म्यूलर ने इस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए, महिलाओं की उद्यमिता को, सतत विकास, वैश्विक नवाचार और आर्थिक समावेश के लिए एक प्रेरक शक्ति क़रार दिया.
उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर जगह महिलाओं को समान अवसरों वाला माहौल मिले और ऐसे अवसर मिलें जिनमें वो अपनी सम्भावनाओं व क्षमताओं को भरपूर लाभ उठा सकें. उन्होंने इस अवसर पर, दुनिया भर में महिलाओं के लिए, वित्त, प्रौद्योगिक और उच्च कोशल वाली भूमिकाओं के क्षेत्र में दरपेश चुनौतियों का भी ज़िक्र किया.
महानिदेशक गर्ड म्यूलर ने UNIDO के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए, महिलाओं का सशक्तिकरण बहुत ज़रूरी है.
उन्होंने उद्यमिता और महिलाओं की आर्थिक भागेदारी को समर्थन देने में, बहरीन के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि, “UNIDO ने, सीरिया, सूडान और फ़लस्तीन में पुनर्बहाली कार्यक्रम चलाने के लिए हाल ही में काम शुरू किया है... जहाँ अधिकतर महिलाएँ प्रभावित हैं, जिन्हें हमारे समर्थन की आवश्यकता है.”