संक्षेप में: यूक्रेन में रूसी हमले, ग़ाज़ा में यूएन कर्मचारी की मौत, मेडागास्कर में तूफ़ान
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने यूक्रेन में रूसी सैन्य बलों के हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की कड़ी निन्दा करते हुए दोहराया है कि ऐसे हमले अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत प्रतिबन्धित हैं.
उनकी यह प्रतिक्रिया राजधानी कीव, ड्निप्रो और रणनैतिक रूप से अहम बन्दरगाह शहर ओडेसा में रात के दौरान की गई उन कार्रवाइयों के बाद आई है, जिनमें यूक्रेन के ऊर्जा ढाँचे को निशाना बनाया गया.
लगातार हमलों के कारण कीव, ख़ारकीव और ओडेसा में लगभग 8,800 बहुमंज़िला इमारतें तापन व्यवस्था यानि हीटिंग से वंचित हो गई हैं, जिससे लाखों लोगों के सामने गम्भीर मानवीय संकट खड़ा हो गया है.
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (OCHA) ने बताया कि ख़ारकीव में गुरुवार शाम तक तापमान शून्य से नीचे 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है.
उन्होंने चेतावनी दी कि बिजली और हीटिंग के बिना घर बर्फ़ की तरह ठंडे हो जाएँगे, वहीं लिफ़्ट जैसी बुनियादी सेवाएँ ठप पड़ सकती हैं. इसका सबसे ज़्यादा असर बुज़ुर्गों और बच्चों वाले परिवारों पर पड़ेगा, जिनके लिए इस कड़ाके की ठंड में सुरक्षित और गर्माहट में रहना बेहद मुश्किल हो जाएगा.
मानवाधिकार उच्चायुक्त ने ज़ोर देकर कहा कि इस तरह के हमले अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत प्रतिबन्धित हैं. उनके अनुसार, यूक्रेन के ऊर्जा ढाँचे पर रूस द्वारा किए जा रहे व्यापक और लगातार हमलों का असर लम्बे समय तक जारी रहने की आशंका है.
यूक्रेन में लाखों परिवारों को दिन में केवल कुछ घंटों के लिए ही बिजली मिल पा रही है, जिसकी वजह से कई स्कूलों को बन्द करना पड़ा है और स्वास्थ्य सेवाएँ भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.
इस बीच, युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनैतिक प्रयास जारी हैं. रूसी महासंघ के एक प्रवक्ता के मुताबिक़, रूस ने गुरुवार को संकेत दिया है कि शान्ति वार्ता का अगला दौर जल्द शुरू होने की उम्मीद है.
ग़ाज़ा: एक और संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की मौत
ग़ाज़ा में इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम समझौते के बावजूद, हिंसा में एक और संयुक्त राष्ट्र कर्मचारी की मौत हो गई है.
फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNRWA) ने बताया कि मंगलवार को हुए इसराइली हवाई हमलों के दौरान उनके एक कर्मचारी की मौत हो गई. यह घटना रफ़ाह में हमास के लड़ाकों द्वारा किए गए एक हमले के बाद हुई इसराइली कार्रवाई के दौरान हुई.
UNRWA ने कहा कि ग़ाज़ा सिटी में हवाई हमलों और ख़ान युनिस में गोलाबारी के कारण कम से कम 4 फ़लस्तीनियों की मौत हुई है. इनमें उनका एक कर्मचारी भी है, जो मध्य ग़ाज़ा के एक इलाक़े में पैदल चलते समय हमले की चपेट में आ गया था.
यूएन एजेंसी ने बताया है कि ग़ाज़ा युद्ध शुरू होने के बाद अब तक उनके 391 कर्मचारी और साझेदार अपनी जान गँवा चुके हैं.
इस बीच, उत्तरी ग़ाज़ा के जबालिया इलाके़ में स्थित संयुक्त राष्ट्र के एक स्कूल को इसराइली बलों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया है. UNRWA के अनुसार, यह स्कूल उन परिसरों में शामिल था जो तथाकथित “येलो लाइन” के अन्दर स्थित हैं. यह कंक्रीट ब्लॉक से बनी वह सीमा है, जो इसराइली बलों और ग़ाज़ा की आबादी को अलग करती है.
मेडागास्कर: चक्रवात गेज़ानी से भारी तबाही
पूर्वोत्तर मेडागास्कर में आए एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफ़ान गेज़ानी वहाँ अपने साथ व्यापक तबाही लेकर आया है.
10 फ़रवरी को तट से टकराने के बाद, इस चक्रवात के दौरान 195 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ़्तार से हवाएँ चलीं, भारी बारिश हुई और अनेक क्षेत्रों में भीषण बाढ़ आ गई.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में अब तक कम से कम 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं. साथ ही, 35 लोगों के घायल होने की भी पुष्टि की गई है.
प्रारम्भिक आकलन के मुताबिक़, चक्रवात से क़रीब 2.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और लगभग 7 हज़ार लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है.
तूफ़ान और बाढ़ के कारण 65 हज़ार से अधिक घर या तो क्षतिग्रस्त हो गए हैं या पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं.
इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था पर भी गम्भीर असर पड़ा है. अधिकारियों ने बताया कि क़रीब 600 कक्षाएँ आंशिक या पूरी तरह अनुपयोगी हो गई हैं.
पूर्वी और मध्य मेडागास्कर के अनेक क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्य जारी हैं, और प्रभावित परिवारों तक भोजन, आश्रय और बुनियादी सेवाएँ पहुँचाने के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने चक्रवात गेज़ानी के बाद हालात से निपटने के लिए, टोआमासीना शहर में अपनी आपात टीमें तैनात कर दी हैं. फ़िलहाल विस्थापित परिवार, 16 प्रान्तों में बने 28 राहत केन्द्रों में शरण ले रहे हैं. देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है.
मेडागास्कर सरकार राहत और बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रही है. खोज एवं बचाव अभियान के साथ-साथ प्रभावित लोगों को आपात आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
इसके तहत 800 मीट्रिक टन चावल के वितरण की व्यवस्था की गई है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और अन्य साझीदार संगठन सहयोग कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र के केन्द्रीय आपात प्रतिक्रया कोष (CERF) से 30 लाख डॉलर की राशि जारी की गई है, जिससे 90 हज़ार से अधिक लोगों को सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, दानदाताओं से मिल रही मदद से शुरुआती राहत कार्यों को मज़बूती दी जा रही है.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के राहत समन्वय कार्यालय (OCHA) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में यह चक्रवात मोज़ाम्बीक के कुछ हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है.