वैश्विक परिप्रेक्ष्य मानव कहानियां

क्यूबा: डगमगाती तेल आपूर्ति के बीच, मानवीय हालात तेज़ी से बिगड़ने की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र निवासी समन्वयक फ्रांसिस्को पिचोन, नीले संयुक्त राष्ट्र जैकेट पहने हुए, सैन्य वर्दी में एक स्थानीय अधिकारी के साथ चर्चा करते हुए क्यूबा के नक्शे की ओर इशारा करते हुए।
UN Cuba संयुक्त राष्ट्र आवासीय समन्वयक फ्रांसिस्को पिचोन ने सैंटियागो डी क्यूबा में नागरिक रक्षा अधिकारियों से बात की.

क्यूबा: डगमगाती तेल आपूर्ति के बीच, मानवीय हालात तेज़ी से बिगड़ने की चेतावनी

पॉलीना कुबिएक
आर्थिक विकास

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा क्यूबा तक तेल आपूर्ति पहुँचने से रोकने के प्रयासों के कारण, देश में मानवीय स्थिति के ध्वस्त हो जाने की आशंका गहरा रही है.

संयुक्त राज्य अमेरिका ने, क्यूबा को तेल की आपूर्ति करने वाले किसी भी देश पर टैरिफ़ (आयात शुल्क) लगाने की धमकी दी है. क्यूबा पर पिछले कई दशकों से चले आ रहे व्यापार प्रतिबन्धों के बाद, इस क़दम से द्वीपीय देश पर दबाव को और अधिक बढ़ा दिया गया है. 

इसके अलावा, पिछले महीने वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मदूरो को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.

वेनेज़ुएला, लम्बे समय तक क्यूबा के लिए तेल का मुख्य आपूर्तिकर्ता रहा है, लेकिन हाल के सप्ताहों में अमेरिका ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाया है.

इसमें पिछले गुरुवार को जारी किया गया एक कार्यकारी आदेश भी है, जिसमें क्यूबा को तेल बेचने वाले देशों पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने की धमकी दी गई है, जिनमें मेक्सिको भी शामिल है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा कि यूएन महासचिव, क्यूबा में मानवीय स्थिति के प्रति बेहद चिन्तित हैं. “यदि देश की तेल ज़रूरतें पूरी नहीं हुईं, तो यह स्थिति और बिगड़ेगी और अन्ततः मानवीय पतन तक पहुँच सकती है.”

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया है कि महासभा, तीन दशकों से अधिक समय से अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबन्धों का अन्त करने की अपील करती रही है.

प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, “महासचिव ने, सभी पक्षों से सम्वाद का रास्ता अपनाने और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करने का आग्रह किया हैं.”

कैस्पियन सागर जैव विविधता का एक समृद्ध स्रोत है, साथ ही इसमें तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधन भी प्रचुर मात्रा में हैं.
IARC कैस्पियन सागर जैव विविधता का एक समृद्ध स्रोत है, साथ ही इसमें तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधन भी प्रचुर मात्रा में हैं.

बिगड़ते हालात...

क्यूबा में ईंधन संकट के कारण खाद्य पदार्थों की क़ीमतें बढ़ गई हैं. देश भर में ईंधन की गम्भीर कमी के कारण बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की स्थिति बनी हुई है.

क्यूबा में संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारी फ़्रांसिस्को पिशोन ने कहा, “स्पष्ट रूप से, ख़ासकर वेनेज़ुएला में हाल की घटनाओं के बाद, जो हम अभी देख रहे हैं वह भावनाओं का एक मिश्रण है.”

उन्होंने इसे “संघर्ष के प्रति सहनशीलता के साथ-साथ शोक, दुख, आक्रोश और क्षेत्रीय घटनाक्रम को लेकर चिन्ता का मिला-जुला भाव” क़रार दिया.

3 जनवरी को, वेनेज़ुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति मदूरो को हिरासत में लेने के लिए हुई अमेरिकी कार्रवाई के दौरान, वेनेज़ुएला में 32 क्यूबाई नागरिक मारे गए थे.

निवेश, एक बड़ी बाधा...

यूएन अधिकारी फ़्रांसिस्को पिशोन ने, पिछले महीने यूएन न्यूज़ से हुई बातचीत में बताया था कि क्यूबा की बड़ी आबादी को चरणबद्ध बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है.

वो भी ऐसे समय में, जब सम्वेदनशील परिस्थितियों में रहने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.

हालिया क्षेत्रीय घटनाक्रमों से पहले भी संयुक्त राष्ट्र, क्यूबा सरकार के साथ मिलकर विकास को समर्थन देने और देश की अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के तरीक़ों समेत विभिन्न विचारों पर काम कर रहा था.

फ़्रांसिस्को पिशोन ने कहा, ईंधन तक सीमित पहुँच और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी चुनौतियों के कारण ऊर्जा बदलाव एक बड़ी प्राथमिकता है. मगर, निवेश की ज़रूरतें अब भी एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं.

तत्काल बदलाव की ज़रूरत

उन्होंने बताया कि, “पिछले दो वर्ष काफ़ी कठिन रहे हैं. गम्भीर आर्थिक, वित्तीय और व्यापार प्रतिबन्धों के बीच, क्यूबा के सामाजिक मॉडल को बनाए रखने के लिए तत्काल बदलाव ज़रूरी हैं."

क्यूबा की अर्थव्यवस्था, जो ऐतिहासिक रूप से विदेशी मुद्रा के प्रमुख स्रोत के रूप में पर्यटन पर निर्भर रही है, कोविड-19 महामारी के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुई थी. यह अब भी 2018 के स्तर से काफ़ी नीचे बनी हुई है.

क्यूबा की अर्थव्यवस्था के कमज़ोर पड़ने के साथ-साथ देश में कई सामाजिक संकेतक जैसेकि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवाएँ, सार्वभौमिक शिक्षा समेत अन्य रियायती सेवाएँ तथा खाद्य राशन जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाएँ भी दबाव में आ गई हैं.

यूएन अधिकारी फ़्रांसिस्को पिशोन ने कहा, “यह सब अमेरिका द्वारा क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबन्धों के सन्दर्भ में हो रहा है.” 

उनके मुताबिक़, अमेरिका ने क्यूबा को फिर से आतंकी गतिविधियों को हवा देने के लिए वित्तीय समर्थन मुहैया कराने वाले देश (state sponsored terrorism) के रूप में सूचीबद्ध कर दिया है.

उन्होंने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के दृष्टिकोण से हमारे दिशानिर्दश सिद्धान्त अपरिवर्तित हैं: उपस्थित रहना, समर्थन देना, सहयोग के आधार पर कार्य करना, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और संयुक्त राष्ट्र के मूल्यों का सम्मान करना.”