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'प्रकाश की गति से बढ़ रही है एआई', यूएन विशेषज्ञ पैनल के लिए सिफ़ारिशें पेश

इसकी सतह पर 'एआई' मुद्रित कंप्यूटर चिप का नज़दीकी दृश्य, जिसे अंधेरे सर्किट बोर्ड पर सोने के पिन से जोड़ा गया है।
© Unsplash/Igor Omilaev
कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी तेजी से विकसित हो रही है.

'प्रकाश की गति से बढ़ रही है एआई', यूएन विशेषज्ञ पैनल के लिए सिफ़ारिशें पेश

यूएन मामले

संयुक्त राष्ट्र ने ‘स्वतंत्र अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिकी पैनल’ के लिए बुधवार को नामांकित विशेषज्ञों की एक सूची की घोषणा की है, जिसका दायित्व विश्व भर में, कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) के उपयोग से हो रहे रूपान्तरकारी बदलावों की समीक्षा करना है.

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि एआई प्रकाश की गति से आगे बढ़ रही है, और इस टैक्नॉलॉजी को नियामन के दायरे में लाए जाने की आवश्यकता है.

“हमें कारगर सुरक्षा उपाय तैयार करने, साझा भलाई के लिए नवाचार को खोलने और सहयोग को प्रोत्साहन देने के लिए साझा समझ विकसित करने की ज़रूरत है.”

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“यह पैनल दुनिया को तथ्यों व झूठे दावों और विज्ञान व भ्रामक कचरे के बीच अन्तर करने में मदद करेगा.”

एआई पर विशेषज्ञों के इस पैनल की बुनियादी वर्ष 2023 में तैयार हुई थी, जब संयुक्त राज्य अमेरिका में चैटजीपीटी और अन्य अग्रणी टैक्नॉलॉजी को पेश किया गया था. इसे एआई के क्षेत्र में एक नए युग की दस्तक के रूप में देखा गया था.

महासचिव गुटेरेश ने टैक्नॉलॉजी क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों के एक समूह को गठित किया, और उन्हें सुरक्षित संचालन व्यवस्था के लिए सिफ़ारिशें तैयार करने का दायित्व सौंपा.

गहन विचार-विमर्श के बाद, विशेषज्ञों ने एआई संचालन व्यवस्था के लिए अपनी दृष्टि व मानवता की भलाई के लिए उपायों को प्रस्तुत किया. 

इनमें एक सुझाव, अन्तरराष्ट्रीय वैज्ञानिकी पैनल को गठित किए जाने के लिए भी था, जोकि स्वतंत्र हो, मगर जिसे यूएन का समर्थन प्राप्त हो.

यूएन प्रमुख के अनुसार, यह पैनल, अपनी तरह का पहला वैश्विक, पूर्ण रूप से स्वतंत्र, वैज्ञानिकी निकाय है, जोकि एआई सम्बन्धी ज्ञान में ख़ामियों को पाटने और अर्थव्यवस्थाओं व समाजों में एआई के असर की समीक्षा के लिए समर्पित है. 

इस विषय में, विशेषज्ञ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे, स्वास्थ्य, ऊर्जा, शिक्षा समेत अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, नवीनतम शोध के निष्कर्षों को पेश करेंगे.

विविधतापूर्ण सूची

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश और टैक्नॉलॉजी मामलों पर विशेष दूत, अमनदीप सिंह गिल ने पत्रकारों को बताया कि यूएन महासभा में 40 सम्भावित सदस्यों के नाम को भेजा जाएगा, जिस पर इस पैनल की सदस्यता को अन्तिम रूप देने का दायित्व है.

विशेष दूत ने बताया कि एआई के क्षेत्र में विशेषज्ञता के आधार पर इन नामों को चुना गया है, जोकि भौगोलिक प्रतिनिधित्व व लैंगिक सन्तुलन को ध्यान में रखते हुए चयनित किए गए गए हैं.

इनमें 19 महिलाएँ व 21 पुरुष हैं, जिनमें ब्रिटेन की सोनिया लिविन्गस्टन (लंदन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स में प्रोफ़ेसर); भारत के बालारामन रवीन्द्रन (आईआईटी मद्रास में डेटा विज्ञान व एआई विभाग के प्रमुख); और मारिया रेस्सा (प्रख्यात पत्रकार व नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता) हैं.