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ISIL से बढ़ते ख़तरे पर चिन्ता, आतंकवाद से निपटने के प्रयासों में तेज़ी लाने की ज़रूरत

आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए कार्यवाहक सहायक महासचिव अलेक्जेंडर ज़ुयेव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में आतंकवाद के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए उत्पन्न खतरों को संबोधित करते हुए बोल रहे हैं।
UN Photo/Loey Felipe
कार्यवाहक अवर महासचिव अलेक्ज़ांद्र ज़ुएव, संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद निरोधक कार्यालय (UNOCT).

ISIL से बढ़ते ख़तरे पर चिन्ता, आतंकवाद से निपटने के प्रयासों में तेज़ी लाने की ज़रूरत

क़ानून और अपराध रोकथाम

संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आगाह किया है कि आतंकवाद-निरोधक प्रयासों के लगातार जारी रहने के बावजूद, आतंकी संगठन ISIL, स्वयं को परिस्थितियों के अनुसार ढाल रहा है और अपनी संगठनात्मक क्षमता तथा सक्रियता बनाए हुए है.

संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद निरोधक कार्यालय (UNOCT) के कार्यवाहक अवर महासचिव अलेक्ज़ांद्र ज़ुएव ने बुधवार को सुरक्षा परिषद में अपनी नवीनतम रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि ISIL की मौजूदगी अफ़्रीका, मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में पैनी होती जा रही है. 

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रिपोर्ट में, इस आतंकी नैटवर्क के बदलते तौर-तरीक़ों और क्षेत्रीय विस्तार को लेकर गम्भीर चिन्ता जताई गई है.

उन्होंने कहा कि अरबी भाषा में दाएश (Da’esh) नाम वाले ISIL से उत्पन्न ख़तरा, अगस्त में जारी पिछली रिपोर्ट के बाद से लगातार बढ़ा है, और यह तेज़ी से और अधिक जटिल होता जा रहा है.

अफ़्रीका में विस्तार

रिपोर्ट के अनुसार, ISIL और उससे जुड़े संगठन विदेशी लड़ाकों की भर्ती जारी रखे हुए हैं. 

वे नई और उभरती तकनीकों के उपयोग को बढ़ा रहे हैं. साथ ही, अवैध ‘कर’ वसूली और फ़िरौती के लिए अपहरण जैसे तरीक़ों के माध्यम से वित्तीय संसाधनों तक अपनी पहुँच बनाए हुए हैं.

इसके साथ ही, इन आतंकी समूहों ने अफ़्रीका के कुछ हिस्सों में अपनी मौजूदगी का विस्तार भी जारी रखा है.

अवर महासचिव अलेक्ज़ांद्र ज़ुएव ने बताया कि इन आतंकी गुटों की कोशिशों और क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित करने की प्रदर्शित क्षमता क्षेत्रीय अस्थिरता को और गहरा कर रही है.

इससे सुरक्षा, मानवाधिकार और विकास जैसी आपस में जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय प्रशासन की क्षमता भी और कमज़ोर हो रही है.

उन्होंने कहा कि पश्चिम अफ़्रीका और सहेल क्षेत्र की स्थिति विशेष रूप से गम्भीर बनी हुई है, जहाँ चाड झील क्षेत्र में ISIL से जुड़े एक संगठन ने, अपनी उपस्थिति का और विस्तार किया है.

इराक़ और सीरिया में भी सक्रिय

अवर महासचिव के मुताबिक़, इराक़ और सीरिया में भी दाएश की सक्रियता है, जहाँ उसके द्वारा लगातार हमले किए जा रहे हैं और स्थानीय प्रशासन को अस्थिर करने की कोशिशें हो रही हैं.

उन्होंने कहा कि दिसम्बर 2024 में, सीरिया में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के शासन के पतन के बाद सीरिया एक राजनैतिक बदलाव के दौर से गुज़र रहा है. इस दौरान सुरक्षा स्थिति अब भी नाज़ुक बनी हुई है, और दाएश इस प्रशासनिक रिक्तता का लाभ उठाते हुए साम्प्रदायिक तनाव भड़काने में जुटा है.

यूएन वरिष्ठ अधिकारी ने देश के पूर्वोत्तर हिस्से की स्थिति पर भी चिन्ता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि वहाँ कथित रूप से आतंकी संगठन से जुड़े हज़ारों लोग बेहद ख़राब हालात में शिविरों में रह रहे हैं, जिनमें अधिकांश महिलाएँ और बच्चे हैं.

उनके अनुसार, पिछले महीने अल-होल शिविर से, कुर्द नेतृत्व वाले सीरियन लोकतांत्रिक बल (SDF) की वापसी से सुरक्षा और मानवीय सहायता से जुड़ी नई चुनौतियाँ उपजी हैं. इस बीच, अफ़ग़ानिस्तान में ISIL-ख़ोरासान भी उस क्षेत्र के लिए सबसे गम्भीर ख़तरों के रूप में मौजूद है.

रिपोर्ट के अनुसार, 19 जनवरी को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए एक बर्बर आतंकी हमले को इसी गुट ने अंजाम दिया था, जिसमें 7 लोग मारे गए और अनेक लोग अन्य घायल हुए.

इस्लामिक स्टेट (दाएश) के लड़ाकों द्वारा तेल के कुँओं में आग लगाये जाने के बाद निकलता धुँआ.
© UNICEF/Lindsay Mackenzie
इस्लामिक स्टेट (दाएश) के लड़ाकों द्वारा तेल के कुँओं में आग लगाये जाने के बाद निकलता धुँआ.

एआई का दुरुपयोग 

यूएन अधिकारी अलेक्ज़ांद्र ज़ुएव ने कहा कि आतंकवाद को हवा देने वाले वित्तीय समर्थन के विरूद्ध हुई प्रगति के कारण, दाएश और अन्य समूह अब डिजिटल प्लैटफॉर्म और नई तकनीकों का और अधिक दुरुपयोग कर रहे हैं, जिनमें क्रिप्टोकरेंसी, ड्रोन और अन्य उपकरणों का बढ़ता प्रयोग शामिल है.

उन्होंने कहा, "कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का आतंकी गुटों द्वारा लगातार अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है, ख़ासकर लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के लिए, जिसमें युवाओं और बच्चों को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है."

दाएश व उसके सहयोगी गुटों के बढ़ते ख़तरे के मद्देनज़र, यूएन आतंकवाद निरोधक प्रमुख ने अपनी रिपोर्ट में तीन अहम अपीलों पर बल दिया.

पूर्वोत्तर सीरिया के शिविरों व हिरासत केन्द्रों में मौजूद लोगों को उनके मूल देश वापस भेजने के प्रयास तेज़ करने होंगे. साथ ही, अफ़्रीका के कुछ हिस्सों, विशेषकर सहेल, पश्चिम अफ़्रीका और चाड झील क्षेत्र में चिन्ताजनक स्थिति के मद्देनज़र, "सदस्य देशों को राजनैतिक दायित्व निभाना होगा और एक संगठित, समन्वित और संयुक्त प्रतिक्रिया स्थापित करनी होगी."

यूएन अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा कि स्थाई प्रगति के लिए सरकार और समाज दोनों द्वारा समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है, जो क़ानून के शासन पर आधारित और पूरी तरह से अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानदंडों के अनुरूप हो.

इसलिए, राष्ट्रीय स्वामित्व में रोकथाम के समावेशी प्रयासों को अन्तरराष्ट्रीय आतंकवाद-निरोधक प्रयासों के केन्द्र में बनाए रखना अनिवार्य है. "राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद, दाएश और उसके सहयोगियों द्वारा उत्पन्न ख़तरे की गहनता दर्शाती है कि आतंकवाद-निरोधक वैश्विक सहयोग को बनाए रखना कितना ज़रूरी है."

संयुक्त राष्ट्र के प्रयास...

आतंकवाद निरोधक समिति के कार्यकारी निदेशालय (CTED) की कार्यकारी निदेशक नतालीया घेरमान ने जानकारी दी कि पिछले 6 महीनों में यह स्पष्ट हुआ है कि दाएश, अब भी वैश्विक स्तर पर आतंकी हमले कर रहा है और उन्हें प्रेरित कर रहा है, जिनके परिणाम विनाशकारी रहे हैं.

पिछले वर्ष के दौरान, CTED ने ऑस्ट्रिया, कैमरून, चाड, हंगरी, माल्टा, नॉर्वे और सोमालिया में हालात के आकलन के लिए दौरा किया था.

उन्होंने बताया कि, "हम हर उस सदस्य देश के साथ मिलकर काम करते हैं, जहाँ हम जाते हैं, ताकि उन्हें विशेष सिफ़ारिशें दी जा सकें और तकनीकी सहायता की ज़रूरतों की पहचान की जा सके."

नतालीया घेरमान ने, सोमालिया और व्यापक क्षेत्र में दाएश और अल शबाब आतंकी गुटों द्वारा इंटरनैट, सोशल मीडिया और वीडियो गेम्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक परियोजना को  CTED द्वारा समर्थन का उदाहरण दिया.

इस पहल में, सोमालिया, जिबूती, इथियोपिया, केनया और युगांडा के राष्ट्रीय अधिकारियों के 70 प्रतिनिधियों समेत नागरिक समाज, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के प्रतिभागियों को भी शामिल किया गया है.