सीरिया: हिंसक झड़पों बीच, जबरन विस्थापन के गम्भीर परिणाम भुगतती महिलाएँ
सीरिया के उत्तरी हिस्से में स्थित अलेप्पो में, हाल ही में तेज़ हुई लड़ाई में फ़ातिमा और उसके परिवार को सब छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा.
फ़ातिमा, आठ महीने की गर्भवती हैं, और इस समय अपने 3 बच्चों के साथ एक अस्थाई शिविर में शरण लिए हुए है.
वो कहती हैं कि उनकी सबसे बड़ी चिन्ता कड़ाके की ठंड नहीं, बल्कि यह है कि अगर प्रसव शुरू हुआ तो वह क्या करेंगी.
फ़ातिमा कहती हैं, “मुझे अपनी सेहत की चिन्ता है, लेकिन उससे भी ज़्यादा इस बात की कि अगर कुछ हो गया तो मैं कहाँ जाऊँगी. विस्थापन, सिर्फ़ घर खोना नहीं होता, यह निजता, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच खोना भी है, ख़ासकर एक महिला के लिए.”
फ़ातिमा, उन हज़ारों महिलाओं और लड़कियों में से एक हैं, जो बीते कुछ सप्ताहों में अलेप्पो के आसपास बढ़ी हिंसा और असुरक्षा से प्रभावित हुई हैं.
इस हिंसा ने बड़ी संख्या में लोगों को पलायन पर मजबूर किया है, आवश्यक सेवाएँ बाधित हुई हैं.
साथ ही, हिंसा के कारण अनेक अस्पताल भी बन्द हो गए हैं.
'हमारे पास डर के अलावा कुछ भी नहीं'
यौन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए यूएन एजेंसी - संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) को 39 वर्षीय फ़रीदा बताती हैं, “हम बमबारी के बीच भागे, हमारे पास डर के अलावा कुछ भी नहीं था.”
उन्होंने कहा, “हमारा हर क़दम ऐसा लग रहा था, मानो वही आख़िरी हो सकता है.”
अलेप्पो में, हालिया झड़पों के बाद लगभग 58 हज़ार लोग अब भी विस्थापित हैं.
ये हिंसक टकराव, अस्थाई सरकार के सुरक्षा बलों और अधिकतर कुर्दिश सीरियाई लोकतांत्रिक बल (SDF) के बीच हुए, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों तक असुरक्षा फैल गई है.
सर्दियों की कठोर परिस्थितियों ने इस स्थिति को और गम्भीर बना दिया है. देशभर में हज़ारों लोग अब ठंड में, अस्थाई शिविरों, पूर्व स्कूलों और अधूरे बने भवनों में शरण लिए हुए हैं.
अलेप्पो की रुहान, 3 बच्चों की माँ हैं, जो हिंसा के भय में केवल वही चीज़ें ले कर भागीं जो वह उठा सकती थीं.
उन्होंने UNFPA के राहतकर्मियों से कहा, “ठंड असहनीय है. मेरी सबसे बड़ी चिन्ता अपने बच्चों को गरमाहट देना और सुरक्षित रखना है.”
लाखों लोग विस्थापित
दिसम्बर 2025 तक, सीरिया में 8.9 लाख से अधिक लोग हाल ही में विस्थापित हुए, जो देश के भीतर पहले से ही लगभग 70 लाख विस्थापित लोगों में इज़ाफ़ा है.
14 साल के युद्ध, जलवायु संकट और आर्थिक गिरावट ने, सीरिया की पुनर्बहाली को नाज़ुक और असमान बना दिया है, जिससे मानवीय ज़रूरतें अत्यधिक बढ़ गई हैं और स्वास्थ्य प्रणाली गम्भीर रूप से प्रभावित हुई है.
इस स्थिति से निपटने के लिए, UNFPA और उसके साझीदार मानवीय सहायता संगठनों ने, विस्थापित समुदायों तक जीवनरक्षक यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएँ, आवश्यक स्वच्छता सामग्री वाले गरिमा किट और मनो-सामाजिक परामर्श पहुँचाने के लिए सचल स्वास्थ्य समूह भी भेजे हैं.
सीरिया में लगभग 4 लाख गर्भवती महिलाएँ आवश्यक मातृत्व सेवाओं तक पहुँचने के लिए संघर्ष कर रही हैं.
यह स्थिति पिछले साल से शुरू हुई भारी धन कटौती से और ख़राब हुई है, जिसने सेवाओं तक पहुँच को और सीमित कर दिया है.