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यूएन संगठनों से अमेरिका की वापसी, जलवायु, व्यापार और विकास कैसे प्रभावित

खाड़ी के लिए अपनी समुद्री यात्रा शुरू करने से पहले जिबूती रेगिस्तान को पार करने वाले इथियोपियाई प्रवासियों के चित्र।
आईओएम
जलवायु परिवर्तन उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में प्रवासन को फिर से आकार दे रहा है.

यूएन संगठनों से अमेरिका की वापसी, जलवायु, व्यापार और विकास कैसे प्रभावित

यूएन मामले

संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के दर्जनों निकायों के साथ साझेदारी और भागेदारी से क़दम पीछे हटाने की घोषणा की है. इन यूएन निकायों के अन्तर्गत जलवायु संकट, व्यापार, लैंगिक समानता और विकास समेत कई अहम क्षेत्रों पर केन्द्रित कार्यक्रम और पहलें शामिल हैं. इन सब पर क्या होंगे प्रभाव!

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने, अमेरिका की इस आधिकारिक घोषणा के बाद, पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपने सदस्य देशों द्वारा, सौंपे गए शासनादेशों (Mandates) को ‘दृढ़ संकल्प’ के साथ आगे भी पूरा करता रहेगा.

अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा गत बुधवार (7 जनवरी) को जारी यानि ज्ञापन में कहा गया है कि देश, क़ानून के तहत अनुमत सीमा तक, सूचीबद्ध संस्थाओं में अपनी भागेदारी और उन्हें दी जाने वाली वित्तीय सहायता समाप्त कर रहा है.

इस ज्ञापन में शामिल अनेक निकायों को, संयुक्त राष्ट्र के नियमित बजट से पूर्ण या आंशिक रूप से वित्त पोषण मिलता है. इससे संकेत मिलता है कि स्वैच्छिक वित्तीय योगदान प्रभावित होंगे, हालाँकि केन्द्रीय वित्तपोषण जारी रहेगा.

हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय - White House ने स्पष्ट किया है कि अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के लिए अमेरिकी वित्तपोषण की समीक्षा प्रक्रिया अब भी जारी है, और फ़िलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस घोषणा का वास्तविक प्रभाव क्या होगा.

आइए, इस ज्ञापन में, संयुक्त राष्ट्र के 31 निकायों के बारे में कुछ और अधिक जानने की कोशिश करते हैं कि वे, दुनिया भर में लोगों, समुदायों और देशों के जीवन में किस तरह सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं.

अफ़्रीका से जुड़े मामले

अफ़्रीका पर विशेष सलाहकार का कार्यालय: यह कार्यालय अफ़्रीकी महाद्वीप से जुड़े मामलों पर तथ्यपूर्ण और सूचित सलाह प्रदान करता है. साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि महाद्वीप में संयुक्त राष्ट्र की कार्रवाइयाँ आपस में समन्वित हों और लोगों की ज़रूरतों के अनुरूप हों.

अफ़्रीकी मूल के लोगों पर स्थाई मंच: इस मंच का उद्देश्य अफ़्रीकी मूल के लोगों की सुरक्षा, जीवन की गुणवत्ता और विकास में सुधार लाना है. यह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को नीतिगत सलाह भी प्रदान करता है.

अफ़्रीका में बच्चों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की चपेट में आने का जोखिम है.
© UNICEF/Raphael Pouget

जलवायु और पर्यावरण

वनों की कटाई और क्षरण से उत्सर्जन घटाने पर संयुक्त राष्ट्र का सहयोगी कार्यक्रम (UN-REDD): यह कार्यक्रम विकासशील देशों में टिकाऊ वन प्रबन्धन को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी सहायता, नीतिगत मार्गदर्शन और वित्तीय सहयोग प्रदान करता है.

यूएन ऊर्जा: यह पहल, 30 संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यों का समन्वय करती है, ताकि सभी के लिए किफ़ायती, विश्वसनीय, सतत और आधुनिक ऊर्जा तक पहुँच को बढ़ावा दिया जा सके.

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ़्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC): यह फ़्रेमवर्क कन्वेंशन, जलवायु COPs या शिखर सम्मेलनों का आयोजन करता है और अन्तरराष्ट्रीय सहयोग को सशक्त बनाने तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में केन्द्रीय भूमिका निभाता है.

यूएन महासागर (UN Oceans): यह पहल महासागरीय पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा, महासागर के सतत प्रयोग को बढ़ावा देने और वैश्विक महासागर शासन को सुदृढ़ करने जैसे महासागरीय मुद्दों पर संयुक्त राष्ट्र सहयोग को मज़बूत बनाती है.

यूएन जल (UN Water): यह निकाय, जल और स्वच्छता से जुड़े कार्यों का समन्वय करता है और जल संसाधनों के सतत प्रबन्धन को बढ़ावा देता है.

एक व्यक्ति एक महिला की मदद कर रहा है, जिसकी कार कमर तक भरे पानी में फँस गई है. दुनिया भर में वर्षा पहले से कहीं अधिक चरम हो रही है, जिसका मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव हैं.
© WMO/Teguh Prihatna

समन्वय और विकास पहलें

यूएन प्रणाली का प्रमुख कार्यकारी समन्वय बोर्ड (UN System Chief Executives Board for Coordination): यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के सभी संगठनों के प्रमुखों को एकत्र करता है ताकि वैश्विक चुनौतियों पर एकीकृत कार्रवाई सुनिश्चित हो ,और यूएन शासनादेशों का प्रभावी कार्यान्वयन हो सके.

यूएन पर्यावास (UN-Habitat): यह कार्यक्रम, सतत शहरों और नगरों को बढ़ावा देता है तथा जीवन स्तर सुधारने और शहरी ग़रीबी घटाने के लिए तकनीकी और नीतिगत सलाह प्रदान करता है.

शिक्षा और प्रशिक्षण

यूएन प्रशिक्षण एवं अनुसन्धान संस्थान (UNITAR): यह संस्थान व्यक्तियों, संगठनों और देशों (विशेषकर विकासशील देशों) को कूटनीति, सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और संकट प्रबन्धन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देता है, और क्षमता निर्माण में मदद प्रदान करता है.

यूएन प्रणाली स्टाफ़ कॉलेज (UN System Staff College): यह संस्थान, यूएन कर्मचारियों को सीखने, प्रशिक्षण और सलाहकार सेवाएँ प्रदान करता है ताकि एक सक्षम, अनुकूलनीय और सहयोगी यूएन कार्यबल सुनिश्चित किया जा सके.

यूएन विश्वविद्यालय (UN University): यह यूएन का वैश्विक थिंक टैंक और स्नातकोत्तर शिक्षण संगठन है, जो महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर शोध करता है और नीति-सुझाव प्रदान करता है.

शिक्षा प्रतीक्षा नहीं कर सकती है (Education Cannot Wait): यह संगठन, आपात और लम्बी अवधि के संकटों में, शिक्षा के लिए यूएन का वैश्विक कोष है, जो यह सुनिश्चित करता है कि युद्ध, विस्थापन और आपदाओं से प्रभावित बच्चों और युवाओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच मिले.

लैंगिक समानता और महिलाओं सशक्तिकरण के लिए संस्था (UN Women): यह संस्था महिलाओं और लड़कियों के ख़़िलाफ़ भेदभाव समाप्त करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्य करती है.

असम के डिब्रूगढ़ में एक आंगनवाड़ी केन्द्र में प्रारम्भिक बाल शिक्षा सत्र के दौरान खेलते बच्चे.
© UNICEF/Biju Boro

स्वास्थ्य

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA): यह संस्था सभी के लिए यौन और प्रजनन स्वास्थ्य एवं अधिकारों को बढ़ावा देती है, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करती है और विकास के लिए जनसंख्या आँकड़े एकत्रित करती है. इसके माध्यम से, मातृ मृत्यु दर कम करने और परिवार नियोजन तक पहुँच बढ़ाने में मदद मिलती है.

अन्तरराष्ट्रीय क़ानून

अन्तरराष्ट्रीय क़ानून आयोग (International Law Commission): इसका कार्य अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के विकास और संहिताकरण का है, जिसमें क़ानूनी दस्तावेज़ तैयार करना, सिद्धान्तों को स्पष्ट करना, क़ानून के शासन को बढ़ावा देना और देशों के बीच शान्तिपूर्ण सम्बन्धों का समर्थन करना शामिल है.

अन्तरराष्ट्रीय अवशिष्ट तंत्र न्यायाधिकरण (International Residual Mechanism for Criminal Tribunals): यह तंत्र, रवांडा और पूर्व यूगोस्लाविया के लिए पूर्व अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरणों के महत्वपूर्ण कार्यों को जारी रखता है. इसमें चल रहे मामलों को पूरा करना, गवाहों की सुरक्षा करना और अभिलेखों का संरक्षण शामिल है, ताकि गम्भीर अन्तरराष्ट्रीय अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके.

महिलाओं ने ज़ोरदार आवाज़ उठाई है कि उनके बिना, जलवायु न्याय नहीं हो सकता.
© UNFCCC/Diego Herculano

युद्ध और हिंसा में कमी लाना

सशस्त्र युद्ध में बच्चों के लिए महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय: यह कार्यालय, सशस्त्र युद्ध में प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिए वैश्विक पैरोकारी और निगरानी का नेतृत्व करता है.

बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा पर महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय: यह कार्यालय, बच्चों के ख़िलाफ़ सभी प्रकार की हिंसा को रोकने और समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर पैरोकारी करता है.

युद्ध में यौन हिंसा पर महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय: इसके माध्यम से, युद्ध से सम्बन्धित यौन हिंसा को रोकने और उस पर प्रतिक्रिया देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों का नेतृत्व किया जाता है. इसमें पीड़ितों के समर्थन, सरकारों और सशस्त्र समूहों के साथ जुड़ाव, उल्लंघनों को समाप्त करना और जवाबदेही बढ़ाना शामिल है.

शान्ति स्थापना आयोग (Peacebuilding Commission): यह निकाय, युद्ध से उबर रहे देशों में, शान्ति प्रयासों का समर्थन करता है, संसाधनों का समन्वय करता है, रणनैतिक सलाह प्रदान करता है और साझेदारी को बढ़ावा देता है.

शान्ति स्थापना कोष (Peacebuilding Fund): यह कोष, शान्ति स्थापना पहलों के लिए सहनशील वित्तीय समर्थन प्रदान करता है, ताकि हिंसा की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और दीर्घकालिक स्थिरता और विकास स्थापित हो सके.

संयुक्त राष्ट्र सभ्यताओं का गठबन्धन (UN Alliance of Civilizations): यह गठबन्धन राष्ट्रों, संस्कृतियों और धर्मों के बीच सम्वाद और सहयोग को बढ़ावा देता है, ताकि ध्रुवीकरण और उग्रवाद को कम किया जा सके.

संयुक्त राष्ट्र  का पारम्परिक हथियार रजिस्टर (UN Register of Conventional Arms): यह संगठन, यूएन के सदस्य देशों को प्रमुख पारम्परिक हथियारों के आयात, निर्यात और भंडार की वार्षिक रिपोर्ट देने का आमंत्रण देता है, ताकि हथियारों के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ाकर सशस्त्र युद्ध का जोखिम कम किया जा सके.

दक्षिण सूडान में संघर्ष सम्बन्धी यौन हिंसा के जो मामले दर्ज किये जाते हैं, उनमें से लगभग एक चौथाई मामले, बच्चों के ख़िलाफ़ हिंसा के होते हैं.
© UNICEF/Mackenzie Knowles-Coursin

व्यापार और अर्थव्यवस्था

आर्थिक और सामाजिक मामलों का विभाग (Department of Economic and Social Affairs): यह विभाग आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आँकड़े तैयार करता है और उसका विश्लेषण करता है, जिससे देशों को तत्काल विकास सम्बन्धी चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है.

अफ़्रीका, लातीनी अमेरिका और कैरीबियाई, एशिया और प्रशान्त, और पश्चिमी एशिया के लिए आर्थिक आयोग (Economic Commissions): ये निकाय, क्षेत्रीय आयोग नीति मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, अन्तर-सरकारी सम्वाद को सुविधाजनक बनाते हैं और सतत एवं समावेशी विकास के लिए क्षमता निर्माण करते हैं.

अन्तरराष्ट्रीय व्यापार केन्द्र (ITC): विकासशील और संक्रमणशील अर्थव्यवस्थाओं में छोटे और मध्यम उद्यमों को व्यापार और बाज़ार सम्बन्धी जानकारी, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण के माध्यम से सशक्त बनाता है.

संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD): विकासशील देशों को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने में मदद करता है, और व्यापार, निवेश, वित्त और तकनीक पर शोध, नीति विश्लेषण और तकनीकी सहायता प्रदान करता है.