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ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और बल प्रयोग पर गम्भीर चिन्ता

तेहरान, ईरान का एक हवाई रात का दृश्य, जिसमें एक जीवंत शहरी परिदृश्य प्रदर्शित किया गया है जिसमें रोशन उच्च-कक्षा की इमारतें, घने शहरी पड़ोस, और प्रमुख सड़कों पर चल रहे वाहनों से प्रकाश की धड़कनें हैं। छवि रात के आकाश के नीचे राजधानी शहर की गतिशील ऊर्जा और आधुनिक वास्तुकला को पकड़ती है।
© UNRCO Iran ईरान में दैनिक जीवन की बढ़ती लागत के विरोध में, दिसम्बर के अन्तिम दिनों में, आम लोगों के प्रदर्शन शुरू हुए थे, जिनमें हिंसा और सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग किए जाने की ख़बरें मिली हैं. यूएन मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने इस स्थिति पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है.

ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और बल प्रयोग पर गम्भीर चिन्ता

मानवाधिकार

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने, ईरान में मौजूदा प्रदर्शनों के दौरान कुछ लोगों की मौतें होने और कुछ लोगों को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बरों की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच का आहवान किया है. ऐसी ख़बरें हैं कि देश में सुरक्षा बलों ने, प्रदर्शनों पर बल प्रयोग किया है.

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अभी तक मिल रही ख़बरों के अनुसार, ईरान में दैनिक जीवन की बढ़ती लागत के मुद्दे पर गत दिसम्बर के अन्त में लोग राजधानी तेहरान में एकत्र होना शुरू हुए थे. 

मानवाधिकार समूहों के अनुसार, तब से अब तक कम से कम 50 लोगों के मारे जाने और सैकड़ों अन्य लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने शुक्रवार को जारी एक वक्तव्य में, लगभग एक पखवाड़े के इन प्रदर्शनों के दौरान, हिंसा की ख़बरों पर गम्भीर रूप से व्यथित हैं. 

उन्होंने, मानवाधिकार उल्लंघन के लिए ज़िम्मेदारों को अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुसार, जवाबदेह ठहराए जाने पर ज़ोर दिया है.

वोल्कर टर्क ने साथ ही यह भी कहा है कि मौजूदा स्थिति को और अधिक भड़कने से रोकने क लिए, यह ज़रूर है कि समावेशी और सार्थक सम्वाद के ज़रिए, लोगों की शिकायतों और परेशानियों का हल निकाले जाने पर ध्यान दिया जाए.

अनेक मीडिया ख़बरों में कहा गया है कि देश भर में, गुरूवार रात तक इंटरनैट और संचार माध्यमों पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी. 

इस सन्दर्भ में वोल्कर टर्क ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ, लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुँच को कमज़ोर करती हैं. शुक्रवार को भी ईरान में समाचारों पर पूर्ण पाबन्दी के हालात थे.

उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों से, मानवाधिकार उल्लंघन के मामले दर्ज करने वालों के कामकाज पर असर पड़ता है और साथ ही, अनिवार्य और आपात सेवाओं तक पहुँच भी बाधित होती है.

इस बीच यूएन प्रमुख के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने शुक्रवार को नियमित प्रैस वार्ता में बताया कि ईरान में सभी यूएन कर्मचारी सुरक्षित थे.

प्रदर्शन करने का अधिकार और अन्तरराष्ट्रीय क़ानून

वोल्कर टर्क और यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक दोनों ने ही शुक्रवार को दोहराया कि शान्तिपूर्ण प्रदर्शन करना, एक बुनियादी मानवाधिकार है. 

ग़ौरतलब है कि वर्ष 1948 में, जब मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा अपनाई गई थी तो अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के बीच सहमति हुई थी कि, “हर किसी को शान्तिपूर्ण सभा करने और संगठन बनाने का अधिकार है.” इस घोषणा के अनुच्छेद 20 में यह वर्णित है.

सिविल व राजनैतिक अधिकारों पर अन्तरराष्ट्रीय कन्वेंशन का अनुच्छेद 21 भी, शान्तिपूर्ण सभाएँ करने के अधिकार को मान्यता देता है.

इस सन्दर्भ में संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार समिति ने वर्ष 2020 में सामान्य टिप्पणी – 37 नामक दस्तावेज़ प्रकाशित किया था, जिसमें इस बारे में अधिक स्पष्टता से, इस मुद्दे को समझाया गया है.