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वेनेज़ुएला में घटनाक्रम से 'अस्थिरता गहराने की आशंका', सुरक्षा परिषद की आपात बैठक

अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरों पर चर्चा करने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक का व्यापक दृश्य, जिसमें प्रतिनिधि एक बड़ी अंडाकार मेज और एक स्क्रीन के चारों ओर बैठकर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रतिभागियों को प्रदर्शित करते हैं।
UN Photo/Loey Felipe
वेनेज़ुएला में घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक.

वेनेज़ुएला में घटनाक्रम से 'अस्थिरता गहराने की आशंका', सुरक्षा परिषद की आपात बैठक

शान्ति और सुरक्षा

वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मदूरो को राजधानी कराकस से हिरासत में लिए जाने की पृष्ठभूमि में, संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा है कि देश की सम्प्रभुता, राजनैतिक स्वतंत्रता व क्षेत्रीय अखंडता का पूर्ण रूप से सम्मान किया जाना होगा. राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की अवर महासचिव ने यूएन प्रमुख की ओर से सोमवार को न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की आपात बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि क़ानून के शासन को सर्वोपरि रखना होगा. इस बैठक का प्रसारण यहाँ उपलब्ध है.

वेनेज़ुएला में हुए इस घटनाक्रम ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है, जिसके बाद कोलम्बिया ने चीन और रूसी महासंघ के समर्थन से सुरक्षा परिषद की बैठक का अनुरोध किया था. यह बैठक अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए पनपते ख़तरों के एजेंडा के तहत बुलाई गई है.

राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों की प्रमुख रोज़मैरी डीकार्लो ने यूएन महासचिव की ओर से सुरक्षा परिषद को सम्बोधित करते हुए कहा कि वेनेज़ुएला में 3 जनवरी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद एक गम्भीर समय में यह बैठक हो रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने बीते शनिवार को वेनेज़ुएला में की गई इस व्यापक कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मदूरो को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी थी. 

राष्ट्रपति मदूरो को न्यूयॉर्क के एक हिरासत केन्द्र में रखा गया है, और सोमवार को एक अदालत में ड्रग्स तस्करी, हथियार सम्बन्धी अपराधों के मामले में उनकी, अपनी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस के साथ पेशी होनी है. 

रोज़मैरी डीकार्लो ने ध्यान दिलाया कि वेनेज़ुएला ने इस कार्रवाई को सैन्य आक्रामकता और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन के रूप में परिभाषित किया है, जिससे अन्तरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए ख़तरा उपजा है.

यूएन की वरिष्ठ अधिकारी ने ज़ोर देकर कहा है कि राष्ट्रीय, सम्प्रभुता, राजनैतिक स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की जानी होगी.

वेनेज़ुएला का भविष्य दाँव पर

अवर महासचिव डीकार्लो ने चिन्ता जताई कि वेनेज़ुएला के तात्कालिक भविष्य के बारे में निश्चितता कम है, इससे अस्थिरता गहराने और क्षेत्र पर असर पड़ने की आशंका है, और यह एक ख़तरनाक चलन की वजह बन सकती है.

उन्होंने महासचिव के वक्तव्य को पढ़ते हुए कहा कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के लिए सम्मान को दिशानिर्देशक सिद्धान्त बनाए रखना होगा. 3 जनवरी को हुई सैन्य कार्रवाई में बल प्रयोग के लिए निर्धारित नियमों का सम्मान नहीं किया गया है.

यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया है कि यूएन चार्टर में स्पष्ट रूप से किसी अन्य देश की क्षेत्रीय अखंडता, राजनैतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध ताक़त के इस्तेमाल या उसकी धमकी दी जानी निषिद्ध है.

समावेशी सम्वाद पर बल

उन्होंने बताया कि पिछले कई दशकों से चली आ रही राजनैतिक, सामाजिक व आर्थिक उथलपुथल की वजह से लाखों लोग देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर हुए हैं. 

“फ़िलहाल स्थिति बहुत गम्भीर है, लेकिन एक कहीं अधिक व्यापक और विध्वसंक टकराव को रोकना अब भी सम्भव है.”

इसके मद्देनज़र, उन्होंने समावेशी सम्वाद को बढ़ावा देने, सम्प्रभुता, राजनैतिक स्वतंत्रता व क्षेत्रीय अखंडता पर बल दिया, और कहा कि क़ानून की शक्ति को सुनिश्चित करना होगा.  

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि जब कोई स्थिति इतनी जटिल हो, तो सिद्धान्तों का पालन करना ही सबसे अहम है, और क़ानून की शक्ति को सुनिश्चित किया जाना होगा.

उन्होंने बताया कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून में मानवाधिकार चिन्ताओं से लेकर अवैध तस्करी और संसाधनों पर विवाद से जुड़े मुद्दों से निपटने के लिए उपकरण हैं, और हमें इसी रास्ते पर चलना होगा.

राजनैतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए उप महासचिव रोसेमरी डिकार्लो, वेनेजुएला में स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में बोल रही हैं।
UN Photo/Loey Felipe
संयुक्त राष्ट्र के राजनैतिक और शांति निर्माण मामलों के लिए उप महासचिव रोज़मैरी डीकार्लो ने, वेनेज़ुएला में स्थिति पर सुरक्षा परिषद की बैठक को संबोधित किया.

 यूएन चार्टर का अनुच्छेद – 2

सोमवार को सुरक्षा परिषद में वेनेज़ुएला के मुद्दे पर हुई बैठक में यूएन चार्टर का विशेष ज़िक्र किया गया. यूएन चार्टर का अनुच्छेद -2 देशों की सम्प्रभुता का सम्मान किए जाने और देशों के बीच सहयोग के बारे में कुछ दिशा-निर्देश पेश करता है...

वैश्विक सहयोग के लिए आधारभूत नियम

अनुच्छेद - 2 ऐसे आधारभूत सिद्धान्त पेश करता है जो ये दिखाते हैं कि देश, संयुक्त राष्ट्र के तहत किस तरह साथ मिलकर काम करें. आइए, इस सन्दर्ब को समझने की कोशिश करते हैं:

  • सभी देशों की समानता: हर सदस्य देश, बड़ा या छोटा, सभी के साथ बराबरी की जाए.
  • अपने वादों को पूरा करें: देश संयुक्त राष्ट्र में शामिल होते समय किए गए वादों को पूरा करें. 
  • शान्तिपूर्ण समस्या-समाधान: शान्ति व न्याय के संरक्षण की ख़ातिर, विवादों का निपटारा, हिंसा के बिना किया जाए.
  • बल प्रयोग या धमकियाँ नहीं: देश, अन्य देशों की स्वतंत्रता या क्षेत्र को ख़तरे में नहीं डालें और ना ही बल प्रयोग करें.
  • यूएन कार्रवाइयों का समर्थन करें: संयुक्त राष्ट्र जब शान्ति क़ायम रखने के लिए कार्रवाई करे तो सदस्य देश उसकी मदद करें और इन कार्रवाइयों का विरोध करने वालों की कभी भी मदद नहीं करें.
  • सदस्यता से आगे भी प्रभाव: जब शान्ति व सुरक्षा दाँव पर लगे हों तो, जो देश संयुक्त राष्ट्र के सदस्य नहीं हैं, वो भी इन सिद्धान्तों का पालन करें.
  • देशों के घरेलू मामलों से दूरी: संयुक्त राष्ट्र, किसी देश के आन्तरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता. ऐसा केवल यूएन चार्टर के अध्याय VII को लागू करने के दौरान ही किया जा सकता है, जिसमें अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा को क़ायम रखने के लिए कार्रवाइयों का विवरण है.