'वेनेज़ुएला में अमेरिकी कार्रवाई एक ख़तरनाक चलन', एंतोनियो गुटेरेश
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच हाल के महीनों के दौरान बढ़ते रहे तनाव पर गम्भीर चिन्ता व्यक्त की है, जिसकी परिणति, शनिवार को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदूरो को हिरासत में लिए जाने के रूप में हुई है. उन्होंने वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को एक ख़तरनाक चलन बताया है.
मीडिया ख़बरों के अनुसार, अमेरिका के विशेष सैन्य बलों ने वेनेज़ुएला पर कार्रवाई करके, राष्ट्रपति निकोलस मदूरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने वेनेज़ुएला कार्रवाई के बारे में सोशल मीडिया पर घोषणा की.
साथ ही अमेरिका की एटॉर्नी जनरल पामेला बॉन्डी ने कहा है कि राष्ट्रपति मडूरो और उनकी पत्नी को, अमेरिकी भूमि पर, अमेरिकी न्यायालयों में, अमेरिकी न्याय की पूर्ण शक्ति का सामना करना पड़ेगा.
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई वेनेज़ुएला की राजधानी काराकस में और उसके आसपास बीती रात शुरू हुई.
वेनेज़ुएला ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है. इस कार्रवाई में हताहत होने वाले लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है.
वेनेज़ुएला की सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई को “अत्यन्त गम्भीर सैन्य आक्रमण” बताते हुए, इसकी निन्दा की है.
ग़ौरतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच कई महीनों से तनाव चल रहा था जो लगातार बढ़ता गया और जिसके दौरान, अमेरिका ने वेनेज़ुएला के तट के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की थी, और तथाकथित ड्रग तस्करी नावों पर घातक हमले भी किए थे.
अमेरिका ने हाल के सप्ताहों के दौरान प्रतिबन्धित तेल के टैंकरों को ज़ब्त किए जाने के आदेश भी दिए थे और साथ ही राष्ट्रपति मडूरो को पद से हटाने के लिए ज़मीनी अभियान शुरू करने की धमकियाँ भी दी थीं.
क़ानून का शासन क़ायम रहे
यूएन महासचिव के प्रवक्ता द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि एंतोनियो गुटेरेश ने, इस घटनाक्रम को क्षेत्र के लिए चिन्ताजनक परिणामों वाली स्थिति बताया है.
उन्होंने कहा है कि इन घटनाक्रमों को वेनेज़ुएला में स्थिति से अलग हटकर देखा जाए तो इनमें एक ख़तरनाक चलन नज़र आता है.
वक्तव्य में यूएन प्रमुख ने सभी पक्षों द्वारा यूएन चार्टर सहित अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पूर्ण सम्मान किए जाने की अहमियत पर ज़ोर दिया है.
वक्तव्य के अनुसार, “वह (यूएन प्रमुख) गम्भीर रूप से चिन्तित हैं कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान नहीं किया गया है.”
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, वेनेज़ुएला में तमाम पक्षों से, मानवाधिकारों और क़ानून के शासन का पूर्ण सम्मान करते हुए, समावेशी सम्वाद में शामिल होने का आग्रह किया है.
यूएन चार्टर का पालन अनिवार्य
यूएन महासभा अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने वेनेज़ुएला स्थिति के बारे में कहा है कि यूएन चार्टर का पालन कोई ऐच्छिक विकल्प नहीं है – यह हम सभी को राह दिखाने वाले ढाँचा है, शान्तिपूर्ण स्थिति और संकटों में भी, जैसा कि आज वेनेज़ुएला में घटित हुआ है, अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के रूप में.
उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि यूएन चार्टर का अनुच्छेद 2 स्पष्टतः कहता है कि संयुक्त राष्ट्र के तमाम सदस्य देश, अपने अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्धों में, किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता और राजनैतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध किसी तरह के बल प्रयोग से बचेंगे. इसमें ऐसे उपाय भी शामिल हैं जो संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्य से मेल नहीं खाते हों.
महासभा अध्यक्ष ने कहा कि यूएन चार्टर व अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान किया जाना, अन्तरराष्ट्रीय व्यवस्था की बुनियाद है.
ऐनालेना बेयरबॉक ने कहा, “सभी के लिए एक शान्तिपूर्ण, सुरक्षित और न्यायसंगत विश्व तभी सम्भव है जब शक्ति प्रयोग के बजाय, क़ानून का शासन क़ायम रहे. और मानवाधिकार उल्लंघनों के बजाय, वेनेज़ुएला के लोगों सहित, तमाम लोगों के मानवाधिकार क़ायम रहें.”
नागरिकों का संरक्षण सुनिश्चित हो
यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने भी अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का पूर्ण सम्मान किए जाने की पुकार लगाई है.
उन्होंने कहा है, “वेनेज़ुएला के लोगों का संरक्षण बहुत अहम बात है और किसी भी कार्रवाई में इसका पूर्ण ख़याल रखा जाए.”
इस बीच वेनेज़ुएला ने न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद का आपात सत्र बुलाए जाने का औपचारिक अनुरोध किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने फ़्लोरिडा में स्थित मार-ए-लागो क्लब में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अमेरिका, वेनेज़ुएला का शासन तब तक चलाने की मंशा रखता है जब तक कि सत्ता का “सुरक्षित, उपयुक्त और न्यायासंगत स्थानान्तरण” हो जाता है.
ग़ौरतलब है कि वेनेज़ुएला में विश्व के सबसे अधिक ज्ञात तेल भंडार हैं, इस सन्दर्भ में राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी तेल कम्पनियाँ, “देश के लिए धन अर्जित करने की ख़ातिर”, तेल ढाँचे का आधुनिकीकरण करेंगी.