UNRWA के अभियानों को निशाना बनाने वाले इसराइली क़ानूनी संशोधनों की निन्दा
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इसराइली संसद क्नेसैट द्वारा, फ़लस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन सहायता एजेंसी – UNRWA को निशाना बनाने वाले क़ानूनी संशोधनों की निन्दा की है और कहा है कि इन उपायों को तुरन्त रद्द किया जाना चाहिए.
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता द्वारा जारी वक्तव्य में कहा गया है कि 'Law to Cease UNRWA' नामक क़ानून में ये संशोधन, इसराइली संसद में 29 दिसम्बर को अपनाए गए हैं.
वक्तव्य के अनुसार, इन क़ानूनी संशोधनों का उद्देश्य, 'UNRWA के अभियानों और शासनादेश को पूरा करने के लिए चलाई जा रही गतिविधियों को और अधिक बाधित करना है.
वक्तव्य में कहा गया है, “ये क़ानून और इसके संसोधन, यथास्थिति व UNRWA पर लागू होने वाले अन्तरराष्ट्रीय क़ानूनी ढाँचे से मेल नहीं खाते हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए.”
यूएन महासचिव ने ज़ोर दिया है कि UNRWA, संयुक्त राष्ट्र का एक अभिन्न अंग है और यूएन चार्टर व संयुक्त राष्ट्र के विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों पर कन्वेंशन के तहत इसराइल की ज़िम्मेदारियों की भी याद दिलाई है.
वक्तव्य में कहा गया है, “ये कन्वेंशन UNRWA, उसकी सम्पत्ति, उसके अधिकारियों व अन्य कर्मचारियों पर अब भी लागू होती है.
UNRWA द्वारा प्रयोग की जा रही सम्पत्ति को किसी तरह की हानि भी नहीं पहुँचाई जा सकती है.”
यूएन प्रमुख ने ध्यान दिलाया कि अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) द्वारा 22 अक्टूबर 2022 को जारी की गई परामर्शकारी निर्णय में निष्कर्ष दिया गया है कि इसराइल, संयुक्त राष्ट्र को मिले विशेषाधिकारों और उन्मुक्तियों के लिए पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किए जाने के लिए ज़िम्मेदार हैं.
इनमें क़ाबिज़ फ़लस्तीनी क्षेत्र के सम्बन्ध में UNRWA और उसके कर्मचारी भी शामिल हैं.
यूएन प्रमुख ने UNRWA को अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि यह एजेंसी ग़ाज़ा और मध्य पूर्व क्षेत्र में अन्यत्र स्थानों पर फ़लस्तीनी लोगों की सेवा करने में बहुत अहम भूमिका निभाती है.
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि ग़ाज़ा में UNRWA के जारी अभियानों से, सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 (2025) के कारगर अमल और ग़ाज़ा में धरातल पर युद्ध को समाप्त करने के लिए वृहद योजना को लागू करने में योगदान मिल रहा है.