वेनेज़ुएला और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच गहराते तनाव पर सुरक्षा परिषद की बैठक
संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेज़ुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच सचेत किया है कि स्थाई शान्ति को सुनिश्चित करने और अस्थिरता व मानव पीड़ा को टालने के लिए सम्वाद ही एकमात्र रास्ता है.
राजनैतिक एवं शान्तिनिर्माण मामलों पर मध्य पूर्व, एशिया व प्रशान्त क्षेत्र के लिए यूएन सहायक महासचिव ख़ालेद ख़िएरी ने मंगलवार को सुरक्षा परिषद की एक बैठक में सदस्य देशों को नवीनतम हालात से अवगत कराया.
उन्होंने कहा कि 10 अक्टूबर को सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद से, वेनेज़ुएला के तट के नज़दीक दक्षिणी कैरीबियाई क्षेत्र में अमेरिकी सेना की उपस्थिति व गतिविधि बढ़ी है.
इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों ने कथित रूप से मादक पदार्थों (ड्रग्स) से लदी अनेक नौकाओं पर हमले किए हैं, जिनमें 2 सितम्बर से अब तक 105 लोगों की जान जा चुकी है.
अभी यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि ये घटनाएँ कहाँ हुईं. फ़िलहाल इतना ही बताया गया है कि ये कार्रवाई अन्तरराष्ट्रीय जलक्षेत्र या फिर अमेरिकी दक्षिणी कमांड के तहत आने वाले इलाक़ों में हुई हैं.
ख़ालेद ख़िएरी ने ध्यान दिलाया कि मानवाधिकार उच्चायुक्त ने इन हमलों को अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के विपरीत क़रार दिया है और स्पष्ट किया है कि ड्रग्स तस्करी के विरुद्ध लड़ाई को क़ानूनी उपायों के ज़रिए आगे बढ़ाया जाना होगा, न कि घातक बल के प्रयोग से.
साथ ही, उन्होंने इन घटनाओं की स्वतंत्र व पारदर्शी ढंग से जाँच कराए जाने का भी आग्रह किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने कहा कि ड्रग्स की तस्करी में जुटे गुटों का पूर्ण रूप से सफ़ाया करने में अमेरिका अपनी पूरी शक्ति का प्रयोग करेगा, चाहे वे कहीं से भी अपनी गतिविधियाँ संचालित कर रहे हों.
वहीं वेनेज़ुएला की सरकार ने अमेरिका की इस कार्रवाई को अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा के लिए एक बड़ा ख़तरा बताया है.
सम्वाद को समर्थन
सहायक महासचिव ख़िएरी ने कहा कि यूएन प्रमुख कूटनैतिक सम्पर्क व बातचीत की दिशा में प्रयासों को अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने सदस्य देशों द्वारा की गई कोशिशों, मध्यस्थता की पेशकश और शान्तिपूर्ण समाधान के लिए प्रस्तावों का स्वागत किया.
“स्थाई शान्ति की दिशा में आगे बढ़ने और अस्थिरता व मानव पीड़ा की रोकथाम करने के लिए सम्वाद ही एकमात्र व्यवहारिक रास्ता है.”
यूएन के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने दोहराया है कि देश पर लगाई गई पाबन्दियों का वहाँ के आम लोगों पर गहरा असर हो रहा है और मानवाधिकारों व मानवतावादी संगठनों के कामकाज पर भी असर हुआ है.
वहीं, वेनेज़ुएला की अर्थव्यवस्था नाज़ुक दौर से गुज़र रही है, महंगाई चरम पर है, मुद्रा अस्थिर है और लोगों की आय पर भीषण असर हुआ है. लाखों लोग अपनी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं.
हाल के दिनों में हवाई व समुद्री मार्ग पर प्रतिबन्धों से निर्यात में कमी आने की आशंका है, जिससे वेनेज़ुएला सरकार के समक्ष बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की व्यवस्था कर पाना और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.
सहायक महासचिव ख़िएरी ने बताया कि जैसे-जैसे मानवीय स्थिति बिगड़ रही है, संयुक्त राष्ट्र अपने साझेदारों के साथ मिलकर वेनेज़ुएला के नागरिकों तक ज़रूरी सहायता पहुँचाने में जुटा है. इसके तहत, संयुक्त राष्ट्र के केन्द्रीय आपात प्रतिक्रिया कोष के ज़रिए धनराशि आवंटित की गई है.