ग़ाज़ा में सर्दी व बारिश से जटिल हालात में सहायता आपूर्ति जारी
संयुक्त राष्ट्र ने सोमवार को कहा है कि ग़ाज़ा पट्टी में युद्धविराम के बावजूद, मानवीय सहायता संगठनों को, सभी पाँच प्रशासनिक इलाक़ों में हमले, गोलाबारी और बन्दूकों से गोलीबारी जारी रहने की ख़बरों मिल रही हैं.
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को यूएन मुख्यालय में नियमित प्रैस वार्ता में जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों के दौरान, इन हमलों में अनेक लोग हताहत हुए हैं और सहायता अभियान भी बाधित हुए हैं.
ग़ाज़ा में सर्दी और बारिश से उपजे कठिन परिस्थितियों के बावजूद, बेहद कमज़ोर हालात वाले लोगों तक सहायता सामग्री पहुँचाने के प्रयास जारी हैं. अलबत्ता, ग़ाज़ा में एक घायल व्यक्ति तक राहत मिशन नहीं पहुँचने दिया गया.
प्रवक्ता ने बताया कि बीते सप्ताहान्त के दौरान तूफ़ानी परिस्थितियों क कारण अनेक इमारतें ढह गईं, जिनमें अनेक लोगों के हताहत होने की ख़बरें हैं.
स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि पूरे ग़ाज़ा पट्टी क्षेत्र में आश्रय स्थलों की कमी के बीच, लोग अपने परिवारों की सुरक्षा की ख़ातिर ऐसी इमारतें में पनाह लेने को विवश हैं जो या तो आंशिक रूप से या अधिकांश रूप में ध्वस्त हैं.
उधर महिलाओं के कन्धों पर ज़िम्मेदारी वाले घरों में से तीन-चौथाई को आश्रय सहायता की तत्काल आवश्यकता है और दो-तिहाई घर ऐसे हैं जिन्हें कपड़ों की सख़्त ज़रूरत है.
पाबन्दियाँ हटाए जाने की पुकार
प्रवक्ता ने बताया कि यूएन सहायता एजेंसियाँ और साझीदार संगठन, ग़ाज़ा में लगभग 13 लाख लोगों के लिए सम्मानजनक आश्रय की व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत हैं.
बीते सप्ताह, तूफ़ानों से प्रभावित या बाढ़ ग्रस्त इलाक़ों में रहने वाले साढ़े 3 हज़ार परिवारों तक तम्बू, बिस्तर, गद्दे और कम्बल पहुँचाए गए हैं. इनके अलावा ढाई लाख से अधिक बच्चों को, सर्दियों के लिए उपयुक्त कपड़े मुहैया कराए गए.
स्तेफ़ान दुजैरिक ने बताया कि यूएन के साझीदार संगठनों के अनुमान के अनुसार, पूरे ग़ाज़ा पट्टी क्षेत्र में, लगभग 6 लाख 30 हज़ार किशोर-किशोरियों को सर्दी के लिए उपयुक्त कपड़े हासिल करने में मदद की ज़रूरत है.
प्रवक्ता ने ग़ाज़ा में सहायता सामग्री के प्रवेश पर लगे तमाम प्रतिबन्धों को हटाए जाने की अपनी पुकार एक बार फिर दोहराई क्योंकि इन प्रतिबन्धों के कारण, कड़ी सर्दी व बारिश के इस मौसम में, लोगों तक सहायता पहुँचाना बहुत कठिन साबित हो रहा है. इसमें आश्रय सामग्री भी शामिल है.