सूडान: हिंसक टकराव में आई तेज़ी से, कोर्दोफ़ान में आम नागरिकों पर संकट
संयुक्त राष्ट्र ने सूडान के कोर्दोफ़ान क्षेत्र में परिस्थितियाँ तेज़ी से बिगड़ने की चेतावनी दी है, जहाँ बढ़ती हिंसा के बीच आम नागरिकों के लिए जोखिम भी गहरा रहा है. इस प्रान्त में एक अस्पताल पर ड्रोन हमला होने और कुछ समुदायों के गोलाबारी की चपेट में आने की ख़बरें हैं, जोकि स्थानीय आबादी के विस्थापन की वजह बना है.
आपात राहत मामलों के लिए यूएन कार्यालय (OCHA) ने साउथ कोर्दोफ़ान प्रान्त में स्थित डिलिंग नगर में रविवार को एक अस्पताल पर हुए ड्रोन हमले पर चिन्ता जताई है.
इस हमले में कम से कम 6 लोगों की जान गई है और 12 अन्य घायल हुए हैं. कुछ ख़बरों में बताया गया है कि घायलों में चिकित्साकर्मी भी हैं.
OCHA ने सभी पक्षों को ध्यान दिलाया है कि अस्पतालों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले, अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून का गम्भीर उल्लंघन हैं. चिकित्सा केन्द्रों और आम लोगों की सदैव सुरक्षा की जानी होगी और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना ज़रूरी है.
सूडान पर नियंत्रण के लिए देश की सशस्त्र सेना और पहले कभी उसकी सहयोगी रहे अर्द्धसैनिक बल (RSF) के बीच अप्रैल 2023 में हिंसक टकराव भड़क उठा था, जिससे देश में जान-माल की भारी हानि हुई है और एक गम्भीर मानवीय संकट उपजा है.
नॉर्थ दारफ़ूर प्रान्त का अल फ़शर इस टकराव का एक केन्द्र रहा है, जहाँ क़रीब 1.5 साल की घेराबन्दी के बाद RSF लड़ाकों इस वर्ष अक्टूबर महीने के अन्त पर क़ब्ज़ा कर लिया था, जिसके बाद वहाँ फँसे आम नागरिकों के विरुद्ध बड़े पैमाने पर अत्याचारों को अंजाम दिए जाने की रिपोर्टें आईं.
कोर्दोफ़ान, हिंसा की चपेट में
अल फ़शर से लड़ाई अब कोर्दोफ़ान क्षेत्र में फैल रही है, जहाँ भीषण हिंसा के बीच मानवाधिकार उल्लंघन मामलों को अंजाम दिए जाने की ख़बरें हैं.
बीते सप्ताहांत सूडान में साउथ कोर्दोफ़ान प्रान्त की राजधानी कडूग्ली में सेवारत यूएन शान्तिरक्षकों के एक ठिकाने पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें 6 शान्तिरक्षकों की मौत हुई है और 8 अन्य घायल हैं. ये सभी बांग्लादेश बटालियन में सेवारत थे.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन भंडार ग्रह व संचालन केन्द्र को निशाना बनाकर किए गए इस हमले की कड़ी निन्दा की है.
इस बीच, कडूग्ली के पूर्वी हिस्से के गोलाबारी की चपेट में आने की ख़बरें हैं, जिनसे आम नागरिकों के लिए जोखिम है. हिंसा की बढ़ती घटनाओं की वजह से आम लोग विस्थापित होने के लिए मजबूर हो रहे हैं.
अन्तरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में, गुरुवार से शनिवार तक, साउथ कोर्दोफ़ान के अनेक नगरों से 1,700 से अधिक लोग विस्थापन का शिकार हो चुके हैं.
नॉर्थ कोर्दोफ़ान प्रान्त में भी सुरक्षा हालात नाज़ुक हैं और राजधानी अल ओबेद में और हमले होने की ख़बरें हैं.
सहायता प्रयास
सूडान के विभिन्न क्षेत्रों में पसरी असुरक्षा के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र अपने साझेदार संगठनों के साथ मिलकर ज़रूरतमन्द आबादी तक जीवनरक्षक सहायता पहुँचाने में जुटे हैं, हालांकि मानवीय सहायता मार्ग में कठिनाइयों और धनराशि की कमी से यह कार्य चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन और सूडान प्रशासन ने साउथ कोर्दोफ़ान में हैज़ा से बचाव के लिए एक टीकाकरण मुहिम शुरू की है. इसके मद्देनज़र, यूएन मानवतावादी कार्यालय ने ध्यान दिलाया है कि सुरक्षा की गारंटी दी जानी और सहायता मार्ग तक पहुँच आवश्यक है.
उधर, नॉर्थ दारफ़ूर प्रान्त में तवीला से अल फ़शर में विस्थापन जारी है, और अक्टूबर महीने के अन्त से अब तक हज़ारों लोगों ने वहाँ शरण ली है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने तवीला में 5 लाख से लोगों तक मदद पहुँचाई है और पूरे दारफ़ूर क्षेत्र में हर महीने 20 लाख लोगों को निरन्तर सहायता दी जा रही है.
इनमें क़रीब आधी संख्या नॉर्थ दारफ़ूर में लोगों की है, जो अल फ़शर के नज़दीकी इलाक़ों में रह रहे हैं.