मोज़ाम्बीक़: सुरक्षित स्थानों पर भी भड़की हिंसा में आम लोगों की हत्याएँ
मोज़ाम्बीक़ में पिछले एक पखवाड़े के दौरान भड़की हिंसा में एक लाख से भी अधिक लोग विस्थापित हुए हैं और आम लोगों की निर्मम हत्याएँ किए जाने की भी ख़बरें मिली हैं.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी – UNHCR ने मंगलवार को बताया है कि अतीत में सुरक्षित समझे जाने वाले ज़िलों और गाँवों में सघन हुए हमलों ने, एक नए स्तर की मानवीय चुनौती खड़ी कर दी है.
हज़ारों लोग अपने लिए सुरक्षित ठिकाने की तलाश में भटक रहे हैं.
मोज़ाम्बीक़ में UNHCR के प्रतिनिधि ज़ेवियर क्रीच ने बताया है कि विस्थापित लोगों को सामुदायिक आश्रय स्थलों और स्कूल के कमरों में रहना पड़ रहा है, जहाँ अत्यधिक भीड़ है.
उन्होंने बताया कि अनेक ज़िलों में एक साथ किए गए हमलों के कारण, मानवीय सहायता एजेंसियों के लिए विशाल चुनौती खड़ी हो गई और एजेंसी के पास, इस स्थिति का सामना करने के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं.
मोज़ाम्बीक़ के उत्तरी प्रान्त कैबो डैलगाडो में वर्ष 2017 में हिंसा के कारण, पहले ही 13 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं.
इस हिंसा में एक स्थानीय गुट अल-शबाब को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है जोकि सोमालिया में सक्रिय इसी नाम के संगठन से अलग है.
देश में ये हिंसक स्थिति, चक्रवाती तूफ़ानों, बाढ़ों और सूखे के कारण, और भी जटिल हुई है, जिसमें लोगों की आजीकाएँ बिखर गई हैं.
क्षमताओं पर भारी दबाव
यूएन शरणार्थी एजेंसी – UNHCR ने बताया है कि इस वर्ष ये हिंसा, इस प्रान्त से इतर अनेक स्थानों पर फैल गई है, जिससे उन समुदायों के लिए भी जोखिम उत्पन्न हो गया है, जो विस्थापित परिवारों को अपने यहाँ पनाह दे रहे थे.
सुरक्षा की तलाश में पलायन करने वालों का कहना है कि सशस्त्र गुटों ने, उनके गाँवों पर अक्सर रात में, ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिनमें घरों को जलाया गया है, आम लोगों को निशाना बनाया गया है, और परिवारों को कोई सामान या दस्तावेज़ लिए बिना ही, गाँवों से बाहर निकाल दिया है.
UNHCR के प्रतिनिधि ज़ेवियर क्रीच ने बताया, “आम लोगों की हत्याएँ की गई हैं, कुछ लोगों के तो सिर धड़ से अलग कर दिए गए. लोगों को रात में ही बहुत अफ़रा-तफ़री में भागना पड़ा है.”
उन्होंने कहा कि बहुत से लोगों को मानवीय सहायता की आवश्यकता है, मगर एजेंसी के पास पर्याप्त साधन व धनराशि नहीं है. “लोगों को भोजन की ज़रूरत है, उन्हें आश्रय चाहिए, उन्हें पानी की भी ज़रूरत है, वो भारी सदमे में हैं.”
ज़ेवियर क्रीच ने कहा कि UNHCR को मोज़ाम्बीक़ के पूरे उत्तरी क्षेत्र में वर्ष 2026 के दौरान, ज़रूरतमन्द लोगों की मदद करने के लिए 3 करोड़ 82 लाख डॉलर की ज़रूरत है.