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ब्राज़ील: कॉम्बु द्वीप की चॉकलेट से आकार लेती जलवायु संरक्षण की कुंजी

ब्राजील के अमेज़न वर्षावन में नदी के किनारे एक लकड़ी की नाव और एक छोटा सा घर।
UN News/Felipe de Carvalho इल्हा दो कॉम्बु, बेलेम, ब्राज़ील.

ब्राज़ील: कॉम्बु द्वीप की चॉकलेट से आकार लेती जलवायु संरक्षण की कुंजी

फ़ेलिपे दे कार्वाल्हो, बेलेम
जलवायु और पर्यावरण

ब्राज़ील की गुआमा नदी से कॉम्बु द्वीप, ऐसे उभरता है मानो सजीव हरियाली की कोई विशाल दीवार पानी में से उठ खड़ी हुई हो. यह द्वीप, सदियों से जंगल और नदी किनारे बसे समुदायों के साझा अस्तित्व का साक्षी रहा है, जहाँ से जलवायु संरक्षण के लिए कुछ आज़माए हुए तरीक़े, अपने नतीजों के लिए ख़ास जगह बना रहे हैं.

कॉम्बु द्वीप में कपुआसू, तपेरेबा, पुपुनहा, अरासा और कोको, केवल फल नहीं हैं, बल्कि स्थानीय संस्कृति, आजीविका और पहचान के ताने-बाने को जोड़ने वाले जीवन्त धागे हैं.

और इस घनी, हरी-भरी समरसता में एक चेतावनी छिपी है. यदि COP30 के वार्ताकार दुनिया के वनों की रक्षा करना चाहते हैं, तो उन्हें सबसे पहले उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी जो इन वनों को जीवित रखते हैं.

एक सफल उदाहरण

बेलेम से कुछ ही दूरी पर स्थित कॉम्बु द्वीप पर उद्यमी इज़ेटे कोस्टा को प्यार से दोना नेना कहा जाता है. उन्होंने फ़िल्हा दो कॉम्बु एसोसिएशन की स्थापना की, जो समुदाय के नेतृत्व वाली जलवायु कार्रवाई का एक सफल उदाहरण है.

ऐमेज़ॉन के कोको से, छोटे स्तर पर चॉकलेट बनाने का छोटे स्तर पर शुरू हुआ उनका प्रयास, आज एक फलते-फूलते उद्यम में बदल गया है. यहाँ कार्यरत 20 में से 16 कर्मचारी महिलाएँ हैं. वह एक पर्यटन कार्यक्रम भी चलाती हैं, जहाँ आगन्तुक (tourists) चॉकलेट बनने की पूरी प्रक्रिया देख सकते हैं.

महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेरबॉक, ब्राजील के बेलेम के पास स्थित कोम्बू द्वीप से कोको का स्वाद ले रही हैं।
UN News/Felipe de Carvalho

उनकी चॉकलेट उत्पादन पद्धति, पूरी तरह कृषि की पर्यावरण अनुकूलता पर आधारित है, जहाँ मूल प्रजातियाँ एक-दूसरे को सहारा देती हैं. 

उदाहरण के लिए, केले के पेड़ इस तरह से लगाए जाते हैं, जो मधुमक्खियों को आकर्षित कर सकें क्योंकि ये मधुमक्खियाँ, काकाओ परागण के लिए आवश्यक हैं.

दोना नेना का उत्पादन मॉडल पर्यावरण-अनुकूल है, जिसमें स्थानीय प्रजातियाँ मिलकर फ़सल को मज़बूत बनाती हैं. दोना नेना का सिद्धान्त सरल हैः जंगल को काटे बिना, उसी के साथ खड़े होकर उसे समृद्ध करना.

बिजली कटौती, एक बड़ी चुनौती

कॉम्बु की चॉकलेट फ़ैक्टरी के उत्पाद, पूरे ब्राज़ील में बिकते हैं. यह फ़ैक्टरी, रोज़ाना आठ घंटे सौर ऊर्जा से चलती है. लेकिन बिजली कटौती अब भी एक बड़ी चुनौती है.

हाल ही में, जलवायु बदलाव ने, कोको फ़सलों और पेड़ों को प्रभावित किया है, फल सूख रहे हैं और पानी की कमी बढ़ती जा रही है.

दोना नेना कहती हैं कि बारिश के मौसम के बावजूद, पिछले 15 दिनों से कॉम्बु में एक भी बूंद बारिश नहीं हुई है.

स्थानीय समाधान...

महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेरबॉक ने बेलेम के पास कोम्बू द्वीप पर ब्राजील की उद्यमी डोना नेना से मुलाकात की।
UN News/Felipe de Carvalho

यूएन महासभा अध्यक्ष ऐनालेना बेयरबॉक ने, यूएन जलवायु शिखर सम्मेलन - COP30 के सन्दर्ब में, हाल ही में, कॉम्बु का दौरा किया, जहाँ उन्होंने दोना नेना से मुलाक़ात की. 

ऐनालेना बेयरबॉक ने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में कहा कि यह परियोजना समृद्ध हो रही है और स्थानीय समुदायों के बीच उत्पादन श्रृंखलाएँ बना रही है, जिससे लाभ, स्थानीय लोगों और आदिवासियों तक पहुँचता हैं.

महासभा अध्यक्ष के अनुसार यह पहल साबित करती है कि वास्तविक समाधान मौजूद हैं, जो आर्थिक विकास, सतत विकास और जलवायु संकट का मुक़ाबला करने के प्रयासों को आपस में जोड़ते हैं.

उन्होंने कहा कि इन सफलता उदाहरणों को बड़े पैमाने पर आपस में जोड़ना आवश्यक है ताकि वैश्विक तापमान 2°C से नीचे यानि 1.5°C पर रखा जा सके.

उन्होंने आगाह भी किया कि “जंगल का विनाश मानवता के जीवन बीमा का विनाश है” और COP30 को ऐसा मंच होना चाहिए जहाँ देशों और व्यवसायिक संगठनों के सहयोग से, जलवायु संकट से लड़ते हुए सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके.