संक्षिप्त: यूक्रेन में रूसी सैन्य बलों के फिर हमले, कैरीबियाई देशों में तूफ़ान मेलिसा का क़हर
रूसी सैन्य बलों ने गुरूवार सुबह यूक्रेन के कई हिस्सों पर फिर से बड़े पैमाने पर हमले किए हैं, जिनमें अहम ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है और कई इलाक़ों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है. वहीं, कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित देशों में तूफ़ान मेलिसा के गुज़र जाने के बाद उससे हुई बर्बादी की तस्वीर स्पष्ट हो रही है.
यूक्रेन में यूएन के मानवाधिकार निगरानी मिशन ने बताया कि यह अक्टूबर महीने में तीसरी बार है जब नागरिक इलाक़ों में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए गए हैं. इनसे व्यापक स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई हैं.
हमलों में कम से कम दो आम नागरिकों के मारे जाने की ख़बर है और छह बच्चों समेत 23 लोग घायल हुए हैं. ज़ैपोरिझझिया में आठ बैलिस्टिक मिसाइल और 20 ड्रोन के ज़रिए हमले किए गए. मृतकों में एक सात वर्ष की बच्ची भी है.
रूस द्वारा यूक्रेन पर 24 फ़रवरी 2022 को आक्रमण किए जाने के बाद से यह सबसे बड़े हमलों के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें 700 से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया.
यूएन निगरानी मिशन की डैनियस बेले ने कहा कि यदि हमलों का यह रुझान यूँ ही जारी रहा तो सर्दी के मौसम के दौरान आम नागरिकों के लिए इसके ख़तरनाक नतीजे होंगे.
उन्होंने दोहराया कि बिजली आपूर्ति के ठप होने का सबसे अधिक असर वृद्धजन, विकलांग लोगों व छोटे बच्चों पर होगा.
यूक्रेनी सेना ने रूसी बलों की कार्रवाई के जवाब में अपने ड्रोन व मिसाइलों से हमले किए हैं.
बर्बादी के निशान पीछे छोड़ गया तूफ़ान मेलिसा
तूफ़ान मेलिसा से कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित देशों, जमैका, क्यूबा, बहामास में भारी नुक़सान हुआ है और हेती, डॉमिनिकन रिपब्लिक और मध्य अमेरिका के अन्य हिस्सों में भी इसका असर महसूस किया गया है.
संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) के अनुसार, तूफ़ान से घरों, बुनियादी ढाँचे, फ़सलों को बड़े पैमाने पर क्षति पहुँची है और हज़ारों आम नागरिक विस्थापित हो गए हैं.
हालांकि, यूएन एजेंसियों के समर्थन से स्थानीय सरकारों ने समय रहते पुख़्ता तैयारी पर ध्यान दिया, जिससे इस भयावह तूफ़ान के दंश को कम करने में मदद मिली है और अनेक इलाक़ों में लोगों की रक्षा हुई है.
क्यूबा के सेंटियागो दे क्यूबा शहर में तूफ़ान के दौरान 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएँ चली और छह घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई.
इसे क्यूबा में अब तक के तीन सबसे शक्तिशाली तूफ़ानों में शुमार किया गया है और इस साल का यह सर्वाधिक ख़तरनाक तूफ़ान आंका गया है.
वहीं, हेती में तूफ़ान की वजह से अचानक बाढ़, भूस्खलन का सामना करना पड़ा और फ़सलों को गम्भीर नुक़सान हुआ है. कम से कम 24 लोगों के मारे जाने की ख़बर है. 17 घायल हैं जबकि 18 लापता बताए गए हैं.
यूएन की स्थानीय टीम ने बताया कि समय रहते तैयार कर लिए जाने से आम लोगों के जीवन की रक्षा करने में मदद मिली है. आपात राहत के लिए सहायता सामग्री तैयार रखी गई है और आश्रय व्यवस्था भी की गई है.
इससे पहले, जमैका में यूएन रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर डेनिस ज़ूलू ने आरम्भिक आकलन के आधार पर बताया था कि ‘श्रेणी पाँच’ के इस तूफ़ान से जैसा विनाश हुआ है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया.