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IAEA ने ईरान, सीरिया, यूक्रेन को बताया प्रमुख वैश्विक परमाणु इम्तेहान

यूक्रेन में स्थित ज़ैपोरिझझिया परमाणु ऊर्जा केन्द्र पर, विशेषज्ञों की एक टीम.
© IAEA/Fredrik Dahl
यूक्रेन में स्थित ज़ैपोरिझझिया परमाणु ऊर्जा केन्द्र पर, विशेषज्ञों की एक टीम.

IAEA ने ईरान, सीरिया, यूक्रेन को बताया प्रमुख वैश्विक परमाणु इम्तेहान

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी - IAEA ने आगाह किया है कि यूक्रेन के युद्धग्रस्त बिजली संयंत्रों से लेकर ईरान के अनसुलझे सुरक्षा उपायों और सीरिया में नए सिरे से निरीक्षण प्रयासों तक जैसे बढ़ते परमाणु जोखिम, वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था की ऐसी परीक्षा ले रहे हैं, जो पहले कभी नहीं देखी गई.

अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक रफ़ाएल मारियानो ग्रॉस्सी ने बुधवार को यूएन महासभा में एजेंसी की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा है कि पिछले वर्ष ने, चिन्ता वाले देशों में "परमाणु सामग्री और गतिविधियों के सम्बन्ध में स्थिति को ठीक से जानने" की अहमियत को रेखांकित किया है.

उन्होंने कहा कि एजेंसी, ईरान के साथ एक राजनयिक समाधान निकालने के इरादे से, निरीक्षण व्यवस्था और यूरेनियम संवर्धन पर "अपरिहार्य संवाद बहाल करने के लिए बहुत समर्पित तरीक़े से काम कर रही है.

रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने कहा, "ईरान में निरीक्षण जारी है," लेकिन एजेंसी की निगरानी और सत्यापन गतिविधियों को पूरी तरह से बहाल करने से पहले "अभी कुछ रास्ता तय करना है".

उन्होंने निरीक्षण बहाल करने के उद्देश्य से जुलाई में काहिरा में हुई एक "तकनीकी सहमति" का ज़िक्र किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि "अब यह हम पर - ईरान और हम पर - निर्भर है कि हम" उस क्षेत्र में परमाणु अप्रसार व्यवस्था की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए काम जारी रखें जिसने "काफ़ी झटके देखे हैं.”

सीरिया

रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने सीरिया की बात करते हुए बताया कि साल 2025 के शुरू में देश की उनकी यात्रा के दौरान "सकारात्मक बातचीत" हुई और IAEA, पिछली परमाणु गतिविधियों से जुड़े अनसुलझे सवालों को स्पष्ट करने के लिए "वहाँ अपना निरीक्षण कार्य बहाल कर रही है".

उन्होंने कहा कि सफल सहयोग, सीरिया को अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय में "सकारात्मक और रचनात्मक रूप से" फिर से शामिल होने में मदद कर सकता है.

IAEA के विशेषज्ञों की एक टीम, यूक्रेन के ज़ैपोरिझझिया परमाणु संयंत्र का दौरा करते हुए.
© IAEA

यूक्रेन

आईएईए प्रमुख रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने यूक्रेन में योरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र - ज़ैपोरिझझिया में एजेंसी की निरन्तर उपस्थिति पर भी ज़ोर दिया, जहाँ "बाहरी [बिजली] आपूर्ति बाधित हो गई थी," जिससे रिएक्टर को ठंडा करने और रखने वाली प्रणालियों के लिए एक ख़तरनाक जोखिम उत्पन्न हो गया था.

आईएईए यूक्रेन और रूस दोनों के सहयोग से स्थिति की निगरानी कर रही है, जिससे "एक बेहद ख़तरनाक स्थिति को सुधारने" में मदद मिली है.

हालाँकि उन्होंने आगाह भी किया कि रूस के क़ब्जे वाले स्थल पर, स्थितियाँ अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं.

परमाणु अप्रसार व्यवस्था को बचाएँ

रफ़ाएल ग्रॉस्सी ने परमाणु अप्रसार सन्धि (NPT) के लिए नए सिरे से अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता की पुकार लगाई, जिसे उन्होंने "एक ऐसे विश्व में स्थिरता व निश्चितता का आधार" बताया, जिसे इसकी बहुत ज़रूरत है.

उन्होंने परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी के शान्तिपूर्ण उपयोग में तेज़ी से हो रही वृद्धि और जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईएईए के कार्यों को भी रेखांकित किया.