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ग़ाज़ा: युद्धविराम के कमज़ोर होने की ख़बरों के बीच मानवीय सहायता तेज़

दो साल के भीषण युद्ध में, ग़ाज़ा का अधिकतर हिस्सा, बुरी तरह तबाह हो गया है.
UN News
दो साल के भीषण युद्ध में, ग़ाज़ा का अधिकतर हिस्सा, बुरी तरह तबाह हो गया है.

ग़ाज़ा: युद्धविराम के कमज़ोर होने की ख़बरों के बीच मानवीय सहायता तेज़

मानवीय सहायता

ग़ाज़ा में सहायता दल, विशाल आबादी की तत्काल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अपना काम तेज़ी से करने की कोशिश कर रहे हैं, जहाँ लाखों लोग अब भी विस्थापित हैं और क्षतिग्रस्त इमारतों व अस्थाई ठिकानों में शरण लिए हुए हैं. वहीं, इसराइली सेना व हमास के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई की ख़बरों से, युद्धविराम के पटरी से उतरने का ख़तरा भी मंडरा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने मंगलवार को नियमित प्रैस वार्ता में, इसराइली सैन्य कार्रवाई की ख़बरों को "बेहद चिन्ताजनक" बताया और ज़ोर देकर कहा कि "हम नहीं चाहते कि नागरिकों पर फिर से बमबारी हो" या मानवीय अभियान "फिर से पटरी से उतर जाएँ."

हमास ने इस बात से इनकार किया कि इससे पहले दिन में, फ़लस्तीनी उग्रवादियों द्वारा इसराइली सेना पर किए गए कथित हमले में उसकी कोई संलिप्तता थी. फ़लस्तीनी संगठन ने कहा कि वह युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है और इसराइल पर युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

संयुक्त राष्ट्र राहत समन्वय कार्यालय - OCHA ने कहा है कि यूएन साझीदाह, 60-दिवसीय सहायता योजना के तहत प्रयासों का दायरा बढ़ा रहे हैं.

यूएन प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, "जल और स्वच्छता का सामान प्रदान करने वाले यूएन साझीदारों की रिपोर्ट है कि उत्तरी ग़ाज़ा में जल वितरण बढ़ाया जा रहा है, जहाँ वे अब, 585 विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन 4 हज़ार 600 घन मीटर पानी पहुँचाने में सक्षम हैं."

डेयर अल बलाह, ख़ान यूनिस और ग़ाज़ा प्रान्तों में वर्षा के मौसम का सामना करने की तैयारी चल रही है, जिसमें तूफ़ान के जल की निकासी प्रणालियों की सफ़ाई किया जाना भी शामिल है.

1 से 25 अक्टूबर के बीच पोषण कार्यक्रमों के तहत, गम्भीर रूप से कुपोषित 4 हज़ार 300 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं का उपचार किया गया, जबकि 1 लाख 34 हज़ार से अधिक माताओं और पाँच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को रोग निवारक सहायता प्रदान की गई.

ग़ाज़ा पट्टी में आम फ़लस्तीनी लोगों को, हर तरफ़ ध्वस्त इमारतें देखने को मिल रही हैं.
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ठिकाने की तलाश में

इस बीच, ग़ाज़ा के लोग स्वयं के लिए बेहतर स्थानों की तलाश में भटक रहे हैं, जिनमें बहुत से लोग अपने टूटे हुए घरों में लौटना चाहते हैं.

प्रवक्ता ने कहा, "युद्धविराम की शुरुआत के बाद से, ग़ाज़ा के दक्षिणी इलाक़े से उत्तरी इलाक़े की ओर 4 लाख 80 हज़ार से अधिक लोगों की आवाजाही देखी गई है, जबकि पश्चिमी इलाक़े से पूर्वी ख़ान यूनिस इलाक़े की ओर, लगभग 1 लाख 500 लोगों की आवाजाही भी देखी गई है."

ग़ाज़ा की सीमाओं से, मानवीय सामग्री एकत्र करने के प्रयास जारी हैं.

अलबत्ता, इसराइली अधिकारियों द्वारा मानवीय और वाणिज्यिक ट्रकों का मार्ग बदलने के कारण, सहायता सामग्री के वितरण में देरी हो रही है.

प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने कहा, "मार्ग बदले जाने से उत्पन्न हालात में, अनेक एजेंसियों ने सड़क की स्थिति का प्रारम्भिक आकलन होने तक, अपने क़ाफ़िले में ट्रकों की संख्या अस्थाई रूप से कम कर दी है."

उन्होंने आगे कहा, "टीमों ने पहले ही नए मार्ग पर भीड़भाड़ और भारी यातायात होने की सूचना दी है, जिसके कारण सहायता सामग्री की आवाजाही में देरी हो रही है."

उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र, धीमी गति के इन हालात को बदलने के लिए इसराइली अधिकारियों और अन्य लोगों के साथ बातचीत जारी रखे हुए है.

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) इसराइली ग़ैर-सरकारी संगठन – Peace Now की रिपोर्ट का सन्दर्भ दिया है जिससे मालूम होता है कि यहूदी नागरिकों की गतिविधियों में वृद्धि हुई है.

पिछले वर्ष – 2024 में 84 नई चौकियाँ स्थापित की गईं, जबकि उससे पिछले वर्ष यानि 2023 में यह संख्या, 49 थीं.

साथ ही 2025 की पहली छमाही में, यहूदी नागरिकों के, 757 हमले दर्ज किए गए.