ग़ाज़ा युद्धविराम एक 'जीवन रेखा' मगर वहाँ के अस्पताल अब भी जर्जर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने आगाह किया है कि ग़ाज़ा में युद्धविराम की नाज़ुक स्थिति के बावजूद, वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था जर्जर अवस्था में है, जहाँ लाखों लोग अब भी तत्काल चिकित्सा और मानवीय ज़रूरतों का सामना कर रहे हैं.
डॉक्टर टैड्रॉस ने युद्ध में ठहराव का स्वागत किया, लेकिन कहा कि "संकट अभी ख़त्म नहीं हुआ है और ज़रूरतें बहुत अधिक हैं."
उन्होंने महीनों से चल रहे युद्ध के कारण हुए नुक़सान की तरफ़ ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, 1 लाख 70 हज़ार से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं - जिनमें 5 हज़ार लोगों के अंग-विच्छेदित हुए हैं. 3 हज़ार 600 लोग गम्भीर रूप से जलकर घायल हैं.
कम से कम 42 हज़ार लोगों को दीर्घकालिक पुनर्वास की आवश्यकता है, और 4 हज़ार महिलाएँ हर महीने "असुरक्षित परिस्थितियों" में बच्चे को जन्म देती हैं.
मनोवैज्ञानिक घाव
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के मुखिया डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, "यह विनाश शारीरिक ही नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक भी रहा है. अनुमानतः दस लाख लोगों को मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता है."
उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था का वर्णन किया जो पतन के कगार पर है. उन्होंने "आवश्यक दवाओं, उपकरणों और स्वास्थ्य कर्मियों की गम्भीर कमी" का हवाला देते हुए कहा, "ग़ाज़ा में कोई भी अस्पताल पूरी तरह से काम नहीं कर रहा है, और 36 में से केवल 14 अस्पताल ही काम कर रहे हैं."
दो सप्ताह पहले युद्धविराम लागू होने के बाद से, विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीमों ने सहायता बढ़ा दी है, अस्पतालों में चिकित्सा सामग्री भेजी गई है, आपातकालीन चिकित्सा दल तैनात किए हैं और मरीज़ों को बेहतर इलाज के लिए निकासी की सुविधा प्रदान की है.
निकासी के इन्तज़ार में 700 लोगों की मौत
लेकिन अब भी 15 हज़ार मरीज़ों को ग़ाज़ा से बाहर इलाज की ज़रूरत है - जिनमें 4 हज़ार बच्चे भी हैं. "निकासी के इन्तज़ार में 700 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.”
डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, "वैसे तो सहायता का प्रवाह बढ़ा है, फिर भी यह ज़रूरत से बहुत कम है."
"मिस्र के अल-अरिश में काफ़ी सहायता सामग्री एकत्र है" और ग़ाज़ा पट्टी के दक्षिणी सिरे पर रफ़ाह सीमा चौकी के फिर से खुलने का इन्तज़ार किया जा रहा है, ताकि यह सामग्री ग़ाज़ा में दाख़िल हो सके.
युद्धविराम के दौरान संयुक्त राष्ट्र की 60-दिवसीय योजना में आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखने, रोग निवारण और पूर्व चेतावनी प्रणालियों को मज़बूत करने, स्वास्थ्य सहयोगियों के बीच समन्वय स्थापित करने और पुनर्निर्माण में सहयोग के लिए साढ़े चार करोड़ डॉलर की मांग की गई है.
डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा कि गाज़ा की स्वास्थ्य प्रणाली के पुनर्निर्माण में अलबत्ता "कम से कम 7 अरब डॉलर" की राशि ख़र्च होगी.
उन्होंने कहा, "WHO, युद्ध शुरू होने से पहले भी ग़ाज़ा में मौजूद था, हम हमेशा से वहाँ रहे हैं, और हम ग़ाज़ा के लोगों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य बनाने में मदद करने के लिए वहाँ मौजूद रहेंगे."
डॉक्टर टैड्रॉस ने कहा, "युद्धविराम एक जीवनरेखा मुहैया कराता है, लेकिन ग़ाज़ा की स्वास्थ्य प्रणाली – और उसके लोग – अब भी अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं."
सहायता जारी
उधर न्यूयॉर्क में, संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फ़रहान हक़ ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन, राहत प्रयासों को तेज़ कर रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र की एक टीम, हाल ही में ग़ाज़ा शहर के अज़ ज़ैतून इलाक़े पहुँची, जहाँ युद्धविराम लागू होने से पहले पहुँचना कठिन था. वहाँ 200 से ज़्यादा वापस लौटे परिवार "बेहद ख़राब" हालात में रह रहे हैं.
निवासियों को नज़दीकी जल स्रोत तक पहुँचने के लिए दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है और उन्हें भोजन, स्वच्छ पानी, स्वच्छता सम्बन्धी वस्तुओं और सर्दियों की ज़रूरी चीज़ों के लिए नक़दी सहायता की तत्काल आवश्यकता है.
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियाँ ज़रूरी सहायता पहुँचाना जारी रखे हुए हैं.
विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) स्कूली बच्चों को पौष्टिक नाश्ता बाँट रहा है, जबकि इस सप्ताह की शुरुआत में भोजन, स्वच्छता किटें और आपातकालीन आश्रय सामग्री से भरे 140 से ज़्यादा ट्रक ग़ाज़ा पहुँचे.