हेती में हिंसा के कारण बड़ी संख्या में बच्चों का पलायन
हेती में हिंसा के कारण विस्थापित हुए बच्चों की संख्या पिछले एक साल में लगभग दोगुनी हो गई है, और अब तक 6 लाख 80 हज़ार बच्चे अपने घरों से बिछड गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की एक नई बाल चेतावनी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 33 लाख बच्चों को, मानवीय सहायता की ज़रूरत है, और ऐसे बच्चों की भी ये अभी तक की सबसे बड़ी संख्या है.
इसके अलावा, गम्भीर कुपोषण, हिंसक गतिविधियों में इस्तेमाल के लिएबच्चों की भर्ती, लिंग आधारित हिंसा और बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन के मामले भी बढ़ रहे हैं.
यूनीसेफ़ प्रमुख कैथरीन रसैल ने कहा है, "हेती में बच्चे चिन्ताजनक गति और स्तर पर विस्थापित हो रहे हैं. हर बार जब उन्हें भागने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वे न केवल अपना घर खो देते हैं, बल्कि स्कूल जाने, सुरक्षित रहने और बच्चे होने का मौक़ा भी खो देते हैं."
जटिल आपात स्थिति
हेती में, घातक भूकम्पों से लेकर राजनैतिक अस्थिरता और आर्थिक अराजकता तक, दशकों से चले आ रहे झटकों ने, देश में दुनिया की सबसे जटिल मानवीय आपात स्थितियों में से एक को जन्म दिया है.
सशस्त्र गिरोह अब देश की राजधानी पोर्त-ऑ-प्रिंस के 85 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्से और प्रमुख सड़कों पर क़ब्ज़ा कर चुके हैं, जिससे परिवारों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा से वंचित होना पड़ रहा है, और वे पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं.
अनुमान है कि 27 लाख से ज़्यादा लोग, सशस्त्र समूहों के नियंत्रण में रह रहे हैं, जिनमें 16 लाख महिलाएँ और बच्चे हैं.
रिपोर्ट में आगाह किया है कि विस्थापन का यह स्तर अभूतपूर्व है क्योंकि इस साल की पहली छमाही में ही, देश भर में शरण स्थलों की संख्या बढ़कर 246 हो गई है.
राजधानी पोर्त-ऑ-प्रिंस और आसपास के इलाक़ों में, कक्षाएँ निशाना और आश्रय स्थल बन गई हैं.
1,600 से ज़्यादा स्कूल बन्द कर दिए गए हैं और 25 स्कूलों पर गिरोहों का क़ब्ज़ा है, जिससे हज़ारों छात्र पढ़ाई के अवसर से वंचित हैं.
गिरोह हिंसा और स्कूल बन्द होने के साथ-साथ, एक और बाधा शिक्षा को बाधित कर रही है. रिपोर्ट के अनुसार, केवल 15 से 20 प्रतिशत स्कूल ही सार्वजनिक हैं, और उनमें भी अब भी, परिवारों से पाठ्यपुस्तकों और बच्चों की यूनीफ़ॉर्म के लिए धन का भुगतान करने की अपेक्षा की जाती है.
कार्रवाई की पुकार
यूनीसेफ़ ने 86 हज़ार से ज़्यादा बच्चों का, अत्यधिक कमज़ोरी के लिए इलाज किया है, जो कुपोषण का एक जानलेवा रूप है. साथ ही, 1 लाख 17 हज़ार लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जा रही है. अय कार्यों के अलावा, 1 लाख 40 हज़ार लोगों को सुरक्षित पानी उपलब्ध करा रहा है.
एजें फिर भी, एजेंसी के काम के लिए अब भी बहुत कम धन सहायता उपलब्ध है और एजेंसी का कहना है कि संसाधनों की तत्काल आपूर्ति नहीं की गई तो, महत्वपूर्ण कार्यक्रम गम्भीर रूप से बाधित होंगे.
कैथरीन रसैल ने चेतावनी दी, "हेती के बच्चे इन्तेज़ार नहीं कर सकते. हर बच्चे की तरह, उन्हें भी सुरक्षित, स्वस्थ और शान्ति से जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए. अब हेती के बच्चों के लिए कार्रवाई करना हमारी ज़िम्मेदारी है."