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यूक्रेन युद्ध का दायरा व सघनता बढ़ने का जोखिम, इसे रोका जाना होगा, वोल्कर टर्क

यूक्रेन की राजधानी कीव में हमलों के बाद एक रिहायशी इमारत से मलबे को हटाया जा रहा है. (फ़ाइल)
© UNICEF/Oleksii Filippov
यूक्रेन की राजधानी कीव में हमलों के बाद एक रिहायशी इमारत से मलबे को हटाया जा रहा है. (फ़ाइल)

यूक्रेन युद्ध का दायरा व सघनता बढ़ने का जोखिम, इसे रोका जाना होगा, वोल्कर टर्क

शान्ति और सुरक्षा

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर टर्क ने आगाह किया है कि कि यूक्रेन में युद्ध "आम लोगों के लिए और भी अधिक ख़तरनाक और घातक दौर में प्रवेश कर गया है, जहाँ उनके स्कूलों, अस्पतालों और आश्रयों पर लगातार बमबारी हो रही है."

वोल्कर टर्क ने शुक्रवार को जिनीवा में मानवाधिकार परिषद में कहा कि यूक्रेन पर रूस का पूर्ण आक्रमण फ़रवरी 2022 में शुरू हुआ और "इस वर्ष युद्ध से प्रभावित अग्रिम स्थानों पर तीव्र हमले व बड़े पैमाने पर हवाई हमले हुए हैं, जिनमें से अधिकांश हमले आबादी वाले क्षेत्रों में हुए हैं."

"युद्ध प्रभावित इलाक़ों के कुछ क़स्बों में, लगभग सभी आवास, क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए हैं."

उन्होंने आगे कहा कि रूस ने 6 सितम्बर की रात को, कथित तौर पर युद्ध का सबसे बड़ा हवाई हमला किया, जिसमें पूरे यूक्रेन में 823 गोला-बारूद का प्रयोग किया गया. उनमें लम्बी दूरी तक मार करने वाले 810 ड्रोन और 13 शक्तिशाली मिसाइलें शामिल थीं.

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“इस युद्ध को रोका जाना होगा. आम लोगों, और सैनिकों व उनके परिवारों पर, इस युद्ध का क़हर चौंकाने वाला और हृदयविदारक है.”

वोल्कर टर्क ने कहा, “हाल में यूक्रेन के पड़ोसी देशो में रूस के सैन्य ड्रोन विमानों के देखे जाने की ख़बरें, हमें इस क्षेत्र व उससे भी परे, इस युद्ध के ख़तरों की याद दिलाती हैं. हर दिन हिंसा जारी रहने से, युद्ध के और अधिक भड़कने और इसका दायरा बढ़ने का जोखिम भी बढ़ रहा है.”

रिकॉर्ड संख्या में लोग हताहत

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने कहा, “यूक्रेनी नागरिकों को होने वाले नुक़सान में तेज़ी से वृद्धि हुई है, वर्ष के पहले आठ महीनों में कुल हताहत लोगों की संख्या, वर्ष 2024 की तुलना में 40 प्रतिशत बढ़ गई है. जुलाई में हताहत हुए लोगों की दर्ज संख्या, तीन साल के युद्ध के दौरान किसी भी एक महीने में सबसे ज़्यादा थी.”

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय - OHCHR ने, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से हताहत हुए लोगों की संख्या 50 हज़ार दर्ज की है, जिनमें लगभग 3 हज़ार बच्चे भी हैं.

उन्होंने कहा कि बिजलीघरों, गैस सुविधाओं, पुलों, रेलवे और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर, लगातार हमले, दैनिक जीवन और आवश्यक सेवाओं को बाधित कर रहे हैं.

बच्चों, वृद्धों और विकलांग व्यक्तियों सहित कमज़ोर हालात वाले समूह सबसे ज़्यादा प्रभावित होते हैं और “सर्दियों की शुरुआत उनके जीवन स्तर को और भी बदतर बना देगी.”

उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ़ रूस ने वैसे तो, यूक्रेनी बलों द्वारा कथित हमलों के परिणामस्वरूप बहुत कम स्तर पर आम लोगों के हताहत होने की सूचना दी है, मगर मानवाधिकार कार्यालय संख्या की पुष्टि नहीं कर पाया है.

हिरासत और न्यायेतर हत्याएँ

इस बीच, रूस ने बड़ी संख्या में यूक्रेनी नागरिकों और सैन्य कर्मियों को हिरासत में लिया है. यूएन मानवाधिकार कार्यालय ने पिछले सप्ताह एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसमें नागरिक बन्दियों के साथ किए गए अत्याचारों का विवरण दिया गया है.

वोल्कर टर्क ने कहा, "कई मामलों में, क़ब्जे वाले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को रास्तों से ही, मनमाने ढंग से उठाकर सप्ताहों, महीनों या यहाँ तक कि वर्षों तक हिरासत में रखा गया है. कई मामलों में, ये हिरासतें, लोगों को जबरन ग़ायब करने के बराबर हो सकती हैं."

यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय ने, रूसी अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए गए यूक्रेनी नागरिकों में से, 90 लोगों की न्यायेतर हत्याओं के साथ-साथ यातना, चिकित्सा देखभाल की कमी या ख़राब परिस्थितियों के कारण हिरासत में हुई 38 मौतों को दर्ज किया है.

दंडमुक्ति की 'जड़' क़ानून में है

उन्होंने कहा, "हमने यूक्रेनी नागरिक बन्दियों के ख़िलाफ़ व्यापक, व्यवस्थित यातना और दुर्व्यवहार के मामलों का चलन दर्ज किया है, जिनमें यौन हिंसा के मामले भी शामिल है. मेरे स्टाफ़ ने यूक्रेनी युद्धबन्दियों के ख़िलाफ़ इसी तरह के मानवाधिकार उल्लंघन के मामले भी पहले ही दर्ज किए हैं."

"रूसी संघ के क़ानूनों में संशोधनों ने, सैन्य कर्मियों के लिए दंडमुक्ति के चलन को मज़बूत किया है, जिससे न्यायेतर हत्याओं, यातनाओं और दुर्व्यवहारों को, दंड से मुक्त रखा जा सकता है."

मानवाधिकार कार्यालय ने युद्ध से जुड़े बन्दियों पर, यूक्रेनी अधिकारियों द्वारा किए गए अत्याचार और दुर्व्यवहार के मामले भी दर्ज किए हैं, जिनमें यौन हिंसा के मामले भी शामिल हैं. उनमें से कई मामले 2022 में हुए थे.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि यूक्रेनी अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने और हिरासत की स्थितियों में सुधार के लिए क़दम उठाए हैं, लेकिन जवाबदेही सीमित है.

यूक्रेनी पहचान का दमन

वोल्कर टर्क ने कहा, "रूसी अधिकारी यूक्रेन के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से में अपने क़ब्ज़े वाले क्षेत्र में, यूक्रेनी नागरिकों के विरुद्ध मानवाधिकारों का व्यापक और व्यवस्थित उल्लंघन जारी रखे हुए हैं."

उन्होंने कहा कि इन इलाक़ों में रहने वाले लोगों पर, बुनियादी सेवाओं तक पहुँच हासिल करने के लिए, रूसी नागरिकता प्राप्त करने का दबाव बढ़ रहा है, अन्यथा उन्हें धमकी, निर्वासन और अपनी सम्पत्ति की ज़ब्ती का जोखिम उठाना पड़ सकता है.

वोल्कर टर्क ने कहा कि रूसी क़ब्ज़ा करने वाले अधिकारियों ने, स्कूलों में अपना पाठ्यक्रम भी लागू किया है और देशभक्ति व सैन्य शिक्षा शुरू की है. मैसेजिंग ऐप्स और वीपीएन सहित, निगरानी व सेंसरशिप तेज़ हो गई है. "ये चलन असहमति और यूक्रेनी पहचान को दबाने के जानबूझकर किए गए प्रयास को दर्शाते हैं."

उन्होंने कहा कि OHCHR की टीमें, इन घटनाक्रमों पर लगातार नज़र रख रही हैं, साक्ष्य जुटा रही हैं और अन्तरराष्ट्रीय मानवाधिकारों व मानवीय क़ानूनों के कथित उल्लंघनों का रिकॉर्ज दर्ज कर रही हैं.

वोल्कर टर्क ने कहा, "मैं रूसी संघ से नागरिक बन्दियों और युद्धबन्दियों के ख़िलाफ़ सभी न्यायेतर हत्याओं, यातनाओं, दुर्व्यवहार और यौन हिंसा को रोकने व मनमानी और ग़ैरक़ानूनी हिरासत प्रथाओं को समाप्त करने का आहवान करता हूँ."

उन्होंने रूस से अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र में अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करने, सभी हिरासत केन्द्रों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को, नागरिक बन्दियों तक पूरी पहुँच प्रदान करने का आग्रह भी किया है.

"मैं यूक्रेन से आग्रह करता हूँ कि वह बन्दियों के साथ व्यवहार में, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के तहत अपने दायित्वों का सम्मान करे, उन्हें आतंकवाद से बचाए."