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संयुक्त राष्ट्र नेपाल के स्थाई प्रतिनिधि लोक बहादुर थापा ने यूएन महासभा की वार्षिक जनरल डिबेट में अपना सम्बोधन दिया.

UNGA80: संस्थाओं के पुनर्निर्माण, भरोसा बहाली, समाज पर मरहम लगाने में समय लगेगा - नेपाल

UN Photo/Loey Felipe
संयुक्त राष्ट्र नेपाल के स्थाई प्रतिनिधि लोक बहादुर थापा ने यूएन महासभा की वार्षिक जनरल डिबेट में अपना सम्बोधन दिया.

UNGA80: संस्थाओं के पुनर्निर्माण, भरोसा बहाली, समाज पर मरहम लगाने में समय लगेगा - नेपाल

यूएन मामले

संयुक्त राष्ट्र में नेपाल के स्थाई प्रतिनिधि लोक बहादुर थापा ने यूएन महासभा के 80वें सत्र में अपने सम्बोधन में कहा कि स्थानीय युवाओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन हमें ध्यान दिलाते हैं कि वर्तमान पीढ़ी, अपने लिए एक निष्पक्ष, न्यायसंगत व समृद्ध नेपाल चाहती है.

उन्होंने सोमवार को जनरल डिबेट के अन्तिम दिन, अपने देश की ओर से महासभा हॉल में प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया.

राजदूत लोक बहादुर थापा ने कुछ सप्ताह पहले नेपाली युवाओं द्वारा शुरू किए गए राजनैतिक आन्दोलन का उल्लेख किया, जोकि एक पारदर्शी शासन व्यवस्था, समतापूर्ण अवसरों और भ्रष्टाचार के अन्त की मांग के लिए हुए थे.

उन्होंने प्रदर्शनों के दौरान हुई जान-माल की बर्बादी पर भी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि देश की संस्थाओं को फिर से खड़ा करने, भरोसा बहाल करने और समाज पर मरहम लगाने में समय लगेगा.

राजदूत थापा ने बताया कि एक अन्तरिम सरकार का गठन हुआ है और मार्च 2026 में आम चुनाव कराए जाने की योजना है. नए जनादेश के ज़रिए नेपाल में लोकतंत्र को मज़बूती मिलेगी.

उन्होंने कहा कि युवाओं की आकाँक्षा, एक निष्पक्ष, न्यायपूर्ण, समृद्ध नेपाल को देखने की है. “वास्तव में, नेपाल एक ऐतिहासिक दोराहे पर खड़ा है.”

नेपाल के प्रतिनिधि ने कहा कि उनका देश महत्वपूर्ण राजनैतिक पड़ावों से गुज़र रहा है: पहली बार एक महिला ने प्रधानमंत्री पद की बागडोर अपने हाथ में ली है, मार्च 2026 में चुनाव होने तय हुए हैं, और इन क़दमों के ज़रिए लोकतंत्र को मज़बूती देने, संस्थाओं को फिर खड़ा करने और सार्वजनिक विश्वास को बहाल करने की कोशिशें हो रही हैं.

वैश्विक चुनौतियों पर चिन्ता

राजदूत थापा ने कहा कि विश्व में सैन्य ख़र्च में बढ़ोत्तरी हो रही है, विकास संकल्पों को पूरा नहीं किया जा सका है और जलवायु संकट निरन्तर बिगड़ रहा है.

यूक्रेन, सूडान, ग़ाज़ा में भीषण हिंसक टकरावों में आम नागरिकों को गहरी पीड़ा झेलनी पड़ी है.

उनके अनुसार, इन चुनौतियों के मद्देनज़र यह ज़रूरी है कि संयुक्त राष्ट्र समेत, बहुपक्षीय संस्थाओं में फिर से ऊर्जा का संचार किया जाना होगा.

नेपाल के प्रतिनिधि ने 2030 एजेंडा को साकार करने और जलवायु कार्रवाई के लिए क़दम बढ़ाने का आग्रह किया, जिसके तहत ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती और नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन ज़रूरी है.

साथ ही, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं और सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व बढ़ाने और इन संगठनों को अधिक समावेशी, पारदर्शी व जवाबदेह बनाने पर बल दिया.

लोक बहादुर थापा ने कहा कि जब संयुक्त राष्ट्र सफल होता है, तो मानवता भी सफल होती है. मगर जब यह लड़खड़ाता है, तो सबसे निर्बलों व निर्दोषों को इसकी भीषण क़ीमत चुकानी पड़ती है. इसलिए, विश्व में शान्ति व समृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए हमें एकजुट होकर खड़े होने की आवश्यकता है.