UNGA80: सुरक्षा परिषद अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण और पारदर्शी हो, मालदीव
मालदीव ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में और अधिक देशों को जगह मिलनी चाहिए और परिषद को अधिक पारदर्शनी होना चाहिए. मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह ख़लील ने, जनरल डिबेट को सम्बोधित करते हुए कहा है, "किसी भी गम्भीर सुधार को, सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता को दूर करना होगा."
मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह ख़लील ने कहा कि सुधार की शुरुआत एक ऐसी पुनर्गठित सुरक्षा परिषद से होनी चाहिए जिसमें अधिक देशों को जगह मिले, जिसमें छोटे द्वीपीय विकासशील देशों को बारी-बारी से सीट हासिल हो.
साथ ही, पुनर्गठित सुरक्षा परिषद, अपने विचार-विमर्श में पारदर्शी हो और अपने निर्णयों के प्रति जवाबदेह हो.
उन्होंने आगे कहा, "हमें एक ऐसी परिषद चाहिए जो वीटो के ख़तरे में नहीं छिपे."
अब्दुल्लाह ख़लील ने कहा कि यूएन महासचिव के तीन स्तरीय सुधार का नेतृत्व और संचालन, सदस्य देशों को करना चाहिए और इन सुधारों पर अमल पर अधिक ध्यान होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सुधारों के ज़रिए संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी बढ़नी चाहिए - विशेष रूप से छोटे द्वीपीय विकासशील देशों में; और शासनादेशों को सटीक बनाया जाए.
मालदीव के विदेश मंत्री ने कहा कि सुधार विश्वसनीयता के बारे में भी है, और "विश्वसनीयता, या तो बहुपक्षवाद में विश्वास के साथ जीवित रहती है या दम तोड़ देती है."
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय क्षेत्राधिकार से परे, क्षेत्रों की समुद्री जैव विविधता के संरक्षण और सतत उपयोग पर, संयुक्त राष्ट्र समुद्री क़ानून सम्मेलन के अन्तर्गत समझौते को पूरी तरह से लागू किया जाना चाहिए.
साथ ही, तीसरे यूएन महासागर सम्मेलन और विकास के लिए वित्तपोषण पर चौथे अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन की प्रतिबद्धताओं को "द्वीपों के लिए ठोस लाभ में परिवर्तित किया जाना चाहिए और ऋण राहत प्रदान की जानी चाहिए."